July 25, 2024

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कौशाम्बी29मार्च24**प्रशासन की निगहबानी में चल रही मौत की फैक्ट्री*

कौशाम्बी29मार्च24**प्रशासन की निगहबानी में चल रही मौत की फैक्ट्री*

कौशाम्बी29मार्च24**प्रशासन की निगहबानी में चल रही मौत की फैक्ट्री*

*पर्यावरण और प्रदूषण की धज्जियां उड़ाते हुए फैक्ट्री से उड़ रहे जानलेवा धुआ पर नहीं हुई कार्रवाई*

*समाज के ठेकेदार सांसद विधायकों ने जनता की आवाज बनकर मौत की फैक्ट्री बंद कराने का नहीं किया है प्रयास जिससे समाज के इस ठेकेदारों की घटिया सोच का लगाया जा सकता है अंदाजा*

*कोखराज कौशाम्बी* सिराथू तहसील क्षेत्र के कोखराज थाना अन्तर्गत चाकवन चौराहे के आबादी के आस पास प्रशासन की निगाहबानी में मौत की फैक्ट्री बेखौफ तरीके से चल रही है इस फैक्ट्री से उड़ने वाले जहरीले धुएं से इलाके के हजारों परिवार के लोग बेचैन हो गए हैं लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं फेफड़े और हृदय रोग से ग्रसित ग्रामीण बार-बार फैक्ट्री के धुएं से निजात पाने की मांग कर रहे हैं लेकिन पर्यावरण विभाग से लेकर प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने फैक्ट्री से उठने वाले धुएं को बंद कराने के वजाए फैक्ट्री मालिकानों के सामने घुटने टेक दिए हैं जिससे गांव की जनता मौत के मुंह में जाने को विवश है नियम विरुद्ध इस फैक्ट्री का संचालन हो रहा है जो भ्रष्टाचार मुक्त पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है

छोटे-छोटे मामले में प्रदूषण और पर्यावरण की बात करने वाले बड़े-बड़े अधिकारियों को कोल तार की फैक्ट्री से उठने वाले जहरीले धुएं दिखाई नहीं पड़ रहे हैं जानलेवा धुएं के चलते हजारो लोगों का प्रतिदिन दम घुट रहा है फैक्ट्री से निकलने वाली ट्रके कई किलोमीटर तक जहरीला धुआं छोड़ती है जिस इलाके के लोग बेचैन हैं फैक्ट्री से निकलने वाले वाहनों को ढक कर नहीं रखा जाता है जिससे आबादी के बीच से निकलने वाले वाहन जहरीला धुआं छोड़ते हैं और वाहन के निकलने के समय लोग काफी देर तक बेचैन हो जाते हैं वाहनों के निकलने के बाद लोगों का सांस लेना मुश्किल होता है दम घुटने लगता है कोलतार की इस फैक्ट्री से निकलने वाले जहरीले धुएं के साथ-साथ फैक्ट्री से निकलने वाले वाहनों के जहरीले धुएं से बेचैन लोगों ने कई बार थाना पुलिस से लेकर आला अधिकारियों तक गुहार लगाई लेकिन मौत की इस फैक्ट्री को बंद कराने का प्रयास अधिकारियों ने नहीं किया है आखिर किसके अधिकार क्षेत्र से यह मौत की फैक्ट्री आबादी के आसपास चल रही है और फैक्ट्री से निकलने वाले वाहनों को कैसे जहरीले धुएं के साथ आबादी के बीच प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है यह तमाम बातें योजना से जुड़े अधिकारियों के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रही है यदि कोलतार से उठने वाले जहरीले धुएं को जल्द नहीं बंद कराया गया तो कोलतार की फैक्ट्री से उड़ने वाले जहरीले धुएं से ग्रामीणों को मौत के मुंह में जाने से नहीं रोका जा सकता है

बीते कई महीने से स्थिति इतनी बदतर है कि ग्रामीण कोलतार के धुयें से परेशान है बीमार की स्थिति में लोगों को अब अपने परिवार की मौत दिखाई पड़ने लगी है जानकारी के अनुसार स्मैल चिमनी से धुआँ निकलने पर लगभग 500 मीटर तक जहरीला धुआं घण्टो बना रहता है जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है लेकिन कोई भी अधिकारी इस मामले की सुध लेने को तैयार नहीं है नियम कानून की बात करें तो आबादी के बीच जहरीले धुएं की फैक्ट्रियां नहीं चलाई जा सकती हैं उन्हें मैदानी इलाकों में लगाया जाना चाहिए लेकिन इस मामले में नियम कानून की धज्जियां उड़ाई गई है फैक्ट्री की चिमनी की ऊंचाई भी निश्चित क्षमता से कम बनाई गई है चिमनी की निर्धारित ऊंचाई का पालन इस फैक्ट्री के मालिकानों द्वारा नहीं किया गया है चिमनी की ऊंचाई कम होने से सब्जी की फसलों व आसपास के फलदार पेड़ों पर भी इसका कुप्रभाव पड़ रहा है फासले खराब होने से किसान भी परेशान हो गए हैं चिमनी के दिन में भी जलने से वा बाजार वाले दिन भी जलने से रोड़ में निकलने वाले यात्रियों को भी सांस लेने में दिक्कत होती हैं आसपास के किसान और आबादी के लोग भी बेहद परेशान हैं बडे़ बडे़ डम्फर होने के कारण चौराहे पर मुडने में परेशानी होने से धुआं उगलते वाहन काफी देर तक खड़े हो जाते हैं जिससे जनता को परेशानी होती है धुँआ उगलते वाहनों के चलते आये दिन लोगों से नोकझोक होता है लेकिन उसके बाद भी पर्यावरण विभाग से लेकर प्रदूषण विभाग तक के अधिकारी मौत उगलते इस धुएं को बंद कराने को तैयार नहीं है जिससे जनता को सड़क पर उतरना पड़ सकता है और यदि जनता ने सड़क पर उतरकर आंदोलन कर दिया तो प्रशासन की मुसीबत बढ़ जाएगी इसलिए समय रहते मौत की इस फैक्ट्री को बंद कराना होगा और मौत की फैक्ट्री संचालन करने का आदेश देने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई कर उनकी गिरफ्तारी करानी होगी आखिर उन्होंने मौत की फैक्ट्री संचालक आबादी के बीच करने का आदेश देने की जुर्रत कैसे की है मौत की फैक्ट्री के संचालन के बाबत अभी तक समाज के ठेकेदार सांसद विधायकों ने भी जनता की आवाज बनकर मौत की फैक्ट्री बंद कराने का प्रयास नहीं किया है जिससे समाज के इन ठेकेदारों की घटिया सोच का अंदाजा लगाया जा सकता है |

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