नई दिल्ली ७ जुलाई २६**भारत की सिलिकॉन वैली: मोदी ने सेमीकंडक्टर प्लांट का किया उद्घाटन;
अब जापान, अमेरिका और यूरोप को चिप भेजेगा भारत*
*”यहां हर साल 20 करोड़ चिप्स बनाए जाएंगे. मुझे यह भी पता चला है कि आप यहीं नहीं रुकेंगे; आपने हर साल 500 करोड़ चिप्स बनाने का लक्ष्य रखा है—यानी हर दिन 1.5 करोड़ से ज्यादा चिप्स”*
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का भव्य उद्घाटन किया.*
* इस प्लांट में बनने वाली चिप्स का इस्तेमाल कारों, स्कूटरों और कई तरह के औद्योगिक कामों में किया जाएगा.
* इस सुविधा में तैयार भारत निर्मित चिप्स जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित बाजारों को एक्सपोर्ट की जाएंगी.
* इससे भारतीय टेक्नोलॉजी को दुनिया भर में एक नई पहचान मिलेगी.
* पांच साल पहले, भारत ने देश को सेमीकंडक्टर हब बनाने का संकल्प लिया था।
* हम ‘डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ आगे बढ़े, और आज, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप पैकेजिंग का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है.
*पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर अर्थव्यवस्थाओं के समूह) की श्रेणी से बाहर निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन चुका है.*
*🇮🇳 साणंद बना भारत की नई ‘सिलिकॉन वैली’, रोज़ बनेंगी 1.5 करोड़ चिप्स*
– 🇮🇳 गुजरात का साणंद भारत की नई “सिलिकॉन वैली” और वैश्विक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है।
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया, जो देश के चिप निर्माण मिशन में ऐतिहासिक कदम है।
– साणंद से जल्द ही रोज़ाना 1.5 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन होगा।
– CG Semi ने सेमीकंडक्टर पैकेजिंग का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है, जिसकी शुरुआती क्षमता 20 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष है।
*कंपनी का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाकर 500 करोड़ चिप्स प्रतिवर्ष करना है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर इकाइयों में शामिल होगी।*
– यहां बनने वाली चिप्स का जापान, अमेरिका और यूरोप को निर्यात किया जाएगा, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।
– इस प्लांट के साथ गुजरात में चिप निर्माण, पैकेजिंग, टेस्टिंग लैब और सहायक उद्योगों वाला एक पूर्ण सेमीकंडक्टर क्लस्टर विकसित हो रहा है।
– प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि गांधीनगर और साणंद के पास 300–400 एकड़ भूमि पर सेमीकंडक्टर हब विकसित करने का सपना अब साकार हो रहा है।
– भारत की रणनीति केवल इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली तक सीमित नहीं, बल्कि चिप डिज़ाइन, निर्माण, पैकेजिंग और टेस्टिंग सहित पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करने की है।
– 🇮🇳 ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों के बल पर साणंद भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर है।
– भारत आज आधिकारिक तौर पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है।
*Make in India और PLI योजना के तहत देशभर में 300 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाइयाँ संचालित हो रही हैं, जबकि Apple और Samsung जैसी वैश्विक कंपनियाँ भारत में अपने उत्पादन का तेजी से विस्तार कर रही हैं।*

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