औरैया24फरवरी24*भागवत के श्रवण से मानव के पाप पुण्य में बदलते हैं-पं सुदीप कृष्णदेव*
*बिधूना,औरैया।* शिव मंदिर भिखरा गढी पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्री वृंदावन धाम मथुरा के भगवताचार्य पंडित सुदीप कृष्णदेव जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मानव में ज्ञान वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं और व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर हर जगह विद्यमान है लेकिन वह हमें नजर नहीं आता है ऐसे में सभी को सदाचरण करना चाहिए किसी को भी अपमानित करने से बचना चाहिए क्योंकि जिसे अपमानित करोगे उसके अंदर बैठे भगवान का भी अपमान होगा। कभी भी किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार पतन का कारण है।
कहाकि जिस दिन इस शरीर से ईश्वर चला जाएगा, उसी दिन यह शरीर मिट्टी में मिल जाएगा। भगवताचार्य पंडित सुदीप कृष्णदेव महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मोक्षदायनी है। इसके श्रवण और मनन से मानव को जीवन और मरण चक्र से छुटकारा मिल जाता है। ईश्वर की भक्ति के बिना यह जीवन निरर्थक है। हमें मन वचन और कर्म से सदाचारी लोगों की संगत और संसारीजनों से सद व्यवहार करना चाहिए। कभी प्रसाद का अपमान नहीं करना चाहिए। प्रसाद के अपमान से भगवान का अपमान होता है। भगवताचार्य ने कहा कि ईश्वर पर विश्वास रखने वाले को कभी कष्ट नहीं मिलता है, वहीं संतो के सत्संग से आनंद की प्राप्ति होती है। भगवताचार्य ने हरिश्चंद्र रामावतार व भरत चरित्र आदि का मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। बाद में कथा के विश्राम पर आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक कृष्ण प्रताप सिंह सेंगर भैयाजी परीक्षित रमा सेंगर, सुनील सेंगर, पूर्व प्रधान धीर प्रताप सिंह सेंगर, वीर प्रताप सिंह सेंगर, लोकेंद्र प्रताप सिंह सेंगर, ओमकार सिंह सेंगर, भगवान सिंह चौहान, श्यामचंद बाजपेई, प्रताप सिंह सेंगर आदि प्रमुख लोगों के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रोतागण मौजूद थे।

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