May 24, 2024

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कानपुर20अप्रैल24,*सर पदमपत सिंघानिया सभागार में "ऐजिंग ग्रेसफुली" पर एक सत्र (टॉक शो) आयोजित किया गया।

कानपुर20अप्रैल24,*सर पदमपत सिंघानिया सभागार में “ऐजिंग ग्रेसफुली” पर एक सत्र (टॉक शो) आयोजित किया गया।

कानपुर20अप्रैल24,*सर पदमपत सिंघानिया सभागार में “ऐजिंग ग्रेसफुली” पर एक सत्र (टॉक शो) आयोजित किया गया।

आज मर्चेन्ट्स चैम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश की हेल्थ एंड लाइफस्टाइल मैनेजमेंट समिति द्वारा सर पदमपत सिंघानिया सभागार में “ऐजिंग ग्रेसफुली” पर एक सत्र (टॉक शो) आयोजित किया गया।

सत्र का शुभारम्भ आये हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

सत्र के आयोजन में मर्चेंट्स चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष श्री अतुल कानोडिया ने उपस्थित सभी सदस्यों तथा आगंतुकों का स्वागत किया एवं मर्चेंट्स चैम्बर और कानपुर के इतिहास से अवगत कराया तथा बताया की इस सत्र से हम सबको बहुत कुछ नयी जानकारियां मिलेंगी जो हमे स्वस्थ शरीर रखने में मदद करेगी।

सत्र के बारे में डॉ अवध प्रकाश दुबे ने अवगत कराया।

डॉ. ए एस प्रसाद ने सत्र शुरू करते हुए बताया कि उम्र बढ़नी या जिसको एजिंग केहते है वो लोग समझते है की 40 की उम्र के बाद शुरू होती है पर ऐसा नहीं है। शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक पैदा होते ही चलनी शुरू हो जाती है। वही उम्र बढ़ने का भी कारण होती है। इन सबमे सबसे बड़ा रोल जीन्स का है, और हर व्यक्ति को जीन्स अपने माता या पिता की तरफ से मिलते है. इस तरह से वो अपने परिवार के अच्छे और बुरे दोनों ही जीन्स लेता है, और उनकी बॉडी के व्यवहार में उन्ही जीन्स का मिश्रण सहायक होते है।

ये कहा जाता था की ऐजिंग एक नार्मल प्रक्रिया है, लेकिन अब विज्ञान दिखा रहा है की हम अपने जीन्स को ऐसे इन्फ्लुएन्स कर सकते जिससे हम अपनी एजिंग प्रोसेस को स्लो कर सकते है। ये देखा गया है की बुढ़ापे में किसी शरीर के एक सेल को लेकर उसे क्लोन किया जाए तो जो व्यक्ति या पशु बनेगा वो बिलकुल उस व्यक्ति या पशु के जैसा ही बनेगा जिसका सेल इस्तेमाल किया गया है।

हॉलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री बारबरा स्ट्रीसंड ने अपने कुत्ते का जिससे वो बहुत प्यार करती थी, जब वो 14 साल का था, उसके सेल को संरक्षित कराया था। 14 साल की आयु का मतलब हम लोगों की 75 साल की आयु। उन्होंने उस सेल का इस्तेमाल करके उसका क्लोन बनवाया था जो बिलकुल उसी कुत्ते जैसा ही था।

ये कितना सही है या गलत इसके ऊपर दुनिया में बहुत विवाद हुआ है। लेकिन जानवरों में क्लोनिंग आज आम बात है क्योकि जेनटिक इंजीनियरिंग करके हम उनमे बीमारी को हटा सकते है।

चीन में 2018 में जुड़वाँ बच्चो को क्लोन द्वारा २ लड़किया बनाई गयी थी जिनमे जेनटिक इंजीनियरिंग की गयी थी। डॉक्टरों का कहना था जेनेटिक इंजीनियरिंग करके उन बच्चों को HIV प्रूफ बनाया गया है। लेकिन ये विवाद का विषय बन गया. जिसके बाद से ह्यूमन क्लोनिंग पे दुनिया में रोक लगा दी गयी।
इस तरह के बहुत सारे रिसर्च विशेष रूप से इम्मुनोथेरपी तथा यमालाका फैक्टर पर डॉ प्रसाद ने प्रकाश डाला. उन्होंने बताया की ऐसे बहुत सारे फैक्टर्स है जिनसे हम अपने जीन्स को मॉडिफाई कर सकते है और जिसका सबूत सारे वैज्ञानिक जनरल्स में मौजूद है। जिसमे मॉडिफिकेशन की जरूरत है वो है:
१. आपका खाना, खाने का तरीका, खाने का समय तथा मात्रा।
२. विटामिन का क्या रोल है, इस पर भी प्रकाश डाला।
३. प्रोटीन में वेजीटेरियन प्रोटीन जैसे दाल, बीन्स, मिल्लेट्स तथा सोयाबीन नॉन-वेज प्रोटीन के बजाय ज्यादा सुपाच्य है तथा शरीर के अंदर सेलुलर डैमेज को रिपेयर करने में ज्यादा मदद करता है।

एक्सरसाइज का बहुत बड़ा रोल है जिससे हम अपने शरीर के टॉक्सिक पदार्थो को निकालते है तथा शरीर के डैमेज को रिपेयर करते है। मैडिटेशन तथा ब्रीथिंग एक्सरसाइज के ऊपर दुनिया भर में शोध हुए है और ये दिखाया गया है की शरीर रिपेयर करने में बहुत मदद करती है।

डॉ. प्रकाश ने वो पॉइंटस बताये जो लोगो को अपने डेली रूटीन में फॉलो करने चाहिए।

इसके बाद पैनल डिस्कशन में वैद्य वंदना पाठक (आयुर्वेदचार्य) ने आयुर्वेदिक तरीको तथा रासायनिक प्रक्रिया का जिक्र किया जिससे शरीर को निरोग रखा जा सकता है। इसी कड़ी में उन्होंने पंचक्रम के बारे में विस्तार से बताया जो शरीर के डेटोक्सिफिकेशन में काम आता है | श्री दीप गर्ग (आर्ट ऑफ़ लिविंग) ने मैडिटेशन तथा उनके फायदे के बारे में बताया साथ ही हॉल में मौजूद सभी लोगो को एक मिनट का मैडिटेशन भी कराया।

डॉ. अवध दुबे ने स्प्रिचैलिस्म और हेल्थ के संबंधों को उजागर किया।

प्रश्नोत्तरी सत्र में लोगो ने काफी सवाल पूछे जिनका जवाब हमारे पैनेलिस्ट ने दिया।

सत्र का संचालन चैम्बर के सचिव महेंद्र नाथ मोदी के किया।

इस अवसर पर डॉ आई एम रोहतगी, मुकुल टंडन, डॉ. आर के लूम्बा, सुशील शर्मा, विश्वनाथ गुप्ता, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, संजीव पाठक (बॉबी), चैम्बर के सेक्रेटरी एम एन मोदी के अलावा बड़ी संख्या में चैम्बर के सदस्य, व्यवसायी, एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. जे एन गुप्ता ने दिया।

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