May 19, 2024

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दिल्ली10मई2024*एक सुखद अनुभूति एवं समाचार जिसने इतिहास रच दिया*

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दिल्ली10मई2024*एक सुखद अनुभूति एवं समाचार जिसने इतिहास रच दिया*

परवीन चावला की खास रिपोर्ट यूपीआजतक

*राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री पुरस्कार के किया सम्मानित । पोलियो के कारण बचपन में हाथ-पैर गंवा चुके हैं डॉ. राजन्ना दिव्यांग होने के बावजूद दिव्यांगजनों के लिए कर रहे काम*

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2024 के लिए नागरिकों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए. समारोह के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य मौजूद रहे. इस दौरान दिव्यांगजनों के वेलफेयर के लिए काम करने वाले दिव्यांग सोशल एक्टिविस्ट केएस राजन्ना को पद्मश्री से अलंकृत किया. सम्मान प्राप्त करने के लिए अपना नाम पुकारे जाने पर राजन्ना अपनी कुर्सी से उठे और सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और हाथ पकड़कर उनका अभिवादन किया. प्रधानमंत्री मोदी भी कुछ सेकेंड तक राजन्ना के दिव्यांग हाथों को थामकर आह्लादित होते दिखे.

*राजन्ना के नाम हैं कई उपलब्धियां*
डॉ. केएस राजन्ना कर्नाटक के मांड्या जिले के रहने वाले हैं। वह अपने मात-पिता की सातवीं संतान हैं। 11 साल की उम्र में पोलियो की वजह से हाथ-पैर गंवाने के बावजूद उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने ना सिर्फ अपनी पढ़ाई पूरी की बल्कि लेखन, हस्तशिल्प के साथ ही डिस्कस थ्रो, ड्राइविंग और स्विमिंग भी सीखी। 1975 में उन्होंने स्टेट सिविल सर्विस की परीक्षा पास की। 1980 में उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा भी हासिल कर लिया। डॉ. राजन्ना ने साल 2003 में पैरालंपिकक में दो मेडल भी जीत चुके हैं। राजन्ना को 54 साल की उम्र में साल राज्य में कमिश्नर नियुक्त किया गया था। राजन्ना मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक है।
उन्होंने 2002 में पैरालिंपिक में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक और तैराकी में सिल्वर पदक जीतकर एक खिलाड़ी के रूप में प्रशंसा हासिल की है। उन्होंने अपना खुद का बिजनेस शुरू किया। इसमें उन्होंने शारीरिक रूप से विकलांगों सहित 500 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया। डॉ. राजन्ना के अनुसार विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लिए कोई राजनीतिक आरक्षण नहीं है। ऐसे में उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुरस्कार राज्य और केंद्र सरकार को एक विकलांग व्यक्ति को विधान परिषद या राज्यसभा के सदस्य के रूप में नियुक्त करने के लिए प्रेरित करेगा।

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