कौशांबी २८ जनवरी २६*लाखों पौधे सूखने के बाद डीएफओ डीएम कमिश्नर कंजरवेटर को दोषी मानते हैं मंझनपुर रेंजर*
*14 वर्ष में दो करोड़ पौधे रोपित करने में सरकार का 100 करोड रूपए हुआ खर्च*
*यदि दो करोड़ पौधे कौशांबी में होते तैयार तो 50 हजार करोड रुपए होती कीमत*
*कौशांबी।* मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2012 से वृहद पौधारोपण का अभियान शुरू हुआ और वर्ष 2025 तक में कौशांबी जिले में 2 करोड़ से अधिक पौधे अभिलेखों में रोपित किए गए लेकिन वर्तमान में जमीनी हकीकत में 20 लाख पौधे भी कौशांबी में नहीं बचे हैं यदि मंझनपुर रेंज क्षेत्र की बात करें तो लगभग 70 लाख पौधे 14 वर्ष के बीच में रोपित किया गया है बीते 14 वर्षों के बीच रोपित किए गए 70 लाख पौधों में वर्तमान में 7 लाख पौधे भी मंझनपुर रेंज क्षेत्र की धरती पर मौजूद नहीं दिखाई पड़ रहे हैं एक विशेष मुलाकात के दौरान इस संबंध में जब चर्चा उठाई गई तो रेंजर का कहना है कि वन विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों से पौधे का रोपण जिला अधिकारी द्वारा कराया जाता है यदि पौधे सूख गए हैं तो उसके जवाब देही जिला अधिकारी की होगी उनका कहना है कि जिले के अफसर जिला प्रभागीय वनाधिकारी होते हैं मंडल में कंजरवेटर और चीफ होते हैं मंझनपुर रेंज क्षेत्र में देखरेख के अभाव में 60 लाख से अधिक पौधे सूख जाने के बाबत रेंजर स्पष्ट तौर से डीएम डीएफओ कंजरवेटर कमिश्नर को दोषी मानते हैं उनका कहना है कि पौधे सूखने के पीछे बड़े अफसर का जवाब होना चाहिए इतना ही नहीं वन विभाग के रेंजर मंझनपुर तो पूरे उत्तर प्रदेश में पौध रोपण में हेरा फेरी की बात करते हैं सरकार में रहते हुए सरकार की छीछालेदर रेंजर कर रहे हैं अब सवाल उठता है कि वन विभाग के मंझनपुर रेंज क्षेत्र में 60 लाख पौधे देख रेख के अभाव में सूख गए है विभागीय अफसर की लापरवाही के चलते पौधे सूख जाने के बाद 14 वर्ष में दो करोड़ पौधे रोपित करने में हुए खर्च सरकार को 100 करोड रूपए राजस्व की क्षति हुई यदि तैयार होने के बाद एक पौधे की कीमत 25 हजार रुपए मान ली जाए तो दो करोड़ पौधे तैयार हो जाते 50 हजार करोड रुपए सरकार को लाभ होता लाखों जनता को ऑक्सीजन मिलता गरीबों को लकड़ी मिलती पशु पक्षियों को फल फूल मिलते हैं लेकिन रेंजर के कारनामे ने सब कुछ छीन लिया है सरकार को 50 हजार करोड का नुकसान पहुंचाने वाले अफसर को चिन्हित किया जाए इन पर मुकदमा दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा या फिर पौधे सूखने के बाद सरकार के 50 हजार करोड़ का नुकसान रद्दी में डाल दिया जाएगा।

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