April 5, 2026

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महराजगंज28मई*भूमाफियों को अभी भी नही भय है योगी सरकार का

महराजगंज28मई*भूमाफियों को अभी भी नही भय है योगी सरकार का

महराजगंज28मई*भूमाफियों को अभी भी नही भय है योगी सरकार का

उत्तर प्रदेश में बुल्डोजर बाबा के नाम से विख्यात भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार जहां भू-माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए नित्य अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर चलवा रही है तो वहीं भू-माफिय भी नित्य नए तरीके से जमीनों को हथियाने का रास्ता अपना रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला जनपद महराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत निचलौल के हर्रेडिह मुहल्ले के वार्ड नंबर 5 का है जहां वर्षों से एक भू-खंड पर रह रही फातमा बेगम पत्नी मरहूम जहीरूद्दीन का है जिसके बने बनाए प्रधानमंत्री आवास सहित बरसों से काबिज जमीन को हड़पने का प्रयास किया है
फातमा बेगम पत्नी मरहूम जहीरूद्दीन निवासी मोहल्ला हर्रेडिह, वार्ड नंबर 5 नगर पंचायत निचलौल थाना और तहसील निचलौल जनपद महराजगंज ने थानाध्यक्ष निचलौल को संबोधित प्रार्थना पत्र में लिखा है कि मरहूम पति जहरुद्दीन ने दिनांक 20-01-2001को स्थानिय निचलौल मदरसे के संस्थापक व प्रधानाचार्य मरहूम हाफिज अब्दुल हकीम पुत्र राहतुल्लाह खां से हर्रेडिह मुहल्ले में स्थित भू-खंड क्रय किया और उक्त भू खंड पर अपना कच्चा मकान बना कर रह रही थी इसी बीच दिनांक 27-09-2017 को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उक्त भूमि पर उक्त प्रार्थनि फातमा बेगम के नाम से आवास स्वीकृति प्रदान किया गया तथा 2018-19 वृत्त वर्ष में फातमा बेगम का मकान वन कर तैयार हुआ वर्तमान में फातमा बेगम उक्त आवास में रह रही है।
फातमा बेगम ने आगे प्रार्थना पत्र में लिखा है कि स्थानीय मुहल्ले की रहने वाली सबाना खातुन पत्नी खालिद अली उर्फ खालिद खान मुहल्ल हर्रेडिह नगर पंचायत निचलौल ने कथित शकिरु निशा उर्फ शकरून निशा पत्नी मरहूम अलीशेर मास्टर, इब्ने हुसैन पुत्र अली शेर मास्टर मियां मुहल्ला नगर पंचायत निचलौल जनपद महराजगंज ,नसरूद्दीन पुत्र मरहूम ठगई हिंदी मुहल्ला नगर पंचायत निचलौल और कुछ अज्ञात भू-माफियाओं के सहयोग से दिनांक 22-11-2021 उक्त जमीन और मकान को अपने नाम से बैनामा करा लिया ।
फातमा बेगम लिखती है कि जब उक्त जमीन के बैनामे की बात उनके पति जहरुद्दीन को मालूम हुआ तो *सदमे के कारण दिनांक 14-12-2021 को उनकी मृत्यु हो गई* और अंततः निचलौल मदरसे का वर्तमान में मौलाना खालिद अली उर्फ खालिद खान, भू माफियाओं के मिली भगत से अपनी पत्नी सबाना खातुन के नाम दाखिल खारिज करा लिया और निचलौल मदरसे के संस्थापक/ प्रधानाचार्य मरहूम हाफिज अब्दुल हकीम के द्वारा बेचे गए उक्त संमवंधित भू-खंड जो कि 51 रुपए के स्टाम्प पर 30,000.0 रूपए में बेचा गया है को उसी मदरसे के मौलाना खालिद खान द्वारा नकारते हुए गरीब फातमा बेगम को बेघर करने के लिए आमादा है।
ऐसे में निचलौल मदरसे और मदरसे के जिम्मेदारों के इस कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह उठना लाजिमी है। निचलौल नगर पंचायत के अंदर तमाम ऐसे गरीब मुसलमान है जिनको मदरसे के संस्थापक द्वारा बसने के लिए स्टैंप पर कुछ मोटी धनराशि ले कर दे दिया गया है और जमीन का वास्तविक नवयीत कुछ और है।
अब बात आती है भारतीय रजिस्ट्री प्रकिया पर जहां उक्त गरीब महिला के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान सहित जमीन को रजिस्ट्री कर दाखिल खारिज कर दिया गया है जबकि स्पष्ट नियम है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकान/ भू-खंड को किसी भी हालत में विक्रय नहीं किया जा सकता है। ऐसे में उक्त भू-खंड को रजिस्ट्री करने वाले जिम्मेदा अधिकारी और दाखिल खारिज करने वाले अधिकारी पर उच्चाधिकारियों से जांच करा कर कार्यवाही आवश्यक है ताकि निचलौल नगर पंचायत भू-माफियाओं के जल से बच सके।

Taza Khabar