पूर्णिया बिहार 28 मार्च25*वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक चैनल पूर्णिया बिहार की रिपोर्ट।
पूर्णिया बिहार । केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन बिल 2024 के खिलाफ आज पूर्णिया के खजांची मस्जिद में अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व खजांची मस्जिद के इमाम वहीदुज्जमा साहब और सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हयात अशरफ ने किया। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज किया और सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग की।
खजांची मस्जिद के इमाम वहीदुज्जमा साहब ने केंद्र सरकार से इस संशोधन बिल को तत्काल वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है, जिससे देश के अल्पसंख्यक समुदाय को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह बिल धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है और इससे सामाजिक सौहार्द्र प्रभावित होगा।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व कस्बा विधानसभा प्रत्याशी हयात अशरफ ने भी इस बिल पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“यह बिल संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 29 और 30 का उल्लंघन करता है। यह केवल एक समुदाय पर हमला नहीं, बल्कि हमारे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता पर चोट है। वक्फ संपत्तियों पर सरकारी दखल अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ है। हमें इसे संविधान के दायरे में रहकर रोकना होगा।”
संविधान के अनुच्छेदों का उल्लंघन क्यों?
हयात अशरफ ने कहा कि यह बिल संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन करता है—
अनुच्छेद 25 – भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन यह बिल धार्मिक संस्थाओं के अधिकारों को कमजोर करता है।
अनुच्छेद 26 – सभी धर्मों को अपने धार्मिक संस्थानों को स्वतंत्र रूप से प्रबंधित करने का अधिकार देता है, लेकिन यह बिल इस अधिकार को सीमित करता है।
अनुच्छेद 29 – भारत में अल्पसंख्यकों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने का अधिकार देता है।
अनुच्छेद 30 – अल्पसंख्यकों को शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन करने का अधिकार देता है।
विरोध का दायरा बढ़ेगा
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर यह बिल वापस नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य जिलों और राज्यों में भी इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांति और एकता बनाए रखने की अपील की। हयात अशरफ ने कहा कि यह संघर्ष संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने देश के सभी न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की कि वे इस मुद्दे को समझें और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में अपनी भूमिका निभाएं।
पूर्णिया में हुआ यह विरोध प्रदर्शन यह दर्शाता है कि देश के अल्पसंख्यक समुदाय को वक्फ संशोधन बिल 2024 से गहरी आपत्ति है। संविधान के दायरे में रहकर इस मुद्दे पर जनजागरण और संघर्ष जारी रहेगा। अब यह देखने वाली बात होगी कि सरकार इस विरोध को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या इस बिल को लेकर कोई पुनर्विचार किया जाएगा।

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