January 19, 2026

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कानपुर नगर 30 दिसम्बर 25*नगर निगम विभाग के अधिकारियों द्वारा खा लिया गया शौचालय निर्माण का पैसा,, तो वहीं बीमारियों से जूझ रही जनता*

कानपुर नगर 30 दिसम्बर 25*नगर निगम विभाग के अधिकारियों द्वारा खा लिया गया शौचालय निर्माण का पैसा,, तो वहीं बीमारियों से जूझ रही जनता*

*Breaking News kanpur *

कानपुर नगर 30 दिसम्बर 25*नगर निगम विभाग के अधिकारियों द्वारा खा लिया गया शौचालय निर्माण का पैसा,, तो वहीं बीमारियों से जूझ रही जनता*

 

कानपुर नगर *नगर निगम वाली अम्मा रहम करो,, भ्रष्टाचार बंद करो,,2027 क़रीब है इस हाते में रहने वाले दलित समाज का उद्धार करो,,महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या का आख़िर क्यों नहीं किया जा रहा निस्तारण*

*दलित समाज से आने वाली महिलाएं भी नारी शक्ति हैं,, इनकी सुरक्षा का है सवाल,,*

*कानपुर महानगर के वार्ड 37 में स्वच्छ भारत अभियान की सच्चाई सामने आ गई है। दलित बस्ती की करीब 3 हजार आबादी के लिए मात्रए एक शौचालय, यहां इज्ज़त घर (शौचालय)न होने के चलते सबसे ज्यादा महिलाओं और युवतियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है*।

*कड़ाके की ठंड हो या देर रात, महिलाओं को असुरक्षा के माहौल में बाहर जाने को मजबूर होना पड़ता है। इससे छेड़छाड़ का डर, स्वास्थ्य जोखिम और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। गंदगी, जाम नालियां और फैलती बीमारियां हालात को और भयावह बना रही हैं*।

*नगर निगम और मेयर स्तर पर समस्या के समाधान की बजाय चुप्पी, जबकि जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाने वाले पार्षद पवन गुप्ता को किया गया निष्कासित*।

*बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार महिला सुरक्षा और स्वच्छता की बात करती है, तो वार्ड 37 की महिलाएं आज भी इज्ज़त और सुरक्षा दोनों के लिए संघर्ष क्यों कर रही हैं*?

*नगर निगम वाली अम्मा रहम करो,, भ्रष्टाचार बंद करो,,2027 क़रीब है इस हाते में रहने वाले दलित समाज का उद्धार करो,,महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या का आख़िर क्यों नहीं किया जा रहा निस्तारण*

*दलित समाज से आने वाली महिलाएं भी नारी शक्ति हैं,, इनकी सुरक्षा का है सवाल,,*

*कानपुर महानगर के वार्ड 37 में स्वच्छ भारत अभियान की सच्चाई सामने आ गई है। दलित बस्ती की करीब 3 हजार आबादी के लिए मात्रए एक शौचालय, यहां इज्ज़त घर (शौचालय)न होने के चलते सबसे ज्यादा महिलाओं और युवतियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है*।

*कड़ाके की ठंड हो या देर रात, महिलाओं को असुरक्षा के माहौल में बाहर जाने को मजबूर होना पड़ता है। इससे छेड़छाड़ का डर, स्वास्थ्य जोखिम और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। गंदगी, जाम नालियां और फैलती बीमारियां हालात को और भयावह बना रही हैं*।

*नगर निगम और मेयर स्तर पर समस्या के समाधान की बजाय चुप्पी, जबकि जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाने वाले पार्षद पवन गुप्ता को किया गया निष्कासित*।

*बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार महिला सुरक्षा और स्वच्छता की बात करती है, तो वार्ड 37 की महिलाएं आज भी इज्ज़त और सुरक्षा दोनों के लिए संघर्ष क्यों कर रही हैं*?

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