February 15, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कानपुर24जुलाई2023*-सावन के तीसरे सोमवार पर वनखण्डेश्वर मंदिर मे भक्तो का ताँता

कानपुर24जुलाई2023*-सावन के तीसरे सोमवार पर वनखण्डेश्वर मंदिर मे भक्तो का ताँता

कानपुर24जुलाई2023*-सावन के तीसरे सोमवार पर वनखण्डेश्वर मंदिर मे भक्तो का ताँता।

कानपुर से सुनील त्रिपाठी की रिपोर्ट यूपीआजतक।

कानपुर के प्राचीन सिद्ध मंदिरो मे से एक वनखण्डेश्वर मंदिर जो कानपुर शहर के पी रोड मे स्थित है कानपुर के पांच प्राचीन मंदिरो मे से एक है इस मंदिर का नाम वनखण्डेश्वर कैसे पड़ा आइए जानते है आज के समय मे कानपुर की पी रोड जो सबसे घनी आबादी मे आती है यहाँ पर बहुत समय पहले केवल जंगल और वन हुआ करते थे यहाँ पर एक गाय रोज आकर इस स्थान पर अपना दूध गिरा जाती थी जब गाय के मालिक को पता चला तोह कुछ लोगो के साथ मिलकर उसने यहाँ पर खुदाई करी तोह वहां पर शिवलिंग उत्पन्न हुयी चुंकि यह शिवलिंग वनो से घिरी थी तोह इसका नाम वनखण्डेश्वर रखा गया तभी से यहाँ पर भक्तो ने पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग की पूजा अर्चना चालू कर दी. यहाँ पर भी जो भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ आता है उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है सावन के प्रत्येक सोमवार मे रात दो बजे मंगला आरती के बाद पट भक्तो के लिए खोल दिए जाते है जिसके बाद भक्तो की बम बम भोले के साथ गूंज चालू हो जाती है जो देर रात्रि तक चलती यह मंदिर घनी आबादी के बीच है तोह यहाँ रात से ही पुलिस अपना कार्य भार संभाल लेती है जिससे मंदिर मे आने वाले किसी भक्त को किसी भी तरीके की दिक्कत ना हो