July 15, 2026

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पूर्णिया बिहार 14 जुलाई26 *पूर्णिया विश्वविद्यालय में NEP-2020 को धरातल पर उतारने की तैयारी

पूर्णिया बिहार 14 जुलाई26 *पूर्णिया विश्वविद्यालय में NEP-2020 को धरातल पर उतारने की तैयारी

पूर्णिया बिहार 14 जुलाई26 *पूर्णिया विश्वविद्यालय में NEP-2020 को धरातल पर उतारने की तैयारी, विद्वत परिषद ने 7 विषयों के PG पाठ्यक्रम को दी मंजूरी*

मोहम्मद इरफान कामिल अप आजतक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डिविजन बिहार

पूर्णियाबिहार : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को तेजी से लागू करने की दिशा में *पूर्णिया विश्वविद्यालय* ने एक और अहम कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय की *26वीं विद्वत परिषद् की बैठक* में शैक्षणिक सुधारों और UGC के नए नियमों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

*कुलपति की अध्यक्षता* में हुई इस बैठक में सबसे पहले 2 जुलाई 2026 को हुई पिछली बैठक के निर्णयों की पुष्टि की गई।

बैठक में राजभवन के निर्देश पर NEP-2020 के तहत द्विवर्षीय स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष यानी सेमेस्टर-I और II के लिए *भूगोल, वनस्पति विज्ञान, उर्दू, राजनीति विज्ञान, बांग्ला, गृह विज्ञान और संस्कृत* विषयों के पाठ्यक्रमों को अनुमोदित किया गया। अन्य विषयों के पाठ्यक्रम पर जरूरत के अनुसार बाद में विचार किया जाएगा।
इसी के साथ दो वर्षीय 4 सेमेस्टर और एक वर्षीय 2 सेमेस्टर वाले PG पाठ्यक्रमों के लिए *प्रारूप अध्यादेश और विनियमावली* को भी मंजूरी दे दी गई। इसे अब विश्वविद्यालय में लागू किया जाएगा।
छात्रों के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए 4 वर्षीय CBCS स्नातक पाठ्यक्रम में SEC विषय के रूप में *’क्रॉसवर्ड्स’* को सेमेस्टर-I से IV तक पढ़ाने का निर्णय लिया गया। इससे छात्रों की भाषा, तर्कशक्ति और बौद्धिक क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
NEP-2020 के अनुरूप 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में *एग्जिट ऑप्शन* से संबंधित संशोधन को भी मंजूरी मिली। अब छात्रों को पढ़ाई के बीच में प्रवेश और निकास की लचीलापन मिलेगी।
विद्वत परिषद ने *Uniform Ordinance & Regulations for Ph.D. Degree-2026* को भी अंगीकार किया। इससे विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता और UGC के मानकों के अनुसार Ph.D. की प्रक्रिया और मजबूत होगी।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विश्वास जताया कि इन निर्णयों से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध संस्कृति और NEP-2020 के लक्ष्यों को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी। छात्रों को अब और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।

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