प्रयागराज29दिसम्बर24*हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सामने व्यापक गंदगी
प्रयागराज, “स्वच्छ व सुंदर प्रयागराज” नारे के बीच विश्वस्तरीय दिव्य महाकुम्भ का आयोजन किया जा रहा है किन्तु उसी प्रयाग में साहित्य की हृदय स्थली हिन्दी भाषा और हिन्दी के लिए समर्पित वैश्विक संस्थान जहाँ से अनेकों अनेक मूर्धन्य साहित्यकारों ने स्वयं को तराश कर अपने कलम को नवीनतम उंचाईयों तक पहुँचा कर हिन्दी को सम्मानजनक स्तर तक ले कर जाने में संस्थान का सहयोग प्राप्त किया।
वर्तमान में उसी हिन्दी साहित्य सम्मेलन के मुख्य द्वार पर गंदगी का अंबार लगा रहता है किंतु जिम्मेदार संस्थाएं आंख मूंदे रहतीं है।
स्वच्छता की आवश्यकता शहर के साथ साथ उन स्थानों की भी है जो हमारी साहित्य सांस्कृतिक व शहर की धरोहर है।

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