भागलपुर 11सितंबर 26*बाढ़ पीड़ितों की मदद करने वाले सिपाही धनंजय पासवान ने मानवाधिकार संगठन से मांगी निष्पक्ष जांच
भागलपुर बिहार से शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, यूपीआजतक
भागलपुर। नवगछिया पुलिस जिला में कार्यरत सिपाही धनंजय पासवान से जुड़ा मामला अब मानवाधिकार संगठन के कार्यालय तक पहुंच गया है। सिपाही धनंजय पासवान ने आज शरन्य राष्ट्र मानवाधिकार के कार्यालय में आवेदन देकर अपने मामले में निष्पक्ष जांच और सहयोग की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के दौरान उनके द्वारा किए गए मानवीय कार्यों को कुछ लोगों ने गलत तरीके से प्रस्तुत कर पुलिस विभाग को भ्रमित किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
सिपाही धनंजय पासवान का कहना है कि बाढ़ की विषम परिस्थितियों में उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना पीड़ित लोगों की मदद करने का प्रयास किया। बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन और पानी पहुंचाने के साथ-साथ उन्होंने लगातार जरूरतमंदों की सहायता की। उनका दावा है कि उनका उद्देश्य केवल मानव सेवा करना और पुलिस की बेहतर छवि को जनता के बीच मजबूत करना था।
धनंजय पासवान ने अपने आवेदन में कहा है कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास का रिश्ता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर मदद करने का प्रयास किया। लेकिन उनके अनुसार, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके कार्यों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया और पुलिस विभाग को उनके खिलाफ भ्रमित करने का प्रयास किया।
सिपाही का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनके कार्यों को गलत तरीके से दिखाए जाने के बाद उन्हें पुलिस लाइन हाजिर कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि कोई पुलिसकर्मी संकट के समय जनता की मदद करता है और उसके प्रयासों को गलत रूप में पेश किया जाता है, तो इससे न केवल संबंधित पुलिसकर्मी प्रभावित होता है बल्कि आम लोगों के बीच पुलिस की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
धनंजय पासवान ने मानवाधिकार संगठन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वह किसी भी प्रकार की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में उनके द्वारा किए गए कार्य सही पाए जाते हैं तो उन्हें सम्मानपूर्वक पुलिस विभाग में अपनी सेवा जारी रखने का अवसर मिलना चाहिए।
मामले को लेकर शरन्य राष्ट्र मानवाधिकार के अध्यक्ष ने नवगछिया पुलिस के एसडीपीओ से फोन पर बातचीत की। बताया गया कि बातचीत के दौरान नवगछिया एसडीपीओ की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। एसडीपीओ के अनुसार, यदि जांच में धनंजय पासवान सही पाए जाते हैं तो उन्हें सम्मान के साथ पुनः पुलिस सेवा में स्थापित किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अब इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ सिपाही धनंजय पासवान अपने ऊपर लगे आरोपों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग की ओर से जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात सामने आई है।
बाढ़ जैसी आपदा की परिस्थितियों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ आम लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना पैदा करना भी बड़ी जिम्मेदारी होती है। धनंजय पासवान का मामला इसी संदर्भ में चर्चा में आया है।
अब देखना होगा कि नवगछिया पुलिस जिला इस मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाता है और जांच के बाद सिपाही धनंजय पासवान के आरोपों और उनके द्वारा किए गए राहत कार्यों को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आता है। फिलहाल सिपाही ने मानवाधिकार संगठन से निष्पक्ष जांच में सहयोग की गुहार लगाई है और पुलिस विभाग की ओर से भी निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
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बाढ़ पीड़ितों की मदद करने वाले सिपाही धनंजय पासवान ने मांगी निष्पक्ष जांच, मानवाधिकार संगठन से लगाई गुहार
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नवगछिया पुलिस जिला के सिपाही धनंजय पासवान ने मानवाधिकार संगठन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के दौरान कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया।
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