औरैया 02 अक्टूबर *रामलीला में श्रीराम वनवास व केवट संवाद का हुआ मंचन*
*फफूँद,औरैया।* कस्बा स्थित श्री रामलीला मैदान में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव के छठवें दिन शनिवार की रात्रि को रामवनवास और रामकेवट सवांद की लीला का मंचन दिखाया गया।मंचन को देखने के रामलीला पंडाल भक्तो से भरा रहा।
कस्बा स्थित रामलीला में मैदान में चल रही ऐतहासिक श्री रामलीला महोसत्व अपना गौरवशाली 152 वां बर्ष मना रहा है। श्री रामलीला महोत्सव के छठे दिन शनिवार की रात्रि को रामवनवास और रामकेवट सवांद का मंचन किया गया।मुख्यथिति महिलामोर्चा जिला मंत्री कंचन श्रीवास्तव ने फीता काटकर लीला का शुभरम्भ किया।मुख्यथिति ने रामदरबार की आरती उतारी।उन्होंने कहा कि हमे भगवान श्री राम के आदर्शों पर चलना चाहिए। ऐतहासिक रामलीला करने के लिए उन्होंने रामलीला कमेटी का आभार व्यक्त किया।मंचन में दिखाया गया की एक दिन दशरथ अपने केशों को दर्पण से देख कहते हैं कि अब मुझे राम को अयोध्या का राजा बनाकर वानप्रस्थ को प्रस्थान कर देना चाहिए। तैयारी शुरू हो जाती है, यह देख देवतागण चतित हो उठते हैं। मंथरा कैकयी को समझाती हैं कि आप महाराज द्वारा दिए गये वचनों को मांग ले। राम को चौदह वर्ष का वनवास व भरत का राज्याभिषेक। कैकयी कोप भवन में जा इस बात को कहती हैं। इस पर राजा दशरथ व्याकुल हो जाते हैं। राजा दशरथ कहते है कि मेरे प्राण तो राम के अधीन हैं जब राम नहीं तो दशरथ कहां। इस लीला का दृश्य देखकर दर्शक अपने आसुओं को नहीं रोक सके। प्रभु श्रीराम सीता जी व लक्ष्मण गंगा नदी के तट पर पहुंचते हैं व केवट से पार उतारने का निवेदन करते हैं। केवट इसकी महिमा को समझता है और उनका चरण धोकर पार उतारने की शर्त पर प्रभु श्रीराम सहर्ष तैयार हो जाते हैं। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मानवेन्द्र पोरवाल (बब्बू दादा) ने आये हुए सभी अथितियों व भक्तो का आभार व्यक्त किया। इस मौके प्रेम गुप्ता, अन्नी त्रिपाठी, ओमबाबू तिवारी,धीरू शर्मा, कृपाशंकर शुक्ला, अनुराग तिवारी, अमित तिवारी, नितिन तिवारी, अवधेश दुबे, बालकृष्ण मिश्रा व जतिन शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

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