April 4, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कौशाम्बी26अक्टूबर23*महान स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार "गणेश शंकर विद्यार्थी जी" को उनकी जयंती पर सादर नमन।*

कौशाम्बी26अक्टूबर23*महान स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार “गणेश शंकर विद्यार्थी जी” को उनकी जयंती पर सादर नमन।*

कौशाम्बी26अक्टूबर23*महान स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार “गणेश शंकर विद्यार्थी जी” को उनकी जयंती पर सादर नमन।*

आजादी के इस दीवाने और सांप्रदायिक सौहार्द के पुजारी गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ का जन्म 26 अक्टूबर, 1890 को इलाहाबाद के अतरसुइया मौहल्ले में हुआ था

गणेशशंकर विद्यार्थी (अंग्रेज़ी: जन्म- 26 अक्टूबर, 1890, प्रयाग; मृत्यु- 25 मार्च, 1931) एक निडर और निष्पक्ष पत्रकार तो थे ही, इसके साथ ही वे एक समाज-सेवी, स्वतंत्रता सेनानी और कुशल राजनीतिज्ञ भी थे। भारत के ‘स्वाधीनता संग्राम’ में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा था। अपनी बेबाकी और अलग अंदाज़से दूसरों के मुँह पर ताला लगाना एक बेहद मुश्किल काम होता है। कलम की ताकत हमेशा से ही तलवार से अधिक रही है और ऐसे कई पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी कलम से सत्ता तक की राह बदल दी। गणेशशंकर विद्यार्थी भी ऐसे ही पत्रकार थे, जिन्होंने अपनी कलम की ताकत से अंग्रेज़ी शासन की नींव हिला दी थी। गणेशशंकर विद्यार्थी एक ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जो कलम और वाणी के साथ-साथ महात्मा गांधी के अहिंसक समर्थकों और क्रांतिकारियों को समान रूप से देश की आज़ादी में सक्रिय सहयोग प्रदान करते रहे।

गणेश शंकर विद्यार्थी (26 अक्टूबर 1890 – 25 मार्च 1931) एक भारतीय पत्रकार, भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन के नेता और स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यकर्ता थे।

प्रताप हिन्दी का समाचार-पत्र था जिसने भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में प्रमुख भूमिका निभायी। प्रताप के जरिये जहाँ न जाने कितने क्रान्तिकारी स्वाधीनता आन्दोलन से रूबरू हुए, वहीं समय-समय पर यह अखबार क्रान्तिकारियों हेतु सुरक्षा की ढाल भी बना। इसे गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ ने सन् १९१३ से कानपुर से निकालना आरम्भ किया।

26 अक्टूबर, 1890 को प्रयागराज (इलाहाबाद) के अतरसुइया मुहल्ले (ननिहाल) में जन्मे विद्यार्थी जी का आरंभिक जीवन शिक्षा व धर्म ज्ञान के बीच शुरू हुआ। विद्यार्थी जी की प्रारंभिक शिक्षा विदिशा एवं सांची के सांस्कृतिक वातावरण में हुई। आगे की शिक्षा कानपुर और प्रयागराज में प्राप्त की 1890 इलाहाबाद में एक शिक्षक जयनारायण श्रीवास्तव के घर जन्मे गणेशशंकर विद्यार्थी ताउम्र अपनी लेखनी के जरिए लोगों को धार्मिक उन्माद के प्रति सावधान करते रहे. 1913 में उन्होंने अपनी साप्ताहिक पत्रिका प्रताप शुरु की थी. अपने शुरूआती दिनों में ही इसकी पहचान किसानों की हमदर्द पत्रिका के रूप में हो गई थी।

 

Taza Khabar