March 12, 2026

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भागलपुर 05मई25 राजभवन से टीएमबीयू को पिछले वर्षों में प्राप्त हुए पत्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर कुलपति ने की समीक्षा बैठक,

भागलपुर 05मई25 राजभवन से टीएमबीयू को पिछले वर्षों में प्राप्त हुए पत्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर कुलपति ने की समीक्षा बैठक,

भागलपुर 05मई25 राजभवन से टीएमबीयू को पिछले वर्षों में प्राप्त हुए पत्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर कुलपति ने की समीक्षा बैठक,

बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता यूपी आजतक

राजभवन से टीएमबीयू को पिछले वर्षों में प्राप्त हुए पत्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर कुलपति ने की समीक्षा बैठक,

सूची उपलब्ध कराने के लिए दी गई तीन दिनों की मोहलत

भागलपुर। पिछले दो वर्षों में राजभवन से टीएमबीयू को प्राप्त लंबित पत्रों पर अब तक की गई कार्रवाई मामले में कुलपति प्रो. जवाहर लाल ने सोमवार को अपने आवासीय कार्यालय में विश्वविद्यालय अधिकारियों, प्रशाखा पदाधिकारियों और सेक्शन इंचार्जों के साथ समीक्षा बैठक किया।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के करीब दो दर्जन शाखाओं और कार्यालयों की बारी-बारी से समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में कुलपति को जानकारी दी गई कि स्थापना शाखा में अब तक राजभवन से कुल 31 पत्र प्राप्त हुए हैं, जबकि पेंशन शाखा में भी 31, कॉलेज इंस्पेक्टर कार्यालय में 2, एनएसएस कार्यालय में 13, सीसीडीसी कार्यालय में 11, अकाउंट से जुड़े 6 पत्र, क्लेम के 7, रिसर्च सेक्शन में 3, लीगल के 3, एस्टेट से जुड़े 2 और इंजीनियरिंग सेक्शन में 11 पत्र आए हैं। हालांकि कुछ अधिकारी और कर्मचारी पूरी तैयारी और सूचना के साथ मीटिंग में नहीं आए थे जिस पर कुलपति ने नाराजगी जताते हुए कार्य शैली में बदलाव लाने को कहा।
हालांकि कुलसचिव और कुलपति कार्यालय से भी राजभवन द्वारा किए गए पत्राचार और पेंडिंग मामलों की जानकारी वीसी ने मांगी है।
कुलपति के आदेश पर सभी संबंधित विभागों को फॉर्मेट तैयार कर उपलब्ध कराया गया है। दिए गए फॉर्मेट में तीन दिनों के भीतर पूरी सूचनाएं मांगी गई हैं। निर्धारित समय तक राजभवन के पत्राचार से जुड़ी सूचना नहीं देने वाले विभागों के अधिकारियों, सेक्शन ऑफिसर और इंचार्ज का वेतन तुरंत रोक जाएगा। साथ ही मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
पीआरओ डॉ दीपक कुमार दिनकर ने बताया कि कुलपति प्रो. जवाहर लाल ने राजभवन से विश्वविद्यालय को प्राप्त लंबित पत्रों के मामले में सख्ती दिखाते हुए लचरता और कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए है। तय समय सीमा के भीतर फॉर्मेट में जवाब उपलब्ध नहीं कराने पर दोषी पर करवाई होगी। फॉर्मेट में पिछले दो साल में राजभवन से प्राप्त पत्रों के आलोक में जानकारी मांगी गई है। साथ ही अधिकारियों को फॉर्मेट में अंडरटेकिंग भी देना होगा कि उनके कार्यालय या शाखा में राजभवन से जुड़े कोई भी मामले पेंडिंग नहीं हैं। कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में रजिस्ट्रार डॉ रामाशीष पूर्वे, डीएसडब्ल्यू डॉ बिजेंद्र कुमार, प्रॉक्टर डॉ अर्चना कुमारी साह, सीसीडीसी डा एसी घोष, एफओ ब्रज किशोर प्रसाद, कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ संजय झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ कृष्ण कुमार, डीओ अनिल सिंह, पीआरओ डॉ दीपक कुमार दिनकर, एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ राहुल कुमार, इंजीनियर संजय कुमार के अलावा एसओ विजय मिश्रा, किरण कुमारी, सर्वानंद प्रसाद, उपानंद दास, असीम कुमार, रंजीत कुमार, नील माधव मिश्रा, राकेश कुमार, मानिकचंद्र, राजीव कुमार सिंह, सुबोध कुमार, अमित आर्यन सहित सभी शाखाओं के प्रभारी उपस्थित थे।

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