February 17, 2026

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इटावा 11 दिसंबर 2021*इटावा शहर व जसवंतनगर को खनन माफिया व अपराधियो से मिलेगी निजात*

इटावा 11 दिसंबर 2021*इटावा शहर व जसवंतनगर को खनन माफिया व अपराधियो से मिलेगी निजात*

*इटावा शहर व जसवंतनगर को खनन माफिया व अपराधियो से मिलेगी निजात*

 

*शासन ने सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह को हटाया, कई खनन माफिया व अपराधियों से सम्बन्ध का सीओ पर लगे है आरोप*

 

*सैफई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कई ओवरलोड ट्रक किये सीज, राजीव प्रताप सीओ के सर्किल को पार कर सैफई पहुँचे थे ट्रक*

 

*फरियादी व पीड़ितो के नम्बर ब्लेक लिस्ट में डालने व व्हाट्सएप से ब्लॉक करने में माहिर है सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह*

 

*सीओ सिटी के पिछले कार्यकाल के दौरान अंतर्जनपदीय बड़े अपराधियो द्वारा अवैध खनन कराने व संरक्षण देने का लगा है आरोप*

 

*सुघर सिंह प्रदेश अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री, डीजीपी, अपर पुलिस महानिदेशक, एसएसपी को की गई थी शिकायत*

 

*एसपी सिटी इटावा कपिल देव द्वारा की जा रही है सीओ के विरुद्ध जांच, पीड़ितों के नंबर ब्लैक लिस्ट व्हाट्सएप से ब्लॉक करने के आदी हैं राजीव प्रताप सिंह, कई अपराधियों से संबंधों का आरोप*

 

*(सुघर सिंह ब्यूरो चीफ इटावा)*

 

इटावा । आखिर तमाम शिकायतों के बाद शासन ने इटावा के सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह को इटावा से हटाकर उनका तबादला जनपद मऊ कर दिया गया है। इटावा में अपराधियों, खनन माफियाओं को संरक्षण देने, अपराधियों से संबंध, पीड़ितों से अभद्रता करने, फोन करने पर पीड़ितों के नंबर ब्लैक लिस्ट में डालने, किसी अपराध की सूचना देने पर बादी का नंबर व्हाट्सएप से ब्लॉक करने, जैसे तमाम् आरोप राजीव प्रताप सिंह पर लगते रहे इसकी शिकायत भी उच्चाधिकारियों से की गई है।

 

भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री ध्रुव प्रताप सिंह ने भी बताया के जसवंतनगर की एक दलित महिला के संबंध में राजीव प्रताप सिंह सिंह सीओ जसवंतनगर से शिकायत की गई थी तो उन्होंने मेरा नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और मुझे व्हाट्सएप से भी ब्लॉक कर दिया इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है इसके अलावा सीओ जसवंतनगर राजीव प्रताप पर कई आरोप भी लगते रहे।

 

इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी सुघर सिंह ने बताया कि पांच जनवरी को जब राजीव प्रताप सिंह सीओ सिटी थे तो उन्होंने रात्रि लगभग 10 बजे सीयूजी नम्बर पर अपराधियों से संबंधित एक गोपनीय सूचना देने के लिए फोन किया तो राजीव प्रताप सिंह अधूरी बात सुनते हुए और अपराधियों का पक्ष लेते हुए मेरा नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और मैं उन्हें अपराधियों से संबंधित साक्ष्य न भेज सकूँ इसके लिए तुरंत उन्होंने मेरा नंबर ब्लॉक कर दिया। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने 5 जनवरी को तत्कालीन एसएसपी से भी की थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई उन्होंने बताया इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, डीजीपी उत्तर प्रदेश, एसएसपी इटावा, को भी की गई थी। उच्चाधिकारियों के आदेश पर राजीव प्रताप सिंह सीओ के विरुद्ध जांच एसपी सिटी कपिल देव सिंह द्वारा की जा रही है जांच पूरी होने से पूर्व ही सीओ राजीव प्रताप सिंह का शासन ने ट्रांसफर कर दिया है ।

सुघर सिंह ने इस संबंध में पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी उत्तर प्रदेश, सीओ की कारगुजारियों से अवगत कराया गया था उसके बाद ही शासन ने सीओ को मऊ जनपद भेज दिया। उन्होंने बताया कि सीओ के सम्बंध में एसपी मऊ को भी फोन करके इनकी कारगुजारियों के बारे में अवगत कराया गया है।