देहरादून 5सितंबर 26*शिक्षक दिवस पर CM धामी ने डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन, प्रदेश के शिक्षकों को दी शुभकामनाएं
देहरादून। शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और देश के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री आवास में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का भावपूर्ण स्मरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का पूरा जीवन भारतीय शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे व्यक्ति और समाज के सर्वांगीण विकास का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का व्यक्तित्व और उनके विचार आज भी देश के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक ही विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जीवन-मूल्यों की शिक्षा प्रदान करते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने के साथ ही आने वाली पीढ़ी के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मजबूत और विकसित राष्ट्र की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी न केवल अपने व्यक्तिगत लक्ष्य हासिल करते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान देने के लिए तैयार होते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। तकनीक और आधुनिक शिक्षा के विस्तार के साथ विद्यार्थियों के सामने नई संभावनाएं और नई चुनौतियां दोनों मौजूद हैं। ऐसे समय में शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से भी जोड़ें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रहे हैं। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक भी बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और उन्हें जीवन में सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता प्रदान करते हैं। यही कारण है कि शिक्षक को समाज में हमेशा सम्मानजनक स्थान प्राप्त रहा है।
गौरतलब है कि भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान शिक्षाविद् और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनका जीवन आज भी देश के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।
शिक्षक दिवस के इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने एक बार फिर प्रदेश के सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के समर्पण, ज्ञान और संस्कारों से ही प्रदेश और देश की नई पीढ़ी मजबूत बनेगी तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी।
देहरादून से संतोष बिष्ट के साथ कालूराम जयपुरिया की रिपोर्ट, यूपीआजतक

More Stories
दिल्ली 5 सितंबर 26*दिल्ली में कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम | कान्हा बनीं इशिका गुप्ता, राधा रानी बनीं मनीष मिश्रा
भागलपुर 5सितंबर 26*भागलपुर में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला ने मानवाधिकार संस्था से लगाई मदद की गुहार,
पूर्णिया बिहार 5 सितंबर26 डीएम ने किया ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का लिया जायजा