पूर्णिया बिहार 26 अक्टूबर 24*एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया
पूर्णिया यूपी आज तक से मोहम्मद इरफान कामिल
बिहार राज्य सरकार के मंत्रीमंडल सचिवालय विभाग,उर्दू निदेशालय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, पूर्णियां के तत्वावधान में एक दिवसीय फरोग-ए-उर्दू सेमिनार,कवि सम्मेलन, उर्दू कर्मी एवं उर्दू शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यशाला, प्रेक्षागृह – आर्ट गैलरी मरंगा,पूर्णिया में आज दिनांक 26-10-2024 शनिवार को कार्यक्रम का उद्घाटन व शुरूआत पूर्णियां विश्वविद्यालय के माहिरे तालिम व मुख्य अतिथि प्रो मो आफताब आलम साहब व प्रो मो इजहार आलम साहब ने की। मेहमान खुशीशी पूर्णियां विश्वविद्यालय के जनाब आली मोहतरम मुकाम प्रो मो आफताब आलम साहब व प्रो डॉ मो इजहार आलम साहब सहित जाने माने कई माहिरे तालिमे शख्सियत ने भाग लिया।
प्रो मो आफताब आलम साहब व प्रो डॉ मो इजहार आलम साहब को उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय जीवछपुर बनमनखी के सहायक शिक्षक मो ज़मीर अनवर,आर्दश बलदेव मध्य विद्यालय भवानीपुर राजधाम के सहायक शिक्षक मो जुल्फिकार अली भुट्टो,मो सरफराज आलम प्राथमिक विद्यालय सहगोरा मस्जिद टोला भवानीपुर,मध्य विद्यालय हजारी टोल चनद्रही के सहायक शिक्षिका तरन्नुम जहां, प्राथमिक विद्यालय बी एम सी भोटिया के सहायक शिक्षिका बीबी असमत बानों,+2 हाई कन्हरिया डगरूआ के शिक्षिका नगमा शाही एवं महमूदा खातुन,उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लालगंज के सहायक शिक्षक मो नदीम अख़्तर अंसारी, शबाना प्रवीण,मो आशिफ,निकहत प्रवीण, पूर्णियां कालेज की तोलबा ए इल्म अनीसा असगरी ने बुके देकर सम्मानित।
जिला के समस्त उर्दू शिक्षकों ने भाग लिया।
मेहमान खुशीशी ने उर्दू भाषा पर विस्तार से जानकारी दी और उन्होंने कहा कि उर्दू और हिंदी दोनों सहोदर बहनें हैं एक दुसरे के बिना अधुरा।
उर्दू भाषा भारत की ऐसी जुबान है,जिसका मतलब लश्कर होता है, इसके बिना कोई जुबान में मिठास की कल्पना नहीं कर सकते हैं,जों मिश्री के तरह धुली है, इसके बिना जुबान की मिठास हों हीं नहीं सकता, इसलिए बड़े बड़े शख्सियत ने उर्दू को पढ़ा और आगे बढ़ा,आज सबकों उर्दू जानने की जरूरत है, साथ ही हिन्दुस्तान के समस्त अवाम को उर्दू को सीखने और सीखाने की जरूरत है।

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