March 25, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कानपुर नगर17जुलाई25*वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने हेतु खेत तालाब योजना के लिए आवेदन प्रारंभ*

कानपुर नगर17जुलाई25*वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने हेतु खेत तालाब योजना के लिए आवेदन प्रारंभ*

कानपुर नगर17जुलाई25*वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने हेतु खेत तालाब योजना के लिए आवेदन प्रारंभ*

*कानपुर नगर, दिनांक 17 जुलाई, 2025*

भूमि संरक्षण अधिकारी श्री आर.पी. कुशवाहा ने जानकारी दी है कि कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” घटक के तहत खेत तालाब योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर किसानों को सिंचाई के अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना है।

जनपद कानपुर नगर को इस योजना के अंतर्गत कुल 54 खेत तालाबों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें 48 सामान्य वर्ग एवं 06 अनुसूचित जाति वर्ग हेतु निर्धारित हैं। प्रत्येक तालाब का मानक आकार 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा तथा 3 मीटर गहरा निर्धारित है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1.05 लाख है। इसमें 50 प्रतिशत अर्थात ₹52,500 की राशि पर अनुदान देय है, जो दो किश्तों में कृषकों के बैंक खातों में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से प्रेषित की जाएगी। पहली किश्त (75 प्रतिशत) तालाब की खुदाई अथवा दरेसी कार्य पूर्ण होने के उपरांत तथा शेष राशि पक्का इनलेट बन जाने पर दी जाएगी।

यदि कोई कृषक तालाब निर्माण के साथ वॉटर लिफ्टिंग डिवाइस (जैसे विद्युत अथवा डीजल पम्पसेट) स्थापित करता है, तो उसके मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम ₹15,000 प्रति इकाई अतिरिक्त अनुदान के रूप में अनुमन्य होगा।

योजना के अंतर्गत आवेदन ऑनलाइन पोर्टल agridarshan.up.gov.in पर पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जा सकता है। इसके लिए ₹1,000 की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। आवेदन के साथ खेत की खतौनी, फोटो, शपथपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। पंजीकरण के 15 दिन के भीतर तकनीकी टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा तथा निरीक्षण के उपरांत 30 दिन के भीतर तालाब निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना अपेक्षित है।

कृषक यदि मानक आकार से बड़ा तालाब बनाना चाहते हैं तो वे स्वयं के व्यय से निर्माण कर सकते हैं, किन्तु अधिकतम अनुदान ₹52,500 ही देय होगा। इसके अतिरिक्त योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग से 80 से 90 प्रतिशत अनुदान पर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (जैसे स्प्रिंकलर अथवा ड्रिप सिस्टम) लगाना अनिवार्य है। यदि पूर्व में यह व्यवस्था कृषक द्वारा स्थापित की जा चुकी है, तो पुनः लगाने की आवश्यकता नहीं है।

यह योजना जल संरक्षण, भूगर्भ जल स्तर में सुधार, सिंचाई सुविधा में वृद्धि तथा तालाब आधारित जलीय कृषि जैसे मछली पालन, मोती उत्पादन, सिंघाड़ा एवं मखाना जैसी गतिविधियों को अपनाकर कृषकों को अतिरिक्त आय एवं स्वरोजगार का अवसर प्रदान करती है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी हेतु कृषक भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय, कानपुर नगर अथवा मोबाइल नंबर 9140672262 पर संपर्क कर सकते हैं।

Taza Khabar