October 14, 2026

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कौशाम्बी 14अक्टूबर 26*भरवारी के कंपोजिट विद्यालय परसरा में बेटियों को सशक्त बनाने की अनोखी पहल*

कौशाम्बी 14अक्टूबर 26*भरवारी के कंपोजिट विद्यालय परसरा में बेटियों को सशक्त बनाने की अनोखी पहल*

कौशाम्बी 14अक्टूबर 26*भरवारी के कंपोजिट विद्यालय परसरा में बेटियों को सशक्त बनाने की अनोखी पहल*

*क्लास 6 की छात्रा कौशल्या बनी एक दिन की प्रधानाध्यापिका,संभाला पूरे स्कूल का कार्यभार*

*भरवारी कौशाम्बी* नगर पालिका परिषद भरवारी स्थित कंपोजिट विद्यालय परसरा ने शिक्षा के साथ-साथ छात्राओं में नेतृत्व और आत्मविश्वास जगाने की एक मिसाल पेश की है विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका नीतू सक्सेना की प्रेरणा से कक्षा 6 की मेधावी छात्रा कौशल्या देवी को एक दिन के लिए विद्यालय का हेड मास्टर (प्रधानाध्यापिका) नियुक्त किया गया। सुबह प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी तक पूरे विद्यालय की कमान छात्रा कौशल्या के हाथों में रही।जानकारी के अनुसार,एक दिन की हेड मास्टर बनी कौशल्या ने सुबह सबसे पहले प्रार्थना सभा का संचालन किया। उसके बाद उसने सभी कक्षाओं का भ्रमण कर उपस्थिति पंजिका चेक की, शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की। मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता परखी,साफ-सफाई व्यवस्था देखी और बच्चों में अनुशासन बनाए रखने के लिए निर्देश भी दिए।इस दौरान उसने अपने सहपाठियों को मन लगाकर पढ़ने और विद्यालय को स्वच्छ रखने की प्रेरणा भी दी।

*बच्चों में खुशी की लहर*

*भरवारी कौशाम्बी* इस अनोखे प्रयोग से विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं में खुशी और उत्साह का माहौल है। खासकर छात्राओं में तो गजब का आत्मविश्वास देखने को मिला। विद्यालय के अन्य बच्चों ने भी कहा कि उन्हें भी एक दिन प्रधानाध्यापक बनने का मौका मिलना चाहिए।

*अध्यापिका ने कहा – बेटियों को आगे बढ़ाना लक्ष्य*

*भरवारी कौशाम्बी* इस संबंध में अध्यापिका नीतू सक्सेना ने बताया कि “सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति पर जोर दे रही है। हमारा उद्देश्य भी छात्राओं में बचपन से ही लीडरशिप क्वालिटी,निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी का एहसास कराना है। जब एक छात्रा पूरे स्कूल को संभालती है तो उसका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। यह पहल आगे भी जारी रहेगी।”विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। इस तरह के नवाचार से निश्चित ही परिषदीय विद्यालयों की छवि बदल रही है और बच्चों में कुछ कर दिखाने का जज्बा पैदा हो रहा है।

 

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