February 10, 2026

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पूर्णिया बिहार 2 फरवरी 26* पप्पू यादव का सरकार पर हमला: कौशल विकास योजनाओं में दुरुपयोग का आरोप

पूर्णिया बिहार 2 फरवरी 26* पप्पू यादव का सरकार पर हमला: कौशल विकास योजनाओं में दुरुपयोग का आरोप

पूर्णिया बिहार 2 फरवरी 26* पप्पू यादव का सरकार पर हमला: कौशल विकास योजनाओं में दुरुपयोग का आरोप

पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल की खास रिपोर्ट यूपी आज तक

पूर्णिया बिहार-पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय से जुड़े अतारांकित प्रश्न संख्या–301 के उत्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने ही उत्तर में यह स्वीकार कर लिया है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), डीडीयू–जीकेवाई और एनएसडीसी से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां रही हैं, लेकिन इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग पर सीबीआई जांच से साफ बचा जा रहा है।

पप्पू यादव ने कहा कि निजी प्रशिक्षण साझेदारों के माध्यम से चल रही इन योजनाओं में फर्जी प्रशिक्षण, कागजी केंद्र, फर्जी प्लेसमेंट और कमीशनखोरी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 10,000 करोड़ रुपये के दुरुपयोग की आशंका को सरकार ने सीधे खारिज करने के बजाय केवल “आईटी नियंत्रणों की सीमाएं” और “विकेन्द्रीकृत व्यवस्था” जैसे बहाने गिनाए हैं, जो अपने आप में गंभीर लापरवाही का प्रमाण है।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में जिन खामियों को उजागर किया गया है, वे मामूली तकनीकी त्रुटियां नहीं बल्कि संगठित स्तर पर हुए भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सार्वजनिक धन का इतना बड़ा हिस्सा संदिग्ध तरीके से खर्च हुआ है, तो सरकार सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने से क्यों डर रही है।
पप्पू यादव ने कहा कि सरकार अब पीएमकेवीवाई 4.0 के नाम पर आधार, फेस रिकग्निशन, जियो-टैगिंग और डिजिटल डैशबोर्ड जैसे सुधारों की बात कर रही है, लेकिन इससे पहले हुए घोटालों की जवाबदेही तय किए बिना केवल नई तकनीक का ढोल पीटना जनता को गुमराह करने जैसा है।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने सीएजी की टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इनमें आधार आधारित ई-केवाईसी, फेस रिकग्निशन और जियो-टैग उपस्थिति प्रणाली, क्यूआर-कोड युक्त चडिजिटल प्रमाणपत्र, स्किल इंडिया डिजिटल हब पर रियल-टाइम डैशबोर्ड, एनसीवीईटी के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों और मूल्यांकनकर्ताओं की मान्यता को मजबूत करना तथा स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था शामिल है।

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