जोधपुर27जून*सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गए प्लॉट पर कब्जा पाने के लिए दर दर भटक रही एक बरिष्ठ कॉंग्रेसी महिला
सरकार कब्जाशुदा प्लॉट आवंटित करती है तो उसकी जिम्मेदारी है और थी 40 वर्ष कैसे लग गए न्याय के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है ज़िम्मेदारी निभाए दोषियों को दे सजा
सरकार ने यूआईटी स्कीम में उस वक्त 1982 मे यूआईटी चेयरमैन स्वर्गीय मानसिंह देवड़ा जी थे जिन्होंने प्लाट अलॉट करते वक्त ध्यान नही दिया की वहा कई प्लॉट में कब्जे किए हुए है लोकल माली लोगों ने उस प्लॉट में अगर पहले से कब्जा है सरकार की पूरा भरसक प्रयत्न रहना चाहिए बल्कि अब तक 40 वर्ष तक प्लाट का मालिक चक्कर लगाकर पैसे खिलाकर दर दर का हो गया अंत में विमल स्वरूप गर्ग की मृत्यु हो गई अब विधवा पत्नी ऊषा गर्ग ने सबके सामने न्याय की गुहार की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी फिर भी नही मिला रहा अब तक न्याय जेडीए जाओ निगम भेजता निगम जेडीए भेजता रहा थक हार कर बीच बचाव वाले जो ऑफिस वाले ही बताते है वो जल्द करवा देंगे वहां से सब मिलकर ओरिजनल फाइल भी गायब करवा देते है फिर भी उम्मीद के लिए हम जाते रहे ऑफिस में मिले खराब व्यवहार लोगों का फिर 2020 में उस वक्त श्री घनश्याम जी ओझा जो नगर निगम में महापौर पद में कार्यरत थे प्लॉट की किश्त दी हुई थी प्लॉट देखा हुआ था कब्जाशूदा प्लॉट केसे आवंटित हुआ ये मालिक की गलती थोड़े ही है ये कहकर श्री घनश्याम जी ओझा को सब डॉक्यूमेंट्स थे बताए और पूरा 40 साल पुराना रिकॉर्ड करीब 20 दिन लगातार चक्कर लगाए तब इतनी सारी फाइल के बाद बहुत मुश्किल से निकलवाया और फिर जेडीए को लैटर भेजा एक कॉपी हमे दी की आपको हमने ट्रांसफर कर दिया है यूआईटी कीर्ति नगर बस तबसे जेडीए हमे नगर निगम भेज रहा निगम हमे जेडीए थक हार कर हमने यध्श्वी मुख्यंमत्री अशोक गहलोत साहब आपको जनसुनवाई में दिया था कलेक्टर जी ने भी लिखा कार्यवाही हो रही है अपने स्तर पर भी पता करे निगम से भी कॉल आया उन्होंने एक बार फिर जेडीए को लेटर दिया ये केवल एक दिन नही कई चक्कर लगाने के बाद हुआ फिर एकल खिड़की में जेडीए में लगाया अब जेडीए ने कई सारे चक्कर लगाने के बाद फिर नगर निगम को दिया मुख्य्मंत्री जी ये कैसी व्यव्स्था है जो सीधा साधा प्लॉट आवंटित था कही दूसरी जगह दे देना था 40 वर्ष आस को कर मालिक कई बीमारी के बाद कोरोना से डैथ हो गई aiims में भर्ती थे आईसीयू में फर्क नहीं पड़ रहा था फैफडे पूरे खराब हो गए cimms हॉस्पिटल अहमदाबाद में और इससे पहले भी भर्ती के कारण कर्जा भी हो गया बच्चे इस हालत में हमे छोड़ कर अलग रहते है जो दोनो शादी शुदा है बेटियां है जमाई मुझसे कोई संपर्क नहीं है न ही हेल्प के लिए त्यार है किरपा मेरे इस प्लॉट की जगह कही बेहतर जगह प्लॉट दिलवाने का श्रम करवाए अब हमारी हिम्मत भागने की नही है सीएचबी से जेडीए निगम बहुत दूर और खर्च धूप सब है मेरे जीने का सहारा हो जाएगा और कर्ज भी उतर जाएगा आपकी हमे पूरी तरह से उम्मीद है आप अवश्य न्याय करेंगे पीड़िता उषा गर्ग कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व पार्षद प्रत्याक्षी 12/170 चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड जोधपुर राजस्थान मोबाइल 9414477101

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