April 7, 2026

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लखनऊ18अक्टूबर23**"राजधानी लखनऊ से अतिक्रमण हटवा पाना चक्रव्यूह तोड़ने के बराबर पुलिस क्या करें*"

लखनऊ18अक्टूबर23**”राजधानी लखनऊ से अतिक्रमण हटवा पाना चक्रव्यूह तोड़ने के बराबर पुलिस क्या करें*”

लखनऊ18अक्टूबर23**”राजधानी लखनऊ से अतिक्रमण हटवा पाना चक्रव्यूह तोड़ने के बराबर पुलिस क्या करें*”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बाबा आदित्यनाथ योगी महाराज जी ने दिशानिर्देश तो फुल एनर्जी में दे दिया था कि सड़कों पर किसी प्रकार से अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

अवैध टैक्सी स्टैंड अवैध रूप से खड़ी गाड़ियां पटरियों पर सजी दुकानें सब पर सख्त कार्रवाई का आदेश जारी कर दिए थे।

वो भी यू पी पुलिस के बल बूते पर पर बाबा शाय़द ये भूल गये थे कि पुलिस क्या अवैध अतिक्रमण अवैध टैक्सी स्टैंड पटरियों पर सजी दुकानों के खिलाफ अभियान चला पाने में सफल हो पायेंगे।

हालांकि बाबा का आदेश था तो लखनऊ के अधिकारियों को दिशा-निर्देश का पालन भी करना था।

इस लिए ट्रैफिक पुलिस सिविल पुलिस नगरनिगम के लोग सड़कों पर उतर कर दो चार दिन लोगों को जागरूक किये चौराहे से 50 मीटर की दूरी पर आटो बिक्रम ई रिक्शा खड़ी न करने का हिदायत दिये अवैध टैक्सी स्टैंड पर कार्रवाई करके बाबा को सब कुछ ठीक चल रहा है अवगत करा दिये।

कुछ रुट पर ई रिक्शा प्रतिबंधित भी कर दिये।

लेकिन कागजों में तो सब सही चल रहा है लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी वही है।

प्रतिबंधित रुट पर ई रिक्शा भी चल रहा है और चौराहे से 50 मीटर के अंदर आटो बिक्रम ई रिक्शा भी खड़े नज़र आ रहे हैं।

गाड़ियां सड़कों पर कब्ज़ा जमा रखीं हैं अतिक्रमण जैसा का तैसा फ़ैला हुआ है इस बात से नकारा नहीं जा सकता है।

यदि उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री बाबा आदित्यनाथ योगी महाराज जी को खबरों पर भरोसा नहीं है तो वो लखनऊ के सड़कों पर आ कर खुद देख लें।

उदाहरण- चौक नक्खास रकाबगंज यहियागंज अमीनाबाद बुद्धेश्वर पाटानाला अकबरीगेट हैदरगंज चौराहा आलमबाग चारबाग हुसैनगंज गणेशगंज पीजीआई तेलीबाग उतराठिया ऐसे लखनऊ में कई चौक चौराहे हैं जहां पर अतिक्रमण के चलते भयंकर जाम लग जाता है और लोगों को घंटों जाम में फंसकर परेशानियां झेलनी पड़ती है साथ ही कोई एंबुलेंस फस जाये तो समय के अभाव के कारण मरीज की जान जा सकती है जिससे एक हंसता खेलता परिवार उजड़ सकता है।

लेकिन इसका जिम्मेदार सिर्फ पुलिस प्रशासन नहीं हो सकती।

क्योंकि पुलिस को और काम होता है फिर भी ख़बर चलने के बाद पुलिस एक्टिव होती है और सड़कों पर खड़ी हो कर जाम छुड़वाती है पर नगरनिगम इस बात पर विशेष ध्यान नहीं देता।

नगरनिगम चाहे तो सड़कों पर अतिक्रमण न होने पाये।

पर नगरनिगम के अधिकारी व कर्मचारी पता नहीं क्यों बाबा के आदेशों पर पानी फेरनें का काम कर रहे हैं।

जबकि लखनऊ की महापौर भारतीय जनता पार्टी की ही हैं।

*आवाज़ जन जन की अपराध भ्रष्टाचार के खिलाफ*।

*स्वतंत्र पत्रकार अटल बिहारी शर्मा लखनऊ*?