March 1, 2024

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कौशाम्बी03दिसम्बर23*सीता स्वयंवर व लक्ष्मण-परशुराम संवाद का दर्शकों ने लिया आनंद*

कौशाम्बी03दिसम्बर23*सीता स्वयंवर व लक्ष्मण-परशुराम संवाद का दर्शकों ने लिया आनंद*

कौशाम्बी03दिसम्बर23*सीता स्वयंवर व लक्ष्मण-परशुराम संवाद का दर्शकों ने लिया आनंद*

*कौशाम्बी।* रामायण कला नेवादा ब्लाक के ग्राम चित्तापुर श्री आदर्श रामलीला कमेटी द्वारा ग्राउंड में संचालित श्री रामलीला मंचन के दौरान शनिवार को सीता स्वयंवर व लक्ष्मण-भगवान परशुराम संवाद का मंचन किया गया। इस दौरान काफी संख्या में लोगों ने रामलीला ग्राउंड में पहुंचकर राम विवाह में भाग लिया।

श्री आदर्श रामलीला के अध्यक्ष ध्रुव कुमार द्विवेदी ने बताया कि मंचन के दौरान जनकपुर के महाराजा जनक सीता स्वयंवर की घोषणा करते हैं और राजकुमारों का दरबार पहुंचना शुरू होता है। स्वयंवर में आए सभी राजकुमार भगवान शंकर के धनुष को उठाने का प्रयास करते हैं, लेकिन विफल रहते हैं। राम-लक्ष्मण भी दरबार में पहुंचते हैं, जब सभी राजा लोग शिव धनुष के समक्ष शक्तिहीन हो गए तब महर्षि विश्वामित्र राम से कहते हैं कि उठहुं राम भंजहु भव चापा, मेटहु तात जनक परितापा। इसके बाद राम महर्षि की आज्ञा पाकर उठते हैं और शिव धनुष को एक ही पल में उठाकर तोड़ देते हैं। इस दृश्य के मंचन के साथ ही जोरदार पटाखों की आवाज होती है और लोग जय श्री राम के जयघोष लगाते हैं। इसके बाद श्रीराम व सीता का विवाह संपन्न होता है। लेकिन इसके बाद धनुष टूटते ही मंच पर भगवान परशुराम का आगमन होता है और वह क्रोधित होकर धनुष किसके द्वारा तोड़ा गया पूछते हैं। इसके बाद लक्ष्मण व परशुराम के जोशीले संवाद सुनकर दर्शकों की स्थिति भी विचित्र बन जाती है, जिसके बाद प्रभु राम भगवान परशुराम से बात करते हैं, जिसके बाद भगवान परशुराम को पता चलता है कि धरती पर स्वयं नारायण ने जन्म लिया है, जिसके बाद उनका गुस्सा शांत हो जाता है। रामलीला मंचन में मौजूद कोषाध्यक्ष हरिशचंद्र मिश्रा, कृष्ण कुमार द्विवेदी राहुल, द्विवेदी, अभिषेक मिश्रा, मोतीलाल विश्वकर्मा, नन्नू दर्जी आदि लोग मौजूद रहे।

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