February 17, 2026

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लखनऊ 11 दिसम्बर* शिक्षा  और शिक्षकों की लगातार अवहेलना की गयी हो उसी सरकार का मुखिया चुनाव की बेला में शैक्षिक क्रान्ति की बात कर रहा-एसएन त्रिवेदी

लखनऊ 11 दिसम्बर* शिक्षा  और शिक्षकों की लगातार अवहेलना की गयी हो उसी सरकार का मुखिया चुनाव की बेला में शैक्षिक क्रान्ति की बात कर रहा-एसएन त्रिवेदी

लखनऊ 11 दिसम्बर* शिक्षा  और शिक्षकों की लगातार अवहेलना की गयी हो उसी सरकार का मुखिया चुनाव की बेला में शैक्षिक क्रान्ति की बात कर रहा-एसएन त्रिवेदी

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कहना कि  शिक्षा  के बिना सामाजिक क्रान्ति नहीं हो सकती जैसे बयान पर आश्चर्य व्यक्त करते हुये कहा कि जिस प्रदेश सरकार के सम्पूर्ण कार्यकाल में शिक्षा  और शिक्षकों की लगातार अवहेलना की गयी हो उसी सरकार का मुखिया चुनाव की बेला में शैक्षिक क्रान्ति की बात कर रहा है। वर्ष 2017 में सत्ता संभालते ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा  शिक्षा  मित्रों की सेवाएं समाप्त कर दी गयी थी जिससे प्रदेश के करोड़ों नौनिहालों की शिक्षा व्यवस्था पर अचानक ब्रेक लग गया था परन्तु मुख्यमंत्री जी ने मा0 सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिका भी नहीं कराई जिससे लाखों युवा बेरोजगार हुये और करोड़ों छात्र  शिक्षा  के अभाव में केवल दलिया, खिचड़ी खाते रहे।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल का पांचवा  शिक्षा  सत्र चल रहा है परन्तु किसी भी सत्र में समयानुसार पाठ्य सामग्री तक छात्र छात्राओं को उपलब्ध नहीं करायी जा सकी। 69000 शिक्षक भर्ती जो वर्तमान सरकार के प्रारम्भ से ही प्रक्रिया में है परन्तु उस भर्ती को पूरा करने में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अब तक संज्ञान नहीं लिया उल्टे भर्ती वाले अभ्यर्थियों पर अक्सर लाठीचार्ज करके भावी शिक्षकों का सम्मान भारतीय जनता पार्टी के शासन में हो रहा है। प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों का वह शिक्षक वर्ग जो जनगणना, चुनाव ड्यूटी के साथ साथ विभिन्न प्रशासनिक आदेश का पालन करते हुये अपनी शिक्षा  सम्बन्धी कार्यो की भी पूर्ति करता है, उसकी सेवाओं के प्रति सरकार का रवैया बेहद उपेक्षापूर्ण रहा है।
रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आज भी नगर निगम, नगर पालिका तथा बेसिक  शिक्षा  परिषद के अधीन विद्यालयों में लगभग एक लाख पचास हजार शिक्षक और शिक्षिका  के पद रिक्त हैं और इन पदों के अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल इत्यादि करके योगी सरकार को जगाने की कोशिश प्रारम्भ से ही करते चले आ रहे हैं परन्तु उनकी बेरोजगारी और स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता पर प्रदेश सरकार ने अपने सम्पूर्ण कार्यकाल में कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का विकास  शिक्षा और स्वास्थ्य सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति किये बिना सम्भव नहीं है। भाजपा सरकार इन दोनों ही क्षेत्रो में व्यवस्था बनाने में असफल रही है जिसे उ0प्र0 का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है।  शिक्षा और स्वास्थ्य के उन्नयन के लिए ऐसी सरकार की आवश्यकता इस प्रदेश को नहीं है।
(सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी)
प्रदेश प्रवक्ता

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