March 1, 2026

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कानपूर नगर ०१ मार्च २६ * भ्रष्टाचार और अपराध की दौड़ में हुई बराबरी लेकिन कागजों में सराहनीय काम दिखाना है, सिर्फ मोटा काला धन कमाना है की योजना को सफ़ल बनाना है, बल्कि न्याय की आवाज़ और अपराध दर्शाने वालों को मुकदमों में फ़साना है

कानपूर नगर ०१ मार्च २६ * भ्रष्टाचार और अपराध की दौड़ में हुई बराबरी लेकिन कागजों में सराहनीय काम दिखाना है, सिर्फ मोटा काला धन कमाना है की योजना को सफ़ल बनाना है, बल्कि न्याय की आवाज़ और अपराध दर्शाने वालों को मुकदमों में फ़साना है

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कानपूर नगर ०१ मार्च २६ * भ्रष्टाचार और अपराध की दौड़ में हुई बराबरी लेकिन कागजों में सराहनीय काम दिखाना है, सिर्फ मोटा काला धन कमाना है की योजना को सफ़ल बनाना है, बल्कि न्याय की आवाज़ और अपराध दर्शाने वालों को मुकदमों में फ़साना है

कानपूर नगर *भ्रष्टाचार और अपराध की जुगलबंदी से जनता बेहाल,शहर में भ्रष्टाचार और अपराध की रफ्तार अब बराबरी पर सरपट दौड़ती नजर आ रही है।

सिस्टम में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों को हर स्तर पर हो रही गड़बड़ियों और बढ़ते अपराध की पूरी भनक होने के बावजूद कार्रवाई ठंडी पड़ती दिख रही है। कार्यवाही के निर्देश कागजों तक सीमित बने हुए हैं,जबकि न्याय की आवाज़ उठाने वालों पर ही उल्टे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने चलन जोरों पर हैं।

पश्चिम जोन अंतर्गत सचेंडी थाना क्षेत्र में देर रात तक लाखों-करोड़ों की सरिया चोरी सप्लाई का कथित बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की चर्चाएं हैं।, लखनऊ से कानपुर, व सचेंडी क्षेत्र भौंती प्रतापपुर में सक्रियता बनी हुई है

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब जिम्मेदारों की मिलीभगत से संचालित हो रहा है। वहीं पनकी थाना क्षेत्र में अवैध मोरंग मंडी और स्टेट हाईवे पर पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा ट्रक-ट्रालों की कतारें लगवाकर अतिक्रमण करने से आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

इसके साथ ही पनकी क्षेत्र में प्रदूषण और जहरीली हवा का असर गंभीर हो चुका है। सांस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की बात सामने आ रही है, और एक महिला की मौत के बाद क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश और गहरा गया है। कूड़ा प्लांट से फैलते प्रदूषण और बढ़ती अराजकता के खिलाफ जब जनता ने आवाज़ उठाई, तो गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकियों के आरोप भी लगे हैं।

शहर के जनप्रतिनिधियों पर चुप्पी साधने के आरोप लग रहे हैं, जबकि नगर निगम विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। “स्मार्ट सिटी” और “ग्रीन कानपुर, क्लीन कानपुर”जैसे अभियान झूठे दावे अब भ्रष्टाचार के तालाब में गोते लगा रहे हैं।

जनता का कहना है कि सिस्टम लगभग धराशायी हो चुका है, और अब लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। सवाल बड़ा होता जा रहा है क्या जिम्मेदार जागेंगे या फिर कानपुर में भ्रष्टाचार और अपराध की यह जुगलबंदी यूं ही चलती रहेगी?

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