नई दिल्ली7जुलाई26*करोड़ों मोबाइल यूजर्स को लगेगा झटका! 15% तक बढ़ सकता है आपका मोबाइल बिल; क्या है कारण?*
मोबाइल यूज करना आज आम हो गया है. इसके बिना आप अपने कामकाज की कल्पना भी नहीं कर सकते. लेकिन अब देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स की जेब पर एक बार फिर से बोझ बढ़ने वाला है. आने वाले तीन से चार महीने के दौरान देश का टेलीकॉम सेक्टर मोबाइल टैरिफ में 12 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकता है. सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च (CIR) की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में कम कंपनियां और बेहतर होते कारोबारी माहौल की वजह से कंपनियां मोबाइल टैरिफ के दाम में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं. फिलहाल बाजार में तीन बड़ी प्राइवेट और एक सरकारी कंपनी ही दौड़ में शामिल हैं. इसके बाद टेलीकॉम कंपनियों के लिए कीमत में इजाफा करना आसान हो गया है. टेलीकॉम सेक्टर के फाइनेंशियल परफारमेंस पर नजर डालें तो कस्टमर तेजी से 2G से 4G और 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हुए हैं और पोस्टपेड कस्टमर की भी संख्या बढ़ी है. चालू तिमाही में दिनों की संख्या अधिक होने से भी प्राइवेट ऑपरेटर्स के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में जून तिमाही के दौरान करीब 1 से 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है. बाजार हिस्सेदारी में भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई कि भारती एयरटेल और रिलायंस जियो जैसी बड़ी कंपनियां अपनी मजबूत स्थिति के दम पर मार्केट में हिस्सेदारी बढ़ाना जारी रखेंगी, जबकि वोडाफोन आइडिया (VIL) को नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस तिमाही के दौरान रिलायंस जियो के साथ करीब 70 लाख नए कस्टमर और भारती एयरटेल के साथ 50 लाख नए कस्टमर के जुड़ने की उम्मीद है. इसके मुकाबले वोडाफोन आइडिया के नेटवर्क से केवल 2 लाख नए ग्राहक ही जुड़ सकते हैं.
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देशभर में 4G और 5G नेटवर्क की पहुंच लगातार बढ़ने से प्रति ग्राहक डेटा की खपत मजबूत बनी रहने का अनुमान है. रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने देश के 90 प्रतिशत से ज्यादा जिलों में अपनी 5G सर्विस पहुंचा दी हैं और अब उनका पूरा ध्यान नेटवर्क पर ज्यादा से ज्यादा 5G डिवाइस को जोड़ने पर है. इसके साथ ही दोनों कंपनियां 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, क्योंकि इसमें विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. संकट से बाहर निकलने की कोशिश कर रही वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) भी देश में अपनी 5G सर्विस का तेजी से एक्सपेंशन कर रही है. मौजूदा समय में वोडाफोन आइडिया का 5G नेटवर्क करीब 100 शहरों में एक्टिव है और कंपनी इस कवरेज को लगातार बढ़ा रही है. कंपनी के लिए राहत की खबर यह है कि उसके एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का बकाया बोझ भी काफी कम हो गया है. भविष्य के एजीआर भुगतान दायित्वों के वर्तमान मूल्य के हिसाब से वोडाफोन आइडिया की देनदारी घटकर करीब 25 हजार करोड़ रुपये रह गई है. यह कंपनी के के लिए वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत है.
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