July 5, 2026

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महोबा 5जुलाई26*संस्कार संस्कृति सोच से खोले शिक्षा और कारोबार के द्वार,

महोबा 5जुलाई26*संस्कार संस्कृति सोच से खोले शिक्षा और कारोबार के द्वार,

महोबा 5जुलाई26*संस्कार संस्कृति सोच से खोले शिक्षा और कारोबार के द्वार, बुंदेली बाबू छंगा प्रसाद साहू की प्रतिमा का अनावरण

आदर्श व्यक्तित्व जीवन गाथा पर हुआ पुस्तक का विमोचन

अजय कुमार विश्वकर्मा महोबा यूपी आज तक

फोटो,,,,, भव्य प्रतिमा का अनावरण , जीवनगाथा पर पुस्तक का विमोचन करते प्रदेश के मंत्री और अन्य

महोबा। बुंदेलखंड की माटी को शिक्षा, समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाले बुंदेली माटी के बहुआयामी व्यक्तित्व बाबू छंगा प्रसाद साहू की स्मृति में स्थापित भव्य प्रतिमा का अनावरण एवं उनके प्रेरणादायी जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन शनिवार को अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह अवसर क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने प्रसिद्ध समाजसेवी स्व बाबू छंगा प्रसाद साहू की प्रतिमा का अनावरण कर उनके जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर साध्वी निरंजन ज्योती अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भारत सरकार, जयदत्त क्षीरसागर राष्ट्रीय अध्यक्ष,अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और राज्यसभा सांसद माननीय बाबूराम निषाद जी, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री माननीय राकेश सचान जी, राज्यमंत्री उ.प्र. सरकार माननीय रामकेश निषाद , राज्यमंत्री उ.प्र. सरकार जिला प्रभारी मंत्री मनोहर लाल पंथ जी (मनु कोरी जी), गो सेवा आयोग के अध्यक्ष उ.प्र. सरकार श्याम बिहारी गुप्ता , राज्य हज मंत्रालय के सदस्य उ.प्र. सरकार माननीय कमरुद्दीन जुगनू , सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट (चित्रकूट) के निदेशक एवं कार्यकारी ट्रस्टी माननीय डॉ. इलेश जी, पूर्व मंत्री उ.प्र. सरकार माननीय श्री शिवचरन प्रजापति जी, पूर्व मंत्री उ.प्र. सरकार माननीय श्री धुराम चौधरी जी, पूर्व मंत्री उ.प्र. सरकार माननीय श्री बशीरुद्दीन जी, एवं अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत बाबू छंगा प्रसाद साहू जी के जीवन, संघर्ष, सामाजिक योगदान एवं शैक्षिक उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया। पुस्तक में उनके जीवन के विभिन्न प्रेरणादायी पहलुओं तथा समाज निर्माण में दिए गए योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बाबू छंगा प्रसाद साहू जी केवल एक समाजसेवी नहीं, बल्कि शिक्षा क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाई, जब शिक्षा के संसाधन अत्यंत सीमित थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि “शिक्षित समाज ही सशक्त समाज का निर्माण कर सकता है।” इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

उन्होंने विद्यालयों की स्थापना, शैक्षणिक संस्थानों के विकास तथा गरीब, वंचित एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया तथा समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा की। उनका उद्देश्य था कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उनके प्रयासों से क्षेत्र के हजारों युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला और अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।

बाबू छंगा प्रसाद साहू जी सामाजिक समरसता, मानवीय मूल्यों और जनसेवा के भी प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने की भावना को बढ़ावा दिया और जीवनभर शिक्षा, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक एकता के लिए कार्य किया। उनके व्यक्तित्व की यही विशेषताएँ उन्हें बुंदेलखंड की माटी का एक बहुआयामी व्यक्तित्व बनाती हैं।

इस ऐतिहासिक आयोजन का संयोजन उनके सुपुत्र सिद्ध गोपाल साहू (पूर्व राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार), संदीप कुमार साहू एवं संजय साहू द्वारा किया गया। अपने पूज्य पिता के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से प्रतिमा की स्थापना कराई तथा उनके जीवन पर आधारित पुस्तक का प्रकाशन कराया। उन्होंने कहा कि बाबू छंगा प्रसाद साहू जी के विचार, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

मुख्य अतिथि डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबू छंगा प्रसाद साहू जी जैसे महापुरुष किसी एक परिवार या समाज की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर होते हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवाओं को शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमा और पुस्तक दोनों ही आने वाली पीढ़ियों को उनके महान कार्यों से परिचित कराती रहेंगी।

समारोह के अंत में सिद्ध गोपाल साहू, संदीप कुमार साहू एवं संजय साहू ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समाजजनों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। हजारों लोगों की उपस्थिति में संपन्न यह भव्य आयोजन श्रद्धा, सम्मान और गौरव का प्रतीक बन गया तथा बुंदेलखंड के सामाजिक और शैक्षिक इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में सदैव स्मरण किया जाएगा। इस अवसर पर साईं कालेज ग्रुप के प्रशासनिक अधिकारी बालेंद साहू , साकेत साहू सहित जिले भर के तमाम प्रतिनिधि समाजसेवी व्यापारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

Taza Khabar