February 25, 2026

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नई दिल्ली05मई25*पगड़ी उछालने की घटनाएँ-निहितार्थ और आगे की रणनीति(जनवरी 2021 और मई 2025 संदर्भ में)

नई दिल्ली05मई25*पगड़ी उछालने की घटनाएँ-निहितार्थ और आगे की रणनीति(जनवरी 2021 और मई 2025 संदर्भ में)

नई दिल्ली05मई25*पगड़ी उछालने की घटनाएँ-निहितार्थ और आगे की रणनीति(जनवरी 2021 और मई 2025 संदर्भ में)
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1.निहितार्थ: (क) संगठनात्मक विभाजन की गहराई पगड़ी उछालना यह दर्शाता है कि संगठन या आंदोलन के भीतर गुटबंदी गंभीर हो चुकी है।

नेतृत्व को चुनौती देने वाले गुट अब सार्वजनिक रूप से अपमानजनक कदम उठाने लगे हैं, जो कि आंतरिक असहमति के हिंसक उभार का संकेत है।

(ख) जनता और किसान समुदाय में गलत संदेश किसान समाज में पगड़ी इज्जत, नेतृत्व और एकता का प्रतीक है।

ऐसी घटना से संगठन की विश्वसनीयता और एकता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।

सरकार और पूंजीवादी ताकतें इस तरह की घटनाओं का लाभ उठाकर आंदोलन की नैतिक स्थिति को कमजोर कर सकती हैं।

(ग) बाहरी हस्तक्षेप की संभावना बढ़ती है जब आंतरिक बर्चस्व की लड़ाई खुले में आती है, तो राज्यसत्ता, पूंजीपति और मीडिया इन विवादों में पक्षपातपूर्ण हस्तक्षेप कर सकते हैं और एक गुट को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर सकते हैं।

(घ) नेतृत्व और जनसमर्थन का संकट जिन नेताओं के साथ यह घटना घटती है, उनकी छवि को ठेस पहुँचती है और अनुयायियों में असमंजस व असंतोष पनपता है।

2.आगे की रणनीति: (क) संगठन के भीतर लोकतांत्रिक संवाद पुनर्स्थापित करें नेतृत्व के बीच मतभेदों को सार्वजनिक रूप से नहीं बल्कि आंतरिक बैठकों और बहसों में सुलझाया जाए।

गुटबंदी रोकने के लिए सामूहिक निर्णय प्रणाली पर बल दिया जाए।

(ख) आन्दोलन की सार्वजनिक छवि की मरम्मत स्पष्ट रूप से संयुक्त वक्तव्य जारी कर यह बताना कि यह व्यक्तिगत घटना है, न कि किसान आंदोलन की नीति।

किसान समुदाय और जनता को विश्वास दिलाया जाए कि संगठन एकजुट है।

(ग) संवेदनशील मुद्दों पर आचार संहिता बनाना-पगड़ी जैसे सम्मान-चिन्हों के अपमान से बचने के लिए संगठनात्मक अनुशासन लागू किया जाए।

ऐसा करने वालों पर पारदर्शी अनुशासनात्मक कार्यवाही हो।

(घ) शत्रुपक्ष की चालों पर नजर-सरकार और पूंजीपति ताकतें जो इस विघटन का फायदा उठा सकती हैं, उन पर निगरानी रखकर रणनीतिक प्रतिरोध किया जाए।

(ङ) नई नेतृत्व पीढ़ी को अवसर देना-बर्चस्व की लड़ाई से बाहर निकलने का एक रास्ता यह भी है कि युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में अधिक भागीदारी दी जाए, जिससे पुराने गुटों की खींचतान कम हो।

निष्कर्ष:पगड़ी उछालने की घटना सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि किसान आंदोलन और किसान संगठन की राजनीतिक दिशा और भविष्य की एक बड़ी चेतावनी है।

यदि इसे सही रणनीति से संभाला गया, तो संगठन और आंदोलन दोनों की एकता, ताकत और विश्वसनीयता बनी रह सकती है।

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