June 28, 2026

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नई दिल्ली28जून26*2047 तक जैव ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत-जुएल ओराम ग्रीन पावर इंडिया–

नई दिल्ली28जून26*2047 तक जैव ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत-जुएल ओराम ग्रीन पावर इंडिया–

नई दिल्ली28जून26*2047 तक जैव ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा भारत-जुएल ओराम ग्रीन पावर इंडिया–2026 कॉन्क्लेव का सफल आयोजन ,

संवाददाता नई दिल्ली – 29 जुन 26।

नई दिल्ली*ग्रीन पावर इंडिया–2026 कॉन्क्लेव का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) के मल्टीपर्पज़ हॉल में ANA एवं आकलन द्वारा “ग्रीन पावर इंडिया–2026 : राष्ट्रीय कॉन्क्लेव” का गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ।इस कार्यक्रम का उद्देश्य हरित ऊर्जा,पर्यावरण संरक्षण,ऊर्जा सुरक्षा तथा विकसितभारत–2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए नीति- निर्माताओं,वैज्ञानिकों,उद्योग जगत,शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों को एक साझा मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक जैव ईंधन एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म निर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं,बल्कि ऊर्जा सुरक्षा,आर्थिक विकास,रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला है।उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों,स्थानीय ज्ञान और नवाचारों के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भविष्य में जैव ईंधन भारत की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
विशिष्ट अतिथि भारत में पलाऊ गणराज्य के कॉन्सुल जनरल डॉ. नीरज ए. शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को जनआंदोलन बनाना होगा।उन्होंने कृषि अवशेषों से जैव ईंधन निर्माण को किसानों की आय बढ़ाने तथा पराली जलाने की समस्या के स्थायी समाधान का प्रभावी माध्यम बताया।मुख्य वक्ता गौतम मेहरा ने ई-वेस्ट प्रबंधन और हरित प्रौद्योगिकी को संस्थागत रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।पूर्व निदेशक, लोकसभा सचिवालय शिव कुमार बिलग्रामी ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में जनभागीदारी की आवश्यकता बताई,जबकि योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने योग, स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण के परस्पर संबंधों पर प्रकाश डाला।
आयोजक एवं आकलन के प्रधान संपादक वी. राज बाबुल ने कहा कि विकसित भारत–2047 का लक्ष्य आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के संतुलित समन्वय से ही प्राप्त किया जा सकता है।कॉन्क्लेव में “Advancing Sustainable Energy for a Greener India” विषय पर सौर एवं पवन ऊर्जा, जैव ईंधन, ऊर्जा दक्षता, ई-वेस्ट प्रबंधन और हरित प्रौद्योगिकी पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में देशभर से आए विशेषज्ञों,उद्योग प्रतिनिधियों,शिक्षाविदों,मीडिया प्रतिनिधियों और युवाओं ने भाग लेकर हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प दोहराया।
अंत में आयोजकों ने सभी प्रायोजकों, सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।