दिल्ली १८ दिसंबर २५ * गरीबों की सहारा मनरेगा के पीछे क्यों पड़े मोदी……….
ये नाम नहीं गांधी और कांग्रेस की सोच मिटाने की घटिया कोशिश। .
अगर आपको याद नहीं तो बता दूं कि कोरोना लॉकडाउन में जब सारी फैक्ट्रियाँ बंद हो गई थी, शहरों में काम खत्म हो गया था, लाखों मज़दूर पैदल गाँव लौटने को मजबूर थे, तब मनरेगा ही उनका आख़िरी सहारा बना था।
उस समय देश के करीब 11 करोड़ से ज़्यादा लोगों को रोज़गार मिला। संकट की घड़ी में मनरेगा ने भूमिहीन गरीबों, मजदूरों को डूबने नहीं दिया।
अगर मनरेगा नहीं होता, तो कोरोना काल में गरीबी, भूख और पलायन का संकट कई गुना ज़्यादा भयावह होता। मगर मनरेगा ने साबित किया कि कांग्रेस की ये सोच सिर्फ योजना नहीं, आपदा में जीवनरेखा है।
लेकिन अब गांधी का नाम हटाकर VB-G RAM G बिल, 2025 पेश कर मोदी सरकार गरीबों को फिर से कार्पोरेट का गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है। वो राम नाम की आड़ में गांधी का नाम मिटाने की घटिया कोशिश कर रही है।
पहले इस योजना के लिए पूरा 100 फीसदी फंड केंद्र सरकार देती थी। मगर अब मोदी जो बिल लाए हैं, उसमें कहा गया है कि केंद्र सिर्फ 40 फीसदी पैसा देगा, बाकी 60 फीसदी पैसा राज्य को खुद मैनेज करना पड़ेगा
नए बिल के लागू होने के बाद क्या बदलेगा ?
1️⃣ मनरेगा देश का इकलौता क़ानून है जो गरीब को काम मांगने का अधिकार देता है। काम मांगो तो सरकार जवाबदेह होती है। मगर नए VB-G RAM G के लागू होते ही सरकार की जवाबदेही खत्म हो जाएगी। अगर फंड होगा तो काम मिलेगा, नहीं तो नहीं।
2️⃣ मनरेगा के तहत जब गाँव में काम मिलता है, तो सस्ते मज़दूर शहरों की फैक्ट्रियों में नहीं बिकते। कॉरपोरेट मॉडल को यही सबसे ज़्यादा चुभता है। मगर अब VB-G RAM G के लागू होते ही मजदूरों को फिर से कार्पोरेट की गुलामी करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
3️⃣मनरेगा सूखा, बाढ़ या मंदी के समय गरीबों को न्यूनतम आमदनी देता था,जिससे गरीब परिवारों को भूखे नहीं सोना पड़ता था। यही तो बात अमीरों को चुभता था।
4️⃣ मनरेगा में बड़ी संख्या में महिलाएँ काम करती हैं। बराबर मज़दूरी और सीधे बैंक खाते में भुगतान महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान देता है। लेकिन VB-G RAM G के लागू होते ही महिलाओं की ये ताकत छिन जाएगी।
5️⃣ मनरेगा के तहत तालाब, सड़क, जल संरक्षण और मिट्टी सुधार जैसे काम सिर्फ़ रोज़गार नहीं, बल्कि गाँव के भविष्य की नींव तैयार करते थे। लेकिन VB-G RAM G के लागू होने के बाद गांव का विकास भी फंड के ऊपर आश्रित हो जाएगा।
इसलिए कह रहा हूं कि मोदी सरकार VB-G RAM G की आड़ में सिर्फ कांग्रेस और महात्मा गांधी के विजन पर हमला नहीं कर रही बल्कि गरीबों, भूमिहीनों, मजदूरों और महिलाओं का अधिकार भी छीन रही है।
इस सरकार ने पहले नौजवानों को परेशान किया, फिर किसानों को परेशान किया, और अब मजदूरों और गरीबों को करना चाहती है।
अब आपको तय करना है कि सरकार की नीतियों का आप विरोध करेंगे या आपको अपनी बारी का इंतजार करना है……लिख लीजिए आपका भी नंबर आएगा

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