April 14, 2026

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रायबरेली30अगस्त23*एनजीओ कराए बैंक स्टेटमेंट की जांच, कौन संचालित कर रहा है खाता- एडवोकेट शिवानी जैन

रायबरेली30अगस्त23*एनजीओ कराए बैंक स्टेटमेंट की जांच, कौन संचालित कर रहा है खाता- एडवोकेट शिवानी जैन

रायबरेली30अगस्त23*एनजीओ कराए बैंक स्टेटमेंट की जांच, कौन संचालित कर रहा है खाता- एडवोकेट शिवानी जैन

प्रधानाचार्य चिरंजीलाल इंटर कॉलेज कोषाध्यक्ष भारत स्काउट गाइड प्राइवेट एनजीओ कराए बैंक स्टेटमेंट की जांच, कौन संचालित कर रहा है खाता- एडवोकेट शिवानी जैन

रायबरेली। ऑल ह्यूमंस सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि मां सरस्वती गाइड कंपनी स्वतंत्र भारत स्काउट और गाइड जिला अलीगढ़ के नवीनीकरण शुल्क सन 2017 से सन 2023 तक जमा होने के बावजूद तीनों सरकारी प्रधानाचार्य श्री अंबुज जैन प्रधानाचार्य बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज अलीगढ़, डॉक्टर इंदू सिंह जी प्रधानाचार्य टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज अलीगढ़, श्री डालेश कांकरन प्रधानाचार्य इंटर कॉलेज तलेसरा , द्वारा लिखित में कैसे दिया कि नवीनीकरण शुल्क जमा नहीं है। गाइड कैप्टन डॉक्टर कंचन जैन ने प्रधानाचार्य चिरंजीलाल कन्या इंटर कॉलेज अलीगढ़/कोषाध्यक्ष स्काउट और गाइड अलीगढ़से बैंक स्टेटमेंट निकालने की गुहार लगाई है। जिससे कि यह ज्ञात हो सके कितनी स्वतंत्र गाइड कंपनी और दलों का रुपया जमा है और यह तीनों प्रधानाचार्य अपनी मनमानी करके और कितने स्वतंत्र कंपनियां और दलों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक एवं मां सरस्वती गाइड कंपनी के संरक्षक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, डॉ एच सी राजेंद्र कुमार जैन, सार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जी, ने नवीनीकरण शुल्क की रसीदें दिखाते हुए कहा कि बैंक सहित उन सरकारी प्रधानाचार्यो पर भी जो नवीनीकरण शुल्क जमा कर रहे हैं।
यह तीनों सरकारी प्रधानाचार्य उनको भी झूठा बतला रहे हैं।
जबकि श्री अंबुज जैन प्रधानाचार्य बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज द्वारा बैंक ऑफ़ बड़ोदा खाता संख्या 05830100021717 द्वारा लिखित में सभी को दी गई है। इस पत्र सहित सभी रसीदें भारत स्काउट और गाइड के उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
रविंद्र कुमार शर्मा पूर्व जिला संगठन आयुक्त हाथरस ने कहा कि एक षड्यंत्र रचकर मुझे स्थाई नियुक्ति से हटाकर एक सरकारी प्रवक्ता को उपरोक्त पद पर नियुक्त कर दिया। जबकि प्रादेशिक मुख्यालय लखनऊ के आदेश अनुसार जिला संगठन आयुक्त पद पर सरकारी प्रवक्ता को नियुक्त नहीं किया जा सकता क्योंकि उपरोक्त पद पूर्णकालिक है तो फिर सरकारी अध्यापक अपने इंटर कॉलेज में छात्रों को कब पढ़ाएगा। सरकारी वेतन सरकारी इंटर कॉलेज के बच्चों को पढ़ने के लिए दिया जाता है ना कि किसी प्राइवेट एनजीओ में कार्य करने हेतु। और मानदेय भी है। मुझे लगभग चार-पांच वर्षों से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और कोई भी भारत स्काउट गाइड का कार्य नहीं करने दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार का अभी तक कोई भी ऐसा शासनादेश नहीं दिया है जिसमें कि सरकारी रिलीविंग प्राइवेट एनजीओ के कार्य हेतु दी जा सके। सरकारी वेतन के साथ-साथ मानदेय देने का भी कोई प्रावधान नहीं है।
तो फिर उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के विरुद्ध कार्य करने वाले दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

Taza Khabar