नोएडा09मई* अथॉरिटी की CEO ऋतु माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं तो नतीजा झेलना होगा
सीईओ ऋतु महेश्वरी (Ritu Maheshwari) को एक बार फिर झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ऋतु माहेश्वरी को गैर जमानती वारंट मामले में राहत देने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ऋतु महेश्वरी सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं।
नोएडा:नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) के सीईओ ऋतु महेश्वरी (Ritu Maheshwari) को एक बार फिर झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने ऋतु माहेश्वरी को गैर जमानती वारंट मामले में राहत देने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ऋतु महेश्वरी सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ऋतु महेश्वरी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद ऋतु महेश्वरी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए ऋतु महेश्वरी को फटकार लगाई और इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को जारी रखते हुए गैर जमानती वारंट रद्द करने से मना कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करती हैं तो आपको इसका नतीजा झेलना होगा। सुप्रीम कोर्ट में ऋतु महेश्वरी के वकील ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग करते हुए अंतरिम राहत की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप आईएएस अधिकारी हैं। आपको नियमों का पता है। CJI एनवी रमना ने कहा है कि हर दूसरे दिन कुछ अधिकारी गंभीर मामलों में भी निर्देश के लिए कोर्ट आ जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हर रोज इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता है। यह दिनचर्या हो गया है। एक अधिकारी कोर्ट जाता है। यह क्या है? अदालत के आदेशों का सम्मान नहीं करते। आज ओरल लिसनिंग (मौखिक सुनना) के दौरान SC ने मना कर दिया। कल केस लिट में होने के बाद होगी सुनवाई।
दरसल पूरा मामला इस प्रकार है कि नोएडा के सेक्टर 82 में प्राधिकरण ने 1989 को और 1990 में अर्जेंसी क्लॉज के तहत भूमि का अधिग्रहण किया था, जिसके खिलाफ जमीन के खिलाफ जमीन के मालकिन मनोरमा कुच्छल ने चुनौती दी थी। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 में मनोरमा के पक्ष में फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने अर्जेंसी क्लॉज के तहत प्राधिकरण के द्वारा लिए गए जमीन अधिग्रहण को रद्द कर दिया। और प्राधिकरण को आदेश दिया केई याचिकाकर्ता को सर्किल रेट से दुगने दरों में मुआवजा दिया जाए।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेशों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला याचिकाकर्ता के पक्ष में सुनाया और इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करने का आदेश प्राधिकरण को कहा प्राधिकरण को दिया। आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को मुआवजा नहीं दिया गया तो याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना का याचिका प्राधिकरण के खिलाफ दायर की, जिसके सुनवाई में कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ऋतु महेश्वरी को दो बार कोर्ट में बुलाया। लेकिन वह नहीं पहुंच पाई।
शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण की सीईओ महेश्वरी के वकील रविंद्र श्रीवास्तव ने न्यायालय को बताया कि ऋतु फ्लाइट से 10:30 बजे दिल्ली से उड़ान भरेंगी, अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें 10:00 बजे कोर्ट में हाजिर होना था। लेकिन जानबूझकर 10:30 बजे दिल्ली से फ्लाइट ले रही है। यह अदालत के अवमानना के दायरे में आता है, इसके बाद हाई कोर्ट ने ऋतु महेश्वरी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस कस्टडी में अदालत के अंदर पेश होने का आदेश दिया।

More Stories
हरिद्वार13जुलाई26*परम पूज्य सैनाचार्य स्वामी अचलानंद गिरि महाराज* के पावन सान्निध्य में यह दिव्य उत्सव भक्ति, भाव और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है
पूर्णिया13जुलाई26*अधिकारियों की विदाई और स्वागत, मुखिया अनवर ने दी शुभकामनाएं
कौशाम्बी13जुलाई26*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कौशाम्बी की कुछ महत्वपूर्ण खबरें