January 19, 2026

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पूर्णिया बिहार 19 दिसंबर 25* पूर्णिया मंजूर आलम ने उठाई आवाज़। ..

पूर्णिया बिहार 19 दिसंबर 25* पूर्णिया मंजूर आलम ने उठाई आवाज़। ..

पूर्णिया बिहार 19 दिसंबर 25* पूर्णिया मंजूर आलम ने उठाई आवाज़। ..

पूर्णिया : मदरसा कलिमीयां उर्दू बाजार कसबा के हेड मौलवी पर अनियमितता का आरोप: मंजूर आलम ने उठाई आवाज़

पूर्णिया बिहार : पूर्णिया जिले के नगर परिषद कस्बा वार्ड नंबर 14 में स्थित मदरसा कलिमीयां उर्दू बाजार कसबा रजिस्ट्रेशन नंबर 849 में कार्यरत हेड मोलवी पर अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया गया है। मदरसा कमेटी के सदस्य मोहम्मद मंजूर आलम ने हेड मौलवी के खिलाफ आरोप लगाया है कि वे अक्सर मदरसे से गायब रहते हैं और हाजिरी रजिस्टर पर अपनी हाजिरी बनाकर गलत ढंग से वेतन उठाते हैं, इस मामला को गंभीरता से
लेते हुए मोहम्मद मंजूर आलम ने पूर्णिया मोहम्मदिया अरबिया कॉलेज के प्रिंसिपल अलहाज मुफ्ती जुबेर आलम सिद्दीकी को लिखे पत्र में कहा है कि हेड मौलवी ज्यादातर मदरसा से गायब रहते हैं , और वेतन आने पर उठा लेते हैं , उन्होंने पत्र में लिखा है कि हेड मालवी मदरसा कमेटी से कहा था कि मैं हर महीना का वेतन मदरसा छोड़ देंगे, लेकिन वेतन आने पर वह अपने निजी काम में खर्च कर लेते हैं, सदस्य मोहम्मद मंजूरआलम ने अपने पत्र के माध्यमसे मुफ्ती जुबेर आलम सिद्दीकी से पूछा है कि किया हेड मौलवी का गेरहाजिरी का वेतन उठाना उचित है या नहीं?
मुफ्ती जुबेर आलम सिद्दीकी ने लिखित जवाब दिया है कि ऐसे इस हेड मौलवी का वेतन नाजायज है।
मोहम्मद मंजूर आलम का इशारा मदरसा कलिमीयां के हेड मौलवी पर है, जो अक्सर अनुपस्थित रहते हैं और वेतन उठाते हैं। यह मामला मदरसा की अनियमितता और भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जिसका चश्मदीद गवाह मदरसा में लगे सीसी कैमरा है या फिर हेड मौलवी के निजी मोबाइल नंबर 9771297257 के लोकेशन या फिर गूगल से स्पष्ट पता लगाया जा सकता है हेड मौलवी देश के किन-किन राज्यों में कितने महीना रहते हैं, लॉकडाउन से पहले हेड मौलवी के विरुद्ध बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड पटना बिहार के अध्यक्ष तक पहुंचा, उस समय मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष अब्दुल कयूम अंसारी थे , अध्यक्ष ने मामला को गंभीरता से लेते हुए कस्बा मदरसा पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी, जांचों उपरांत में उन्होंने मामला को सही ठहराते हुए हेड मौलवी को बर्खास्त कर दिया गया, बर्खास्त की के बाद एक मुर्गी अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर सड़क पर उतरे और मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी, तकरीबन 4 साल तक वह बर्खास्त रहे , परंतु बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड पटना के अध्यक्ष के रिटायर के बाद पुनः हेड मौलवी मदरसा में बहाली ले ली, यह भी एक जांच का विषय है, स्थानीय लोगों का कहना है कि हेड मौलवी बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड पटना को गलत दस्तावेज दिखाकर नियुक्ति ली है, जानकार लोगों का यह भी कहना है कि किसी भी मदरसे में हेड मौलवी की नियुक्ति उस आधार पर होती है कि वह किसी अन्य किसी सरकारी मददसे में 5 साल कार्यरत हो और वेतन भोगी हो, हेड मौलवी ना तो किसी सरकारी मदरसे में एक भी साल नहीं पढ़ाया है ,और न वेतन उठाया है यह भी गंभीर मामला है जो जांच का विषय है,
हाल फिलहाल मदरसे की कमेटी का गठन किया गया है , मदरसे की कमेटी में भी काफी अनियमितता बरती गई है, नियमों को ताक पर रखकर कमेटी का गठन किया गया है ,गोरतलब है कि नगर परिषद कस्बा वार्ड नंबर 14 जहां यह मदरसा स्थित है एक भी व्यक्ति को कमेटी में ना लेना दुर्भाग्यपूर्ण है ,जबकि मदरसा का पोषक क्षेत्र वार्ड नंबर 14 ही है, मदरसा कमेटी के अध्यक्ष, सेक्रेटरी, कोषाध्यक्ष एवं अन्य सदस्य सभी वार्ड नंबर 13 से आते हैं ,
अब देखना है की क्या मदरसा कलिनीयां उर्दू बाजार के हेड मौलवी के खिलाफ पुनः कोई कार्रवाई की जाएगी?- क्या मोहम्मद मंजूर आलम की शिकायत की जांच की जाएगी?- क्या मदरसा कलिमीयां में अनियमितता को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाई जाएंगे? यह सब राज्य सरकार के उच्चपदाधिकारी एवं बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड पटना के अध्यक्ष पर निर्भर करता है।