भुवनेश्वर ३ जुलाई २०२६ * संस्कृति और सेवा की जीवंत मिसाल थीं: स्वर्ण लता दास
*”*
भुवनेश्वर के सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय जीवन से जुड़ी एक सम्मानित एवं प्रेरणास्रोत हस्ती श्रीमती स्वर्ण लता दास के निधन का समाचार पूरे ओडिशा के लिए अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति है। लगभग 78 वर्ष की आयु में उन्होंने इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया, लेकिन अपने पीछे सेवा, संस्कार और स्नेह की ऐसी अमिट छाप छोड़ गईं, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ लंबे समय तक स्मरण करती रहेंगी।
स्वर्ण लता दास केवल एक परिवार की मुखिया नहीं थीं, बल्कि समाज के लिए ममता, करुणा और आत्मीयता का प्रतीक थीं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के संरक्षण में समर्पित किया। सादगी, विनम्रता और सेवा का जो आदर्श उन्होंने अपने जीवन से प्रस्तुत किया, वह आज के समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। लोगों की सहायता करना, हर व्यक्ति को अपनापन देना और बिना किसी भेदभाव के समाज को जोड़ने का उनका स्वभाव उन्हें विशिष्ट बनाता था।
वह राधा कृष्णा पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व निदेशक एवं’ओडिशा एक्सप्रेस’ की संरक्षक थीं। वह तीन पुत्र एवं तीन पुत्रियों भरा पूरा परिवार छोड़कर गईं हैं। मीडिया परिवार से जुड़े होने के कारण उनका सामाजिक दायरा भी व्यापक था। साहित्य, पत्रकारिता, कला और सामाजिक जीवन से जुड़े अनेक लोगों के साथ उनके आत्मीय संबंध रहे। यही कारण है कि उनके निधन का समाचार मिलते ही भुवनेश्वर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, साहित्यकार, कलाकार और शुभचिंतक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुँचे तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्वर्ण लता दास का व्यक्तित्व हमें यह सिखाता है कि किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उसके संस्कार, व्यवहार और समाज के प्रति समर्पण से होती है। उनका स्नेहिल व्यक्तित्व, सेवा की भावना और सांस्कृतिक चेतना सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगी।
कहानीकार व प्रोफेसर स्वप्ना दास, समाजसेवी मोहंती, किशोर त्रिपाठी, कवि त्रिपाठी, गोपाल सिंह, संतोष मोहंती, वकील दास, राजेंद्र मोहंती, डॉ. संजीव दास और कलाकार विवेक महापात्र सहित कई विशिष्ट व्यक्तियों, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने स्वर्णलता दास के अंतिम दर्शन किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वे समाज में एक प्रखर, गुणी और मार्गदर्शक महिला के रूप में पहचानी जाती थीं। ‘माँ’ के रूप में हर किसी के प्रति उनका गहरा लगाव था।
स्वर्ण लता दास का जाना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं।
यह दुखद समाचार मिलते ही भुवनेश्वर स्थित उनके निवास स्थान पर कई गणमान्य व्यक्ति अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। पूर्व स्वास्थ्य निदेशक तथा पूर्व निदेशिका डॉ. संयुक्ता दास, सोनाली मणिराव और सिनेमा जगत के कई प्रमुख लोगों ने स्वर्गीय दास के पुत्र श्रद्धा कुमार पंडा के साथ मिलकर दुःख व्यक्त किया।
कहानीकार व प्रोफेसर स्वप्ना दास, समाजसेवी मोहंती, किशोर त्रिपाठी, कवि त्रिपाठी, गोपाल सिंह, संतोष मोहंती, वकील दास, राजेंद्र मोहंती, डॉ. संजीव दास और कलाकार विवेक महापात्र सहित कई विशिष्ट व्यक्तियों, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने स्वर्णलता दास के अंतिम दर्शन किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वे समाज में एक प्रखर, गुणी और मार्गदर्शक महिला के रूप में पहचानी जाती थीं। ‘माँ’ के रूप में हर किसी के प्रति उनका गहरा लगाव था।
उन्होंने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भरपूर जीवन जीते हुए हमेशा दूसरों की सेवा की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे एक स्नेही, सेवाभावी व्यक्तित्व की धनी थीं और उनके इस अपने पन को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज सुबह जैसे ही उनके निधन उनके पड़ोसी एससीबीई सीएम के मुख्य पाठक जीवनान्द, शिक्षाविद रंजन चौधरी सहित कई लोगों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की सद्गति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही, कई प्रतिष्ठित समाजसेवियों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करते हुए अन्वेषा महापात्र, पद्मजा दास और पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। वही दिल्ली के कई पत्रकारों एवं संगठनों ने भी संवेदना व्यक्त की है l
मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति दिल्ली की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई । अध्यक्ष- रवींद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष -अशोक कौशिक, महासचिव- रजनीकांत तिवारी एवं सर्व श्री सुरेंद्र जिंदल,श्याम सुंदर,पवन कश्यप इत्यादि ने इस दु:खद समाचार को सुनकर गहरा शोक व्यक्त किया है।

More Stories
रीवा३ जुलाई २०२६ * सीधी हाईवे मुआवजा विवाद ने गरमाई सियासत, न्याय की मांग लेकर विधायक-सांसद की चौखट पर पहुंचे सैकड़ों किसान
पूर्णिया बिहार 3 जुलाई 26 मरंगा में नाबालिग से हैवानियत, 24 घंटे में दो आरोपी सलाखों के पीछे
कारगिल युद्ध विजय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित माँ भारती के अमर सपूत #कैप्टन_मनोज_पाण्डेय जी की #२७वीं_पुण्यतिथि(बलिदान दिवस) पर सादर नमन🙏व भावपूर्ण श्रद्धांजलि💐💐।