October 28, 2026

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मुंबई 28 अक्टूबर 26*कृषि बाजार : पालघर में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा एग्री मार्केट, महाराष्ट्र कैबिनेट ने दी मंजूरी*

मुंबई 28 अक्टूबर 26*कृषि बाजार : पालघर में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा एग्री मार्केट, महाराष्ट्र कैबिनेट ने दी मंजूरी*

मुंबई 28 अक्टूबर 26*कृषि बाजार : पालघर में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा एग्री मार्केट, महाराष्ट्र कैबिनेट ने दी मंजूरी*

मुंबई *किसानों की मेहनत अब सीधे दुनिया के बाजार तक पहुंचेगी, और वो भी बिना किसी झंझट के! महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐसा प्रोजेक्ट मंजूर किया है जो सुनने में जितना बड़ा लगता है, असर में उससे भी कहीं ज्यादा बड़ा साबित होने वाला है।*

* पालघर के दापचारी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार
* मुंबई से सिर्फ 150 किलोमीटर और वाधवन बंदरगाह से 40 किलोमीटर दूर होगी लोकेशन
* *कुल क्षेत्रफल:* 558.43 हेक्टेयर यानी करीब 1,395 एकड़
* फ्रांस के रुंगिस इंटरनेशनल मार्केट और नीदरलैंड के रॉय फ्लोरा हॉलैंड से प्रेरित मॉडल
* गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चैंबर, क्वालिटी टेस्टिंग लैब, कंटेनर टर्मिनल जैसी सुविधाएं
* दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, समृद्धि एक्सप्रेसवे, वाधवन पोर्ट और एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी
* ई-नीलामी प्लेटफॉर्म और निर्यात सुविधा केंद्र भी होंगे शामिल

*मुंबई के पास बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार*

● महाराष्ट्र सरकार ने पालघर जिले के दापचारी में दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय कृषि व्यापार केंद्र (International Agri Market) बनाने को मंजूरी दी।
● यह मेगा प्रोजेक्ट वाधवन बंदरगाह के पास विकसित किया जाएगा।
● परियोजना का मॉडल फ्रांस के रुंगिस इंटरनेशनल मार्केट और नीदरलैंड के रॉय फ्लोरा हॉलैंड जैसे विश्व प्रसिद्ध कृषि बाजारों पर आधारित होगा।
● मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

*1,395 एकड़ का मेगा प्रोजेक्ट*
● यह परियोजना 558.43 हेक्टेयर (लगभग 1,395 एकड़) क्षेत्र में विकसित होगी।
● दापचारी, मुंबई से लगभग 150 किमी और वाधवन बंदरगाह से लगभग 40 किमी दूर स्थित है।
● उद्देश्य किसानों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ना और कृषि निर्यात को बढ़ावा देना है।

*विश्वस्तरीय सुविधाएं एक ही स्थान पर*
* आधुनिक गोदाम (Warehouses)
* कोल्ड स्टोरेज और रिपनिंग चैंबर
* गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं
* कंटेनर टर्मिनल
* रेलवे साइडिंग
* ई-नीलामी (E-Auction) प्लेटफॉर्म
* निर्यात सुविधा केंद्र
* पैकेजिंग एवं प्रोसेसिंग यूनिट
* मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन

*बेहतरीन कनेक्टिविटी*
*यह कृषि बाजार सीधे जुड़ा होगा:*
* दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
* समृद्धि महामार्ग (एक्सप्रेसवे)
* वाधवन बंदरगाह
* नजदीकी हवाई अड्डे

*किसानों को होगा बड़ा लाभ*
● किसानों को वैश्विक खरीदारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
● बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
● सुरक्षित भंडारण और बेहतर पैकेजिंग की सुविधा मिलेगी।
● कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।
● किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
● महाराष्ट्र को वैश्विक कृषि व्यापार हब के रूप में नई पहचान मिलेगी।

*यह परियोजना आने वाले वर्षों में लाखों किसान परिवारों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।*

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