[3/3, 17:33] +91 98397 86493: *चिकित्सक की लापरवाही से इलाज में फिर मरीज की हुई मौत*
*कौशाम्बी* तहसील चायल के गिरिया खालसा गांव के एक निजी नर्सिंग होम में मरीजों के इलाज में मौत का मामला नहीं रुक रहा है दर्जनों मरीजों की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हो चुकी है गुरुवार को फिर तहसील चायल के गिरिया खालसा के पास स्थित संगम पाली क्लीनिक के कथित चिकित्सक की लापरवाही के चलते इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गयी है चिकित्सक की लापरवाही से प्रत्येक महीने निजी नर्सिंग होम में दर्जनों मरीजों की मौत हो रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है और जिले में अवैध तरीके से कम पढ़े लिखे लोगों द्वारा इलाज के नाम पर मरीजों की मौत को स्वास्थ्य विभाग गम्भीरता से नहीं ले रहा है तिल्हापुर मोड़ स्थित गणेश हॉस्पिटल में तीन मरीजों की एक महीने के बीच मौत के मामले में भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई नहीं की है यही स्थिति संगम पाली क्लीनिक गिरिया खालसा का है इस अस्पताल में पहले भी मरीजों को मौत हो चुकी है और गुरुवार को फिर एक बार लापरवाह चिकित्सको के चलते इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई है मामूली मर्ज पर मरीज के परिजनों से पचास हजार अस्पताल संचालक द्वारा जमा करा लिया गया है लेकिन फिर भी मरीज की जान नहीं बच सकी है चिकित्सक की लापरवाही से मरीज की मौत हो गई गुरुवार को इलाज के दौरान मरीज की मौत पर डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाते हुए जिले में लगातार लापरवाही से मौत के मामले में शासन प्रशासन को एक मामले गंभीरता से लेने होंगे वरना इसी तरह अधिक कमाई के चक्कर में निजी नर्सिंग होम के चिकित्सक मरीजों को मौत देते रहेंगे मृतक मरीज चायल तहसील क्षेत्र के बलीपुर टाटा गांव का जय सिंह यादव उम्र 38 वर्ष पुत्र स्व. राम सुमेर यादव बताया जाता है।
*अस्पताल में मौजूद दो तिहाई लोगों के पास नहीं है डिग्री*
*कौशाम्बी* चायल तहसील गिरिया खालसा स्थित संगम पाली क्लीनिक में मरीज के मौत के बाद जब इस अस्पताल की पड़ताल की गई तो इस अस्पताल में फार्मासिस्ट नर्स और वार्ड ब्वॉय के पास मरीजों की देखभाल इलाज करने की डिग्री नहीं है अस्पताल में जिन डॉक्टरों का बोर्ड लगा है वह आते नहीं है और जो डॉक्टर इलाज करते देखे जाते हैं उनके पास डिग्री नहीं है कुछ चिकित्सक तो केवल खानापूर्ति करते हैं वार्ड व्याय नर्स और फार्मासिस्ट मरीजों का पूरा इलाज करते हैं जिसके चलते गलत उपचार से मरीजों की इस अस्पताल में मौत होती है।
*हर्निया हाइड्रोसील का हुआ था आपरेशन*
*कौशाम्बी* संगम पाली क्लीनिक गिरिया खालसा में जयसिंह का हर्निया का ऑपरेशन हुआ था ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टर ने जवाब दे दिया कि हमारे बस का नहीं है कहीं बाहर ले जाओ परिजनों ने आनन फानन में शहर के नारायण स्वरूप अस्पताल में भर्ती कराया वहां डॉ राजीव सिंह ने बताया कि इसकी हालत काफी बिगड़ चुकी है बचने की कोई उम्मीद नहीं है भर्ती कराने के लगभग 6 घंटे बाद डॉक्टर ने जयसिंह को मृत घोषित कर दिया मृतक के एक लड़की दो लड़के है लड़की 7 साल की है और लड़का की उम्र लगभग 6 साल वा 4 साल है परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
[3/3, 18:32] +91 96216 39625: *यूक्रेन आर्मी कर रही भारतीयों को टॉर्चर:खार्किव में फंसे छात्रों ने बताया- ‘यूक्रेन आर्मी ने कहा- अगर ट्रेन में चढ़े तो गोली मार देंगे, फिर हवाई फायर करने लगे*’
पूर्वी यूक्रेन का शहर खार्किव, रूसी बॉर्डर से सिर्फ 40 किमी दूर। करीब 1,000 हजार भारतीय छात्र 2 मार्च की शाम को वोकजाल, खार्किव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इन्हें किसी भी हालत में खार्किव छोड़ना था, जो भी ट्रेन मिले, जहां की भी मिले बस चढ़ जाना है, लेकिन धमाकों के बीच स्टेशन में फंसे छात्रों के साथ यूक्रेन की पुलिस ने क्रूरतम व्यवहार किया। ना सिर्फ जान से मारने की धमकी दी, बल्कि भारतीयों को डराने के लिए शॉट्स भी दागे और छात्रों को टॉर्चर भी किया।
‘यूक्रेन की पुलिस और आर्मी स्टेशन पर सिर्फ अपने देश के लोगों को ही प्राथमिकता दे रही है। दूसरे देश के लोगों और खासतौर पर भारतीयों के साथ मारपीट कर रहे हैं। लड़कियों तक को पुलिसवालों ने नहीं बख्शा। लड़कों को यूक्रेन की आर्मी ने साफ-साफ कह दिया कि अगर ट्रेन में चढ़े तो सीधे गोली मार देंगे। हमें भारतीय ऐंबैसी ने कह दिया है कि 6 बजे तक खार्किव छोड़ दें।
एक तरफ हमें हमारे हॉस्टल लौटने नहीं दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमें ट्रेन में नहीं चढ़ने दिया जा रहा। अब हमें समझ नहीं आ रहा कि हम क्या करें। बाहर निकलेंगे तो क्रॉस फायरिंग में मारे जाने का डर है। हम यहां पर फोन निकाल कर फोटो भी नहीं ले सकते, यूक्रेन पुलिस वाले सीधा शूट करने की धमकी देते हैं।’
खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट दिव्यांश दीक्षित ने हमें ये तब बताया जब वो खार्किव स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। दिव्यांश उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं। दिव्यांश के साथ सिद्धांत, अंशुल, उज्जवल, प्रिया जैसे करीब 1,000 हजार छात्र स्टेशन पर मौजूद थे।
दरअसल ये हालात इसलिए बने क्योंकि 2 मार्च शाम 4.47 पर यूक्रेन में भारतीय ऐंबैसी ने अर्जेंट एडवाइजरी जारी करके कहा कि खार्किव में मौजूद सभी भारतीय तत्काल प्रभाव से शहर छोड़ दें। भारतीय खार्किव से सटे पश्चिमी इलाकों जैसे पेसोचिन, बाबाये और बेजलयुदोवका की तरफ बढ़ें। ठीक एक घंटे बाद फिर से एजवाइजरी जारी करते हुए भारतीय ऐंबैसी ने कहा कि भारतीय ‘तत्काल मतलब तत्काल प्रभाव से’ खार्किव छोड़कर निकल जाएं।’
खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट दिव्यांश दीक्षित अपने करीब 1,000 साथियों के साथ खार्किव रेलवे स्टेशन पर
खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट दिव्यांश दीक्षित अपने करीब 1,000 साथियों के साथ खार्किव रेलवे स्टेशन पर
‘यूक्रेन की आर्मी ने लड़कियों के साथ की बदसलूकी’
खार्किव में रूसी अटैक का खतरा बढ़ता जा रहा था। 2 मार्च को सुबह 6 बजे दिव्यांश अपने साथियों के साथ खार्किव के वकजाल रेलवे स्टेशन के लिए निकले। करीब 10 किमी का पैदल सफर तक करके जब वो रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो वहां के हालात देखकर दंग रह गए। पीठ पर अपना सामान लादे थके हारे छात्रों को सहारा देने की बजाय, उल्टा यूक्रेन की आर्मी और पुलिस ने टॉर्चर किया। सुबह 8 बजे से 2 बजे तक इन छात्रों ने इंतजार किया। छात्र लगातार यूक्रेनी पुलिस से ट्रेन में बैठने के लिए मिन्नतें करते रहे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। ना ही उन्हें ट्रेन में चढ़ने दिया गया, उल्टा बदसलूकी की गई। दिव्यांश बताते हैं कि यूक्रेनी आर्मी के एक जवान ने भारतीय छात्रों को डराने के लिए हवा में गोलियां दागना शुरू कर दिया, ऐसा कई बार हुआ। इससे सभी सहम गए। कुछ लड़कियों के साथ भी बदसलूकी की गई और उन्हें चोट भी आई।
खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई छात्रों के साथ हुई बदसलूकी।
खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई छात्रों के साथ हुई बदसलूकी।
‘अलग-अलग तरह से किया गया टॉर्चर’
हजार लोगों में मौजूद एक और छात्रा ने नाम ना जाहिर करने की शर्त पर कहा कि ‘यूक्रेन की पुलिस सिर्फ अपने देश के लोगों को ही जाने दे रही है। जब हमने खूब हाथ-पैर जोड़े तो उन्होंने पहले सिर्फ भारतीय लड़कियों को जाने दिया, इसके बाद पुलिस आई और लड़कों की जमकर पिटाई की। लड़कों को अलग-अलग तरह से टॉर्चर किया। हमारे एक साथी को अस्थमा की दिक्कत थी, उसको टॉर्चर करने के लिए इस हद तक ले आए उसकी सांस उखड़ने लगी। इसके बाद अलग-अलग गेम खिलाने के नाम पर टॉर्चर किया गया।’
एक और छात्रा ने बताया, ‘यूक्रेन पुलिस सिर्फ यूक्रेन के नागरिकों को ही सुरक्षित रूप से जाने दे रही है। भारतीय छात्रों को बिना किसी कारण के सजा दी जा रही है।’
‘दो बिल्डिंग दूर एयर स्ट्राइक, फिर हम शेल्टर की तरफ भागे’
दिव्यांश बताते हैं, ‘हम लोग इस बदसलूकी के बाद पीछे हट गए। हमने अपने साथियों को इकट्ठा किया। तभी हमसे दो बिल्डिंग दूर ही एयर स्ट्राइक हो गई थी, इसलिए हम शेल्टर में चले गए थे। जब ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया तो 1,000 में से करीब 700-800 छात्रों ने तय किया कि वो खार्किव से करीब 15 किमी पश्चिम की तरफ पेसोचिन के लिए पैदल ही निकल पड़ें। हमने सोचा कि एग्जिट रूट का इंतजार करने से अच्छा है कि हम पैदल ही खार्किव से बाहर चले जाएं। एक डर ये भी था कि हम क्रॉस फायर में ना फंस जाएं।’
युद्ध के सातवें दिन यूक्रेन में कई शहरों पर हैवी शेलिंग की जा रही है
युद्ध के सातवें दिन यूक्रेन में कई शहरों पर हैवी शेलिंग की जा रही है
‘हमारे एकदम करीब बम गिरा, साथी घायल होते-होते बचा’
छात्र बताते हैं, ‘हमें जिस रास्ते से जाना था, उसमें हमें यूक्रेन के मुख्य मिलिट्री एरिया को पार करना था। हमें डर था कि कहीं रशियन हम पर हमला ना कर दें। जब हम रास्ते में चल रहे थे तो हमसे करीब सिर्फ 100 मीटर दूर बम गिरा। मेरे एक दोस्त को चोट लगते-लगते बची। फिर हम वहां से दौड़ते-भागते तीन घंटे चले और पेसोचिन पहुंचे। यहां पर हम 2 मार्च की रात को पहुंच गए हैं और भारतीय ऐंबैसी ने यहां हमारे रुकने के लिए एक यूक्रेनियन स्कूल में व्यवस्था की है।’
पिछले 6 दिन से बंकर में काट रहे थे वक्त
दिव्यांश और उनके साथी युद्ध के सातवें दिन खार्किव छोड़कर निकले। इसके पहले 6 दिन वो हॉस्टल के पास ही बंकर में छिपे रहे। लगातार बमबारी के बीच उन्हें कुछ मिनट के लिए ही बाहर निकलने को मिला। इसी वक्त में उन्हें वॉशरूम जाना होता है और खुद के लिए कुछ खाने, पीने के पानी का इंतजाम करना पड़ता था। वहां के लोगों की बंकर में रहने की सख्त चेतावनी थी। बंकर में भी हालात बद से बदतर हो रहे थे और मेंटल स्ट्रेस बढ़ रहा था।
[3/3, 18:55] +91 98397 86493: *सवर्ण समाज पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी अशोभनीय–पूर्व मंत्री*
*पूर्व कद्दावर मंत्री मतेश चन्द्र सोनकर ने सांसद पर साधा निशाना, बोले ओछी हरकत, सोनकर सर्व समाज को साथ लेकर चलने में विश्वास करता है*
*कौशाम्बी* अक्सर विवादों से नाता जोड़ने वाले कौशाम्बी सांसद ने विशेष जातियों को लेकर टिप्पणी की थी जिसके बाद वे लगातार लोगों का आक्रोश झेल रहे है। ये कोई पहला मामला नही है इसके पहले भी कई बार अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में रहना व दूसरे दिन माफी मांगना उनकी राजनीति का पहलू रहा है। मालूम हो पिछले दिनों कौशाम्बी के भाजपा सांसद विनोद सोनकर ने ठाकुर ब्राह्मण व वैश्य समाज को लेकर घटिया टिप्पणी कर दी थी। जिसको लेकर वे उक्त समाज ही नही बल्कि पूर्व कद्दावर राज्य मंत्री मतेश चंद्र सोनकर के निशाने पर आ गए। हालांकि उन्होंने दूसरे दिन की गई टिप्पणी पर वीडियो जारी कर माफी भी मांगी। लेकिन लोगों का आक्रोश कम ही नही हो रहा है।
मालूम हो कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर अपनी समाज की एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे उसी बीच उतावलेपन में उनके बोल बिगड़ गए जिसको लेकर कई समाज ने उनकी जमकर आलोचना की। वहीं लोकसभा चुनाव में उनके खिलाफ लामबंदी भी शुरू कर दी। इसी बीच पूर्व कद्दावर राज्य मंत्री रहे मतेश चंद्र सोनकर ने सांसद की टिप्पणी की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा सांसद द्वारा जाति एवं धर्मसूचक शब्दों का प्रयोग नही करनी चाहिए। सांसद को अपनी भाषा की मर्यादा को ध्यान में रखकर किसी भी धर्म को लेकर इस तरह की अभद्र टिप्पणी करना शोभनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे शब्दों की कड़ी निंदा करता हूँ। सोनकर समाज सर्वधर्म और सर्व समाज को लेकर चलने का काम करता है और उसी में विश्वास रखता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा सांसद कौशाम्बी के बेतुके बयान की मैं ही नही पूरा सोनकर समाज आलोचना करता है। उन्होंने आगे कहा अब उनको सत्ता का नशा चढ़ गया है जो अगले लोकसभा चुनाव में जनता इनको सबक सिखाकर ही रहेगी।
[3/3, 19:08] +91 99191 96696: *15 दिन बीते मोबाइल लुटेरे को नहीं गिरफ्तार कर सकी पुलिस*
*खुलासे के नाम पर लावारिस मोबाइल की बरामदगी थोक में पुलिस दो बार कर चुकी है*
*कौशांबी* पिपरी थाना क्षेत्र के तिल्हापुर मोड़ बाजार से 17 फरवरी को दिन दहाड़े सब्जी खरीदने आए राम बाबू केसरवानी पत्रकार का मोबाइल छीन कर लुटेरे फरार हो गए भीड़ भरे बाजार में दिनदहाड़े मोबाइल लूट की घटना से बाजार में हड़कंप मच गया मामले की सूचना स्थानीय थाना पुलिस को रामबाबू ने दिया घटना को 15 दिन बीत गए हैं थाना पुलिस ने ना तो मोबाइल बरामद किया है और ना ही मोबाइल लुटेरों को पुलिस गिरफ्तार कर सकी है इसके पहले भी तमाम मोबाइल की लूट हुई है लेकिन खुलासे के नाम पर पुलिस थोक भाव मे लावारिस हालत में मोबाइल तो बरामद कर लेती है जैसे पुलिस को लूट के मोबाइल सड़क पर पड़े मिल जाते हैं लेकिन मोबाइल लूट करने वाले गिरोह के सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार नही करती है उनसे पुलिस लेनदेन कर उन्हें बाइज्जत बरी कर देती है जिससे मोबाइल लूट करने वाले गिरोह के सदस्यों के हौसले बढ़े हैं और आए दिन मोबाइल लूट की घटनाएं होती हैं पूर्व में लावारिस मोबाइल की बरामदगी थोक में पुलिस दो बार कर चुकी है लावारिस हालत में बरामद मोबाइल के दो खुलासे के मामले को यदि पुलिस अधिकारियों ने जांच कराई तो मोबाइल बरामद करने वाली पुलिस टीम पर भी कार्यवाही होना तय है और मोबाइल लूट करने वाले गिरोह के सदस्यों का भी जेल जाना तय है लेकिन क्या पुलिस मोबाइल लूट की घटना को गंभीरता से लेगी या इसी तरह आम जनता का मोबाइल गैंग के सदस्य लूट कर फरार होते रहेंगे
[3/3, 19:08] +91 99191 96696: *एक महीने बीते विवाहिता पर हमला करने वाले नहीं हुए गिरफ्तार*
*इलाके में दबंगो का है आतंक करारी थाना पुलिस के संरक्षण के चलते पीड़ितों को नहीं मिल पाता न्याय*
*मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार हुए थे आरोपी थाना पुलिस से सांठगांठ होते ही फिर खुलेआम घूम रहे हैं आरोपी*
*कौशांबी* करारी थाना क्षेत्र के चक शहाबुद्दीनपुर की विवाहिता रीता देवी पत्नी चुन्नू धोबी को गांव के 4 दबंगों ने मिलकर 4 फरवरी की सुबह मारपीट कर लहूलुहान कर दिया था मामले की तहरीर रीता की मां कुसुम देवी ने करारी थाना पुलिस को दिया जिस पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 030 सन 2022 में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी मुकदमे के अनुसार आरोपी धनराज सिंह बलराज सिंह वंशराज सिंह हंसराज सिंह पुत्रगण मेवालाल यादव ने मामूली बात पर विवाहिता पर प्राणघातक हमला किया है मुकदमा दर्ज होने के बाद कुछ दिनों तक तो हमलावर फरार रहे लेकिन फिर हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं और सुलह समझौते का दबाव विवाहिता पर बना रहे हैं एक महीने बीत जाने के बाद भी विवाहिता पर प्राणघातक हमला करने वाले दबंग हमलावरों की गिरफ्तारी न किए जाने से करारी पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी आए दिन लोगों के साथ मारपीट गाली-गलौज आतंक करते हैं और इलाके में इनका आतंक है लेकिन करारी थाना पुलिस के संरक्षण के चलते पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता है पीड़ित परिजनों ने पुलिस अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है
[3/3, 19:11] +91 84333 14212: *सुरक्षा व्यवस्था मे ना कि जाए ढिलाई–डीएम*
*स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर डीएम ने दिया निर्देश*
*कौशाम्बी* जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मण्डी समिति ओसा स्थित स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारीगणों व वहां की व्यवस्था व रजिस्टर को चेक किया जिले की तीनों विधानसभा में हुए चुनाव की ईवीएम मशीनों को मंडी समिति ओसा परिसर के स्ट्रांग रूम में रखा गया है
जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से बताया कि ईवीएम की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान व अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है जिसमे डीएम ने सभी को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई न होने पाए लापरवाही बरतने वालो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी इस मौके पर जिलाधिकारी सुजीत कुमार पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा पुलिस बल आदि लोग उपस्थित रहे
[3/3, 19:23] +91 97921 21202: *चेकिंग के दौरान की गई कार्यवाही*
*कौशाम्बी* जनपद मे लाकडाउन के दृष्टिगत सरकार द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुपालन के क्रम में पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जनपद स्तर पर विभिन्न थानों द्वारा अनावश्यक रूप से बाहर घूमने मास्क न लगाने एव सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने वालों के विरुद्ध सघन चेकिंग की गई एंव चेकिंग के दौरान दो पहिया चार पहिया वाहनों को चेक किया गया, जिनमें 60 वाहनों का ई चालान किया गया एवं 02 वाहनो चालान कर 1000 रुपये सम्मन शुल्क वसूला गया साथ ही बिना मास्क लगाये घूमने एवं सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का उल्लघन करने वालो के विरुद्ध कार्यवाही करते हुये एक व्यक्ति से 100 रुपये जुर्माना वसूला गया।
[3/3, 19:23] +91 97921 21202: *हत्या के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा*
*अभियुक्त पर 55 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया अर्थ दण्ड न देने पर भुगतना पड़ेगा 16 माह अतिरिक्त कारावास*
*कौशाम्बी* थाना महेवाघाट में पंजीकृत डीपी एक्ट के अभियुक्त अवधेश कुमार उर्फ बेटा निषाद पुत्र गोरेलाल निषाद निवासी महेवाघाट थाना महेवाघाट को न्यायालय एडीजे एफटीसी प्रथम द्वारा दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास व 55 हजार रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थ दण्ड न देने पर 16 माह अतिरिक्त कारावास से दण्डित किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने बताया कि शासन की प्राथमिकता के आधार पर गम्भीर एवं जघन्य अपराधों में पैरवी कर अभियुक्तों को सजा दिलाने के क्रम में पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में प्रभावी पैरवी कराते हुए मानिटरिंग सेल के माध्यम से अभियुक्त गण को सजा दिलाई गई है
[3/3, 19:23] +91 97921 21202: *आखिर नगर पालिका क्षेत्र में जनता के साथ सौतेला व्यवहार क्यों*
*किसके दबाव में मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण में अलग-अलग मानक तय कर रहे अधिकारी*
*कौशाम्बी* संविधान की रक्षा की शपथ लेकर सरकारी कुर्सी पर बैठने वाले अधिकारी नेताओं की कठपुतली बनकर गुलामी कर रहे हैं जिससे मंझनपुर कस्बे की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है मंझनपुर विधायक भी जनता की इस पीड़ा पर मौज कर रहे हैं और सांसद कौशांबी भी जनपद मुख्यालय मंझनपुर की जनता की पीड़ा के समाधान पर निष्पक्ष पहल करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं पूरे नगर में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर गरीब कमजोर नगर वासियों को नगर पालिका मंझनपुर बर्बाद कर रहा है लेकिन सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के नेता विधवा विलाप कर रहे हैं नेताओ के घरों के सामने सड़कों के चौड़ीकरण में पक्षपात हो रहा है आखिर योगीराज में सड़क चौड़ीकरण करने में लगे अधिकारियों के इस पक्षपात का खामियाजा किस को भुगतना पड़ेगा पक्षपात कर सरकार को बदनाम करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही करने का साहस डीएम कमिश्नर कब करेंगे कस्बे की सात दशक पुरानी सड़क के चौड़ीकरण और नगर वासियों के सात दशक पुराने भवन को धराशाई करने में पक्षपात से नगर में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है बताते चले कि मंझनपुर नगर में जेसीबी मशीन लगाकर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर नगर वासियों के घरों को धराशाई किया गया है नगर के चौड़ीकरण के नाम पर तमाम गरीब कमजोर लोग भी नगरपालिका के चौड़ीकरण के शिकार हो गए हैं जिससे उनके सामने मुसीबत का पहाड़ खड़ा हो गया है लेकिन दूसरी तरफ तमाम अन्य रसूखदार लोगो के घरों के सामने चौड़ीकरण में अधिकारियों के पक्षपात के चलते सड़क सिकुड़ रही है अधिकारियों के पक्षपात से नगर में खासा आक्रोश व्याप्त है नगर वासियों ने डीएम कमिश्नर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सड़क चौड़ीकरण में पक्षपात करने वाले अधिकारियों ठेकेदारों पर कार्यवाही करते हुए सड़क मानक के अनुसार बराबर बनाए जाने की मांग की है
*कब गिराया जाएगा नगरपालिका लिपिक का सड़क पर बना घर*
*कौशाम्बी* नगरपालिका मंझनपुर के एक लिपिक का आवास भी सड़क पर बना हुआ है लेकिन लिपिक के घर पर भी चौड़ीकरण का मानक नहीं लागू होता है आखिर कब तक दोहरा मापदंड नगरपालिका अपनाएगा पूरे नगर वासियों का मानक अलग है और नगरपालिका के सड़क पर बने घर मे चौड़ीकरण का मानक अलग है जबकि लिपिल का मकान सड़क पर बना हुआ है लेकिन लिपिक के घर को अधिशासी अधिकारी जेसीबी मशीन से धरा शाही नहीं करा सके हैं
[3/3, 19:23] +91 97921 21202: *सवर्ण विरोधी बसपा के नारे को साकार करने में लगे भाजपा सांसद*
*कौशाम्बी सांसद बिनोद सोनकर के दिलो दिमाग में आज भी सवर्णो के प्रति धधक रही है नफरत की आग*
*देश के प्रधानमंत्री की छवि खराब करने में लगे हैं कौशांबी सांसद विनोद सोनकर*
*कौशाम्बी* भाजपा सांसद कौशाम्बी बिनोद सोनकर ने विधानसभा चुनाव के बाद सवर्णो के प्रति भरी अपने दिल की नफरत को उजागर कर यह साबित कर दिया कि भाजपा भले सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का नारा दे कल आम जनता का दिल जीतने की कोशिश कर रही हो लेकिन सांसद बिनोद सोनकर के दिल दिमाग में आज भी सवर्णो के प्रति नफरत की आग धधक रही है कभी बहुजन समाज पार्टी ने नारा दिया था कि तिलक तराजू और तलवार इनको मारो जूता चार उसी नारा को भाजपा सांसद साकार कर रहें हैं शायद बहुजन समाज पार्टी को खुश करने का काम करते हुए कौशांबी सांसद विनोद सोनकर भविष्य में अपना हित बहुजन समाज में समझ रहे हैं भाजपा से अगर कौशांबी सांसद विनोद सोनकर भगाऐ गये तो बहुजन समाज पार्टी उनके इस बयान से खुश होकर अपने दरवाज़े सांसद के लिऐ खोल देगी सांसद इस बात को भूल रहे हैं कि अगर भाजपा के साथ ज्यादा तदाद में कोई है तो वह सवर्ण तबका है जिनमें ब्राह्मण ठाकुर बनिया ही हैं भला सांसद कौशांबी को ब्राह्मण ठाकुर बनिया के धर्म परिवर्तन का इतिहास कैसे ज्ञात हैं तो उनसे बडा इतिहास कार-ज्ञाता विद्वान शोध कर्ता कोई दूसरा भारत माता के धरती पर हो ऐसा नहीं लगता है । सवाल यह है कि क्या सांसद कौशांबी अपने शोध से यह भी बता सकते हैं कि पासी रविदास यादव पटेल मौर्य पाल पहले क्या थे और यह कौन थे और क्या बनें भारत की अनेक जातियों को छोड़ कर सिर्फ खटिक सोनकर उनकी जाति ही भारत की हितैषी और सिन्धु घाटी के सभ्यता से आदि मानव के समय से आज तक सिर्फ खटिक ही है क्या इसका पुख्ता सबूत सांसद के पास है?और अगर हैं तो अन्य जातियों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी जाति का इतिहास उन्हे रखना चाहिए और देश वासियों को बताना चाहिए कि भारत माता के स्वाधीनता में सबसे बडा इतिहास खटिक सोनकर का है ब्राह्मण समाज के पुरोधा संत राजेंद्र तिवारी बाबा ने कहा कि हमने तो आज तक कहीं नहीं पढा या सुना कि गुलाम भारत की आजादी में सोनकर ने कहीं बलिदान दिया उन्होंने कहा कि जबकि भारत देश की आजादी में ब्राह्मण ठाकुर बनिया के योगदान और बलिदान की गथाए पढ सुन चुके है यहाँ पर सांसद अपने मुख बस अपनी करनी-बार अनेक भाँति बहु बरनी की कथा कह कर सांसद सिर्फ अपनी जाति के हिमायती सांसद बनने का रास्ता चुना है जो भविष्य में उन्हे काॅटो भरी राह होगी यही नहीं जो सवर्णो में भाजपा में रहकर सवर्णो के प्रति घिनौनी राज नीति कर रहे हैं उसका खामियाजा उनके बदौलत भविष्य में भाजपा को भुगतना पड सकता हैं भाजपा के प्रति सवर्ण समाज में जो इज्जत है उसे तार तार करने में सांसद कौशांबी लगें हुए हैं जिससे साबित होता है कि सवर्णो को भाजपा से नाराज कर 2024 के पहले भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र दमोदर दास मोदी की छवि खराब करने में सांसद कौशांबी तुले हुए हैं वह यह भूल गयें है कि यह वही तिलक तराजू और तलवार है जो बहुजन समाज पार्टी के दिल्ली जानें का रास्ता रोकने का काम किया और उन्हे ज्ञान देने का काम किया जो आज जग जाहिर है ।जो किसी का सम्मान करना नहीं जानतें उन्हे हमेशा अपमानित होना पडता है और दो साल के बाद अगर ब्राह्मण ठाकुर बनिया समाज में तनिक भी पानी होगा तो सांसद कौशांबी विनोद कुमार सोनकर को उनके घर बाग में बैठाने का काम यही समाज करके दिखायेगा और समय आने पर इसी समाज के पैरों में पडकर अपनी लाज रखने की दुहाई देते नजर आयेंगे
चुनावी सभा में ठाकुर ब्राह्मण बनिया के प्रति किए गए कुठाराघात के बाद आज पूरे सवर्ण समाज में सांसद के प्रति काफी आक्रोष बना है जो स्वयं सांसद की देन हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रधानमंत्री को इनके बड बोले पन की बातों पर बिचार करना होगा और सवर्ण समाज के धर्म परिवर्तन के इतिहास कार-ज्ञाता विद्वान शोध कर्ता सांसद कौशांबी विनोद सोनकर के ऊपर कार्यवाही करना होगा अन्यथा यह तबका भाजपा से किनारा करने का काम करेगा और केवल खटिक सोनकर ही भाजपा को चलाने और जिताने का काम करेंगे आज सवर्ण समाज जाग चुका है और कथनी करनी के अंतर को सांसद ने समझा दिया है जो बीज सांसद कौशांबी ने चुनाव के बाद बोया है उसका फल अपनी बगिया ताक कर सांसद दो वर्ष के अंदर ही खायेंगे इस लिए अब इस बीज का पौधा अंकुरित हो गया हैं इसे बाग में लगाकर अभी से अभ्यास शुरू कर देवें ताकि उनका बाग की रखवाली का सपना साकार हो यह जनपद के उनके बयान से आहत सवर्ण समाज की आवाज हैं और अपनें मन और सम्मान के प्रति सवर्ण समाज सजग है
[3/3, 19:23] +91 97921 21202: *भारत का यह कैसा लोकतंत्र जहाँ किसानों के अधिकारों से उन्हें किया जा रहा वंचित*
*तो फिर प्रशासन को किसानों की उपज ले जाने से स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का महसूस हो रहा है खतरा*
*मंडी समिति ओसा के गेट पर बिचौलिए खरीद रहे हैं किसानों का 15 सौ रुपए कुंटल में धान*
*कौशांबी* मंडी समिति ओसा व्यापारी और किसान परिसर है और यहीं पर हॉट शाखा और मंडी समिति शाखा द्वारा किसानों के धान खरीद के लिए खरीद केंद्र बनाया गया है 7 मार्च तक धान खरीद के लिए शासन ने निर्देश दिया है लेकिन फिर भी धान खरीद बहाने से बंद कर दी गई है और बिचौलियों के लिए केंद्रों में गुपचुप धान खरीदे जा रहे हैं व्यापारियों का यहां पर व्यापारी स्थल भी है
मंडी समिति के पीछे के हिस्से में विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए ईवीएम मशीन रख दी गई हैं लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर मंडी समिति ओसा परिसर के पीछे के क्षेत्र में ईवीएम मशीन रखने का स्थान बनाए जाने के बाद मंडी समिति के सुरक्षाकर्मियों ने व्यापारियों के प्रवेश पर तो रोक नहीं लगाई है लेकिन उपज लेकर पहुंचने वाले गरीब किसानों पर मंडी समित गेट पर रोक लगा दी गई है जबकि मंडी समिति परिसर में पूरे दिन सैकड़ों व्यापारी मौजूद है लेकिन फिर किसानों के पहुंचने में कैसा खतरा प्रशासन महसूस कर रहा है स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर मंडी समिति में किसानों को उपज लेकर प्रवेश पर गेट के सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोक लगा दी गई है जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत हो रही है इसका सीधा लाभ बिचौलिए उठा रहे हैं और मंडी गेट पर 15 सो रुपए कुंतल किसानों का धान बिचौलिए खरीद रहे हैं
प्रशासन के इस निर्णय के बाद मजबूर किसान लूटे जा रहे हैं मंडी समिति गेट पर लगे सुरक्षाकर्मियों और खरीद केंद्र प्रभारियों की भूमिका सवालों के घेरे में है धान खरीद अधिकारी जिला विपणन अधिकारी की भी भूमिका बिचौलियों को बढ़ाने वाली दिखाई पड़ रही है किसानों की उपज मंडी समिति के भीतर धान खरीद केंद्र तक ले जाने पर स्ट्रांग रूम की कड़ी सुरक्षा को अधिकारी कैसा खतरा महसूस कर रहे हैं यह जन चर्चा में शामिल है जबकि भारी भरकम अर्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती स्ट्रांग रूम क्षेत्र में की गई है विधानसभा चुनाव मतगणना के बहाने मंडी समिति ओसा में किसानों की धान खरीद रोक दी गई उपज ले कर आने वाले किसानों को मंडी समिति के गेट से प्रवेश नहीं मिल रहा है जिससे किसान परेशान है गेट से लगातार किसान उपज सहित लौटाए जा रहे हैं किसानों की उपज की बिक्री में आने वाले व्यवधान को दूर करने के लिए कोई अधिकारी पीड़ित किसानों की सुनने को तैयार नहीं है यह कैसा लोकतंत्र है जहां किसानों को उनके अधिकारों से रोका जा रहा है
[3/3, 19:23] +91 97921 21202: *सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने वाला लेखपाल बना अधिकारियों का नयनतारा*
*सरकारी जमीन को कब्जा करा कर धनादोहन में जुटे चर्चित लेखपाल को बर्खास्त कर सरकारी संपत्ति बचाए जाने की बुलंद की ग्रामीणों ने आवाज*
*कौशाम्बी* मंझनपुर तहसील में एक ऐसा लेखपाल है जिसकी तैनाती तहसील क्षेत्र के जिस गांव में हुई है वहां कई एकड़ सरकारी जमीनों पर कब्जा करा कर लेखपाल ने अवैध कब्जा धारकों से लाखों की रकम वसूली है सरकारी जमीन को कब्जा करा कर अवैध वसूली में लिप्त लेखपाल के कारनामे पर तहसीलदार और उप जिलाधिकारियों ने भी अभी तक कार्यवाही नहीं की है ऐसे भ्रस्ट लेखपाल को चिन्हित कर लेखपाल को बर्खास्त किए जाने की मांग ग्रामीण जनता ने सरकार से की है यह चर्चित लेखपाल एक माननीय का खासम खास बताया जाता है जिससे लेखपाल पर कार्यवाही करने से अधिकारी भय खाते हैं
मंझनपुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्राम सभाओं में सरकारी जमीन को कब्जा कराने की आड़ में व्यवसाय बना कर लाखों की रकम वसूलने वाला भ्रस्ट लेखपाल ने मंझनपुर तहसील क्षेत्र के ख़ुर्रम पुर बजहा और रसूलपुर सोनी सहित कई गांव में तैनाती के दौरान सरकारी जमीनों में कब्जा कराने के मामले में बदनाम हो चुका है आला अधिकारियों को भी लेखपाल बराबर झूठी सूचना देकर अपना बचाव करने का प्रयास कर रहा है यदि खुर्रामपुर बजहा गांव की बात करें तो कई बीघा सरकारी जमीन और ब्रिटिश पीरियड के स्कूल की सरकारी खाली जमीन तालाब आदि की भूमि में लेखपाल ने कब्जा करा कर लाखों रुपए की रकम वसूल ली है इसी तरह रसूलपुर सोनी गांव में 3 बीघे के तालाब सहित कई अन्य सरकारी भूमि पर इसी बदनाम लेखपाल ने कब्जा करा कर लाखों की रकम वसूली है लेकिन लाखों की रकम वसूलने वाला यह लेखपाल अधिकारियों का नयनतारा बना हुआ है और लेखपाल के गुनाह पर अधिकारी अंजान बने हैं इतना ही नहीं यह लेखपाल राजस्व अभिलेखों में दर्ज किसानों की भूमि पर भी हेराफेरी कर विवाद की स्थिति उत्पन्न कर धनादोहन में जुटा हुआ है इस मामले में भी लेखपाल अधिकारियों को झूठी सूचना दे रहा है मंझनपुर तहसील के इस चर्चित लेखपाल के कारनामे को संज्ञान लेते हुए लेखपाल पर कठोर कार्रवाई करते हुए जहां सरकारी संपत्तियों को बचाए जाने की जरूरत है वहीं बदनाम लेखपाल पर मुकदमा दर्ज कराते हुए इसे बर्खास्त किए जाने की आवाज ग्रामीणों ने बुलंद की है
[3/3, 19:32] +91 96959 61020: *हाथ बांध कर दो चचेरी बहनें गंगा में कूदी एक की मौत एक गंभीर*
*महेश बाबा देवस्थान मेला देखने को निकली थी घर से दोनों बालिकाएं*
*कौशाम्बी* मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के माजरा शरीफ पुर की दो चचेरी बहने बुधवार की रात्रि 8:00 बजे दुपट्टे से हाथ बांधकर गंगा नदी में कूद गई हैं जिससे नदी में डूब जाने से एक बहन की मौत हो गई और दूसरी बहन को लोगों ने बचा लिया बेहोशी हालत में दूसरी बालिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया और मृतक बालिका के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है
घटनाक्रम के मुताबिक मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के मजरा शरीफपुर की रीता देवी उम्र 22 वर्ष पुत्री राम भवन पासी अपनी चचेरी बहन बीता देवी उम्र 21 वर्ष पुत्री जगपत पासी बुधवार की दोपहर गांव की तमाम महिला पुरुषों के साथ पड़ोसी गांव टेवा में महेश बाबा देवस्थान पर लगने वाले मेले में शामिल होने गयी थी बीता देवी की सगाई गोद भराई आदि की रस्म हो चुकी है उसका होने वाला पति टेवा मेले में मिलने आया था जहां बालिका से यह कहा गया कि वह शादी में एक लाख नगद और एक मोटरसाइकिल लेकर आएगी तभी उसे रखा जाएगा इस बात को लेकर होने वाले दूल्हे से बालिका का विवाद हुआ जिस पर आक्रोशित होकर दोनों चचेरी बहनों ने आत्महत्या करने की ठानी और दोनों बहने महेश बाबा मेला से निकलकर प्राइवेट साधन के सहारे कड़ा गंगा घाट पहुंची और हाथ में दुपट्टा बांध कर दोनों बहनो ने गंगा नदी में छलांग लगा दी नदी में डूब जाने से बीता देवी की मौत हो गई और बेहोशी हालत में रीता देवी को मछुआरों ने बाहर निकाला है मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई है सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची है घटना की जानकारी परिजनों को मिली रोते बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए पुलिस में बीता देवी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है
[3/3, 19:51] +91 94157 66772: बिग ब्रेकिंग हरदोई—-
हरदोई की प्राइमरी शिक्षिका के साथ साइबर ठगी करने वाला साइबर नाइजीरियन गैंग का सहयोगी अपराधी गिरफ्तार– साइबर क्राइम की लखनऊ टीम ने किया गिरफ्तार नागालैंड का साइबर ठग कैप्मिनखुप वैपी हुआ गिरफ्तार — महिला के खाते से उड़ाए थे 608548 रुपये– साइबर थाने की पुलिस हाथ लगी बड़ी सफलता साइबर नाइजीरियन गैंग का सहयोगी साइबर अपराधी गिरफ्तार थाना प्रभारी अजीत सिंह यादव व उनकी टीम ने साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर भेजा जेल मामले की जांच में हरदोई कोतवाली सिटी पहुची लखनऊ साइबर थाने की टीम ।
[3/3, 19:57] +91 97956 31116: *धर्मा देवी की छात्रा हाईकोर्ट में बनी समीक्षा अधिकारी*
*प्रबंधक और प्रधानाचार्य छात्रा को दी बधाई*
*कौशांबी* धर्मा देवी इंटर कॉलेज केन कनवार में शिक्षा ग्रहण करने के बाद एक छात्रा हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी के पद पर चयनित हुई है छात्रा की इस सफलता पर विद्यालय प्रबंधक राम किरण ने उन्हें बधाई दी है और छात्रा के उज्जवल भविष्य की कामना की है
विद्यालय प्रबंध तंत्र ने बताया कि धर्मा देवी इण्टर कॉलेज केन कनवार कौशाम्बी से पारुल सिंह पुत्री स्वर्गीय गणेश सिंह निवासी केन ने 12वी तक की शिक्षा धर्मा देवी कॉलेज में ग्रहण की है और शिक्षा ग्रहण करने के बाद पारुल सिंह ने हाई कोर्ट में समीक्षा अधिकारी की परीक्षा दी परीक्षा के बाद पारुल सिंह हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी के पद पर चयनित हो गयी है पारुल सिंह के चयनित होने पर विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने कहा कि एक शिक्षक के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण होता है जब उसका पढ़ाया विद्यार्थी उच्च पद पर चयनित होता है
[3/3, 22:38] +91 97921 21202: #8741
जब इराक और अफगानिस्तान में मुसलमान को मारा गया, तब क्या अमेरिका युद्ध का अपराधी नहीं था?
1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में अकेला रूस, भारत का समर्थक था।
युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने की मुहिम और तेज। 5 मार्च तक 15 हजार छात्र आ जाएंगे।
जयपुर लौटी छात्रों ने कहा कि तिरंगा ही हमारा बचाव रहा।
एक बैरल कच्चा तेल 116 डॉलर तक पहुंचा। नेचुरल गैस भी महंगी।
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रूस ने यूक्रेन पर जो सैन्य कार्यवाही की उसका 3 मार्च को 8वां दिन रहा। रूस ने यूक्रेन के कई बड़े शहरों पर कब्जा कर लिया है। रूस ने गोलाबारी कर यूक्रेन को भारी क्षति पहुंचाई है। रूस, यूक्रेन में घुसकर हमला कर रहा है। जबकि रूस पर मिसाइल दागने की हिम्मत अभी तक यूक्रेन ने नहीं दिखाई है। भले ही यूरोपियन देशों से यूक्रेन को हथियार मिल रहे हैं। रूस ने यूक्रेन में जो तबाही मचाई है, उसे देखते हुए अमेरिका और नाटो देशों ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में युद्ध अपराधी का मुकदमा चलाने की मांग की है। अमेरिका का बस चले तो पुतिन को गिरफ्तार कर फांसी पर चढ़ा दे। लेकिन सवाल उठता है कि जब इराक और अफगानिस्तान में अमेरिका ने घुसकर हजारों मुसलमानों को मारा, तब क्या युद्ध अपराध नहीं था? यदि इराक और अफगानिस्तान में मुसलमानों को मारने के बाद भी अमेरिका लोकतंत्र का झंडा बरदार बना रह सकता है तो फिर रूस और उसके राष्ट्रपति यूक्रेन हमले को लेकर युद्ध के अपराधी कैसे हो सकते हैं? जो कृत्य अमेरिका ने इराक और अफगानिस्तान में किए, वहीं अब रूस यूक्रेन में कर रहा है। रूस को दादागिरी का रास्ता तो अमेरिका ने ही दिखाया हैे। अलबत्ता अमेरिका फिलहाल यह समझदारी दिखा रहा है कि रूस के विरुद्ध कोई सैन्य कार्रवाई नहीं कर रहा है। यदि अमेरिका कोई सैन्य कार्यवाही करता है तो विश्व युद्ध छिड़ जाएगा। अमेरिका ने अभी जो रणनीति अपनाई है उससे अमेरिका को भारी मुनाफा हो रहा है। यूक्रेन की मदद के लिए नाटो देश बड़ी मात्रा में हथियार भेज रहे हैं। स्वाभाविक है कि नाटो देश अपने शस्त्र भंडारों के लिए अमेरिका से और हथियार खरीदेंगे। यानी इस युद्ध में भी अमेरिका को फायदा हो रहा है।
रूस अकेला समर्थक:
सब जानते हैं कि जब पाकिस्तान बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) के नागरिकों पर अत्याचार कर रहा था, तब 1971 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान में भारतीय सेना को भेज कर बांग्लादेश के नागरिकों को पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। उस समय भी संयुक्त राष्ट्र संघ में अफरा तफरी मची। अमेरिका की शह पर अनेक देशों ने भारत की इस कार्यवाही की निंदा की। इसे दूसरे देश में दखल माना गया। लेकिन तब अकेला सोवियत रूस था जो भारत के समर्थन में खड़ा था। तब रूस ने पाकिस्तान में भारत के दखल को समर्थन दिया था। आज भले ही भारत यूक्रेन पर सैन्य कार्यवाही को लेकर रूस का समर्थन न कर रहा हो, लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठकों में रूस के विरुद्ध रखे गए निंदा प्रस्ताव का समर्थन भी नहीं कर रहा है। 3 मार्च को तीसरी बार संयुक्त राष्ट्र संघ ने रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा गया, लेकिन भारत उन 33 देशों में शामिल रहा जिन्होंने प्रस्ताव पर वोटिंग के समय अनुपस्थिति दर्ज करवाई। हालांकि निंदा प्रस्ताव के समर्थन में 141 वोट पड़े।
छात्रों को लाने की मुहिम तेज
यूक्रेन के युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों में जो भारतीय छात्र फंसे हुए हैं, उन्हें लाने की मुहिम और तेज हो गई है। यूक्रेन के सीमा से लगे पौलेंड, रोमानिया, हंगरी आदि देशों में भारत के विमान तैयार है, जो फंसे हुए छात्रों को लाने का काम कर रहे हैं। इन देशों से भारतीय विमानों का आना लगातार जारी है। 3 मार्च को भी करीब दो हजार छात्रों को भारत लाया गया। उम्मीद है कि 5 मार्च तक 15 हजार छात्रों को यूक्रेन से भारत ले आया जाएगा। युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों से सीमावर्ती देशों तक छात्रों को लाने में भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय है। 3 मार्च को भारत के विदेश मंत्रालय ने खबरों का खंडन किया है जिनमें यूक्रेन में भारतीय छात्रों को बंधक बनाने की बात कही गई थी। मंत्रालय का कहना है कि यूक्रेन में एक भी छात्र बंधक नहीं है।
तिरंगा ही बचाव:
3 मार्च को जयपुर लौटे कई छात्रों ने बताया कि यूक्रेन के युद्धग्रस्त क्षेत्रों में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ही बचाव का एकमात्र साधन है। जिन छात्रों के पास तिरंगा होता है, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में रूस और यूक्रेन की सेना भी सहयोग करती है। छात्रों ने कहा कि यूक्रेन से निकल कर जब हम सीमावर्ती देशों में आए हैं,तब से किसी भी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं हुई है। भारत सरकार के अधिकारी लगातार हमारी सुविधाओं का ख्याल रख रहे हैं। सभी छात्रों को भारत में उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी निशुल्क की गई है। वायुसेना के विमान में आने वाले किसी भी छात्र से एक रुपया भी नहीं लिया जा रहा है।
तेल और गैस महंगा:
यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्यवाही के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और नेचुरल गैस महंगी हो गई है। 3 मार्च को एक बैरल कच्चे तेल की कीमत 116 डॉलर रही। 26 फरवरी को जब सैन्य कार्यवाही शुरू हुई थी, तब बाजार में एक बैरल कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर थी। यानी 8 दिनों में 25 डॉलर की वृद्धि हुई है। इससे पहले युद्ध की आशंका को देखते हुए भी कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि होना शुरू हो गया था। रूस और यूक्रेन में कच्चे तेल और नेचुरल गैस के बड़े भंडार हैं। सैन्य कार्यवाही के बाद पश्चिम के अनेक देशों में रूस से गैस और तेल खरीदने पर पाबंदी लगा दी है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही है। लेकिन रूस को इन पाबंदियों की कोई परवाह नहीं है। क्योंकि दुनिया के कई देश अभी भी रूस से तेल और गैस खरीदने को तैयार है। कीमतें बढ़ने से रूस का मुनाफा भी बढ़ेगा।
[3/3, 22:38] +91 97921 21202: #8742
संविदा पर लगे नर्सिंग कर्मियों की जयपुर में भूख हड़ताल शुरू। घर पर भूखों मरने के बजाए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने ही मर जाएंगे।
राजस्थान में पातेय वेतन शिक्षकों का भी बुरा हाल।
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3 मार्च से जयपुर के शहीद स्मारक पर राजस्थान भर के संविदा नर्सिंग कर्मियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। अनेक महिलाओं के साथ छोटे छोटे बच्चे भी बैठे हुए हैं। सरकारी अस्पतालों में संविदा पर नियुक्त नर्सिंग कर्मियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से रात और दिन मेहनत कर रहे हैं। कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर संक्रमित मरीजों की सेवा की। उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट में संविदा पर लगे नर्सिंग कर्मियों को नियमित करने की घोषणा करेंगे। लेकिन इसके उल्टे सरकार ने नर्सिंग कर्मियों की जो भर्ती निकाली है, उसमें संविदा पर लगे नर्सिंग कर्मियों को प्राथमिकता देने का कोई उल्लेख नहीं है। सरकार एक ओर सीधी भर्ती कर नर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति कर रही है तो दूसरी ओर हजारों नर्सिंग कर्मी संविदा के अनुरूप मात्र 6 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक पर काम कर रहे हैं। नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि नर्सिंग के कार्य में अनुभव महत्वपूर्ण होता है। जो नर्सिंग कर्मी संविदा पर पिछले कई वर्षों से सरकारी अस्पतालों में काम कर रहे हैं उन्हें यदि नियमित कर दिया जाए तो सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि होगी। पदाधिकारियों ने कहा कि जब सरकार को जरूरत थी, तब संविदा पर नर्सिंग कर्मियों को रख लिया। लेकिन आज ऐसे कार्मिकों का कोई सम्मान नहीं किया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में 6 हजार रुपए के पारिश्रमिक पर काम करना बेहद मुश्किल है। हम अपने बच्चों को सही तरीके से घर पर नहीं रख पा रहे हैं। हमारे सामने भूखों मरने की स्थिति है। घर पर मरने के बजाए हम अब जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने ही भूख हड़ताल कर मर जाएंगे। शहीद स्मारक पर बैठे नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि गत विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में संविदा कर्मियों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार बने तीन वर्ष गुजर जाने के बाद भी संविदा कर्मियों को नियमित नहीं किया गया है। चिकित्सा विभाग में ही नहीं बल्कि पंचायती राज, ग्रामीण विकास, जलदाय विभाग आदि में भी संविदा पर हजारों कार्मिक काम कर रहे हैं। सरकार को अपने वादे के मुताबिक इन सभी संविदा कर्मियों को नियमित करना चाहिए।
पातेय वेतन शिक्षकों का भी बुरा हाल:
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पातेय वेतन के नाम से पहचाने जाने वाले हजारों शिक्षकों का भी बुरा हाल है। सरकार ने पूर्व में शिक्षकों को अस्थाई तौर पर पदोन्नति दे दी, लेकिन उनका वेतन नहीं बढ़ाया। यानी जो वेतन मिल रहा था, उसी आधार पर शिक्षकों को द्वितीय श्रेणी, लेक्चरर, हैड मास्टर, आदि के पदों पर पदोन्नति दे दी गई। ऐसे शिक्षक चाहते हैं कि मौजूदा समय में जिन पदों पर काम कर रहे हैं उन्हीं पर स्थाई नियुक्ति दी जाए। लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। पातेय वेतन वाले शिक्षक पिछले कई वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। कई शिक्षकों को हैडमास्टर से पुन: लेक्चरर या द्वितीय श्रेणी का अध्यापक बना दिया गया है। इससे शिक्षकों को मानसिक तानव के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है। पातेय वेतन शिक्षक संघ के प्रतिनिधि दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आग्रह किया है कि ऐसे शिक्षकों को मौजूदा पदों पर ही नियुक्ति दी जाए। पातेय वेतन शिक्षकों के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9664309124 पर पंडित दिनेश शर्मा से ली जा सकती है।
[3/3, 22:56] +91 96216 39625: *फ्राँस के राष्टृपति का पुतिन पर सनसनीखेज खुलासा*…
फ्राँस के राष्टृपति इमैनुएल मैक्रो ने पुतिन से 90 मिनट की बातचीत के बाद किया सनसनीखेज खुलासा।
उन्होंने दावा किया कि अभी तो यूक्रेन में रूस ट्रेलर दिखा रहा है।
रूस का मकसद यूक्रेन पर पूरी तरह से कब्जा है।
आने वाले दिनों में रूस यूक्रेन पर भयानक हमले करेगा।
यूक्रेन का सबसे बुरा वक्त आना अभी बाकी: मैक्रो
[3/3, 23:05] +91 97921 21202: #️⃣बड़ी खबर: पेट्रोल डीजल अगले हफ्ते रुला सकते हैं। अगले हफ्ते तक 25 रुपए तक हो सकते हैं महंगे। कच्चे तेल के दाम पहुंचे 115 डॉलर के पार…..
[3/3, 23:05] +91 97921 21202: *प्रयागराज शंकरगढ़ सदर बाजार शंकरगढ़ के नवजवान ने जहर खा कर की आत्म हत्या दीपक केसरवानी उर्फ (कल्लू) केसरवानी उम्र 35 पुत्र जीवनलाल केसरवानी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या फांसी लगाने का कारण अभी सपस्ट नहीं हो सका*
[3/3, 23:05] +91 97921 21202: न्यूज़ कौशांबी पश्चिम शरीरा
कौशांबी एसपी हेमराज मीणा का पश्चिम शरीरा थाने का हुआ निरीक्षण इस दौरान थाना में अभिलेख कंप्यूटर कक्ष संबंधित प्रभारी को ही निर्देश दिया गया

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