15जुलाई25* यूपीआजतक न्यूज़ चैंनल पर देश, विदेश की ख़ास ख़बरें
सेंट्रल नोएडा पुलिस की चेकिंग के दौरान 3 बदमाशों से हुई मुठभेड़
पुलिस मुठभेड़ में तीनों बदमाशों के पैर में लगी गोली,घायल
घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में कराया भर्ती
कब्जे से 3 अवैध तमंचे,13,500 नगद,घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद
कुछ दिन पहले ही इकोटेक थर्ड थाना क्षेत्र में घायल बदमाशों ने चोरी की घटना को दिया था अंजाम
सेंट्रल नोएडा के सूरजपुर थाना पुलिस की चेकिंग के दौरान मोजर बीयर गोल चक्कर के पास हुई मुठभेड़
मैनपुरी : कचहरी के अधिवक्ता ने किया हंगामा, प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर कचहरी परिसर में प्रदर्शन,आरओ कोर्ट को चालू करने के लिए किया प्रदर्शन
डीएम के खिलाफ अधिवक्ताओं ने किया हंगामा
“आरओ कोर्ट को पुनः शुरू किया जाए” – अधिवक्ता
शहर कोतवाली क्षेत्र के कचहरी का मामला।
राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मनोनीत किए गए वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने कहा कि अगर अभिनेता संजय दत्त ने उस वाहन की जानकारी पुलिस को समय पर दे दी होती, जिसमें हथियार भरे हुए थे और जिससे उन्होंने एक AK47 रायफल ली थी, तो 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाके टाले जा सकते थे और 267 निर्दोष लोग की जान बचाई जा सकती थी.
संजय दत्त को सीधा-साधा इंसान मानता हूं : उज्जवल निकम
वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभिनेता संजय दत्त को TADA के तहत आतंकी होने के आरोप से बरी कर दिया गया था, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्होंने पुणे की यरवदा जेल में अपनी सजा पूरी की. वकील उज्जवल निकम ने कहा कि उस समय संजय दत्त निर्दोष थे, उन्होंने AK47 इसलिए रखा, क्योंकि उन्हें हथियारों का शौक था. कानून की नजर में यह अपराध है, लेकिन मैं संजय दत्त को सीधा-साधा इंसान मानता हूं. मैं उन्हें निर्दोष मानता हूं.
1993 में 12 मार्च को सीरियल बम धमाका हुआ था
वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने आगे कहा कि बस मुझे एक बात कहनी है. साल 1993 में 12 मार्च को सीरियल बम धमाका हुआ था. उसके कुछ दिन पहले एक वैन संजय के घर आई थी. वह वैन हथियारों से भरी थी. उसमें हथगोले और AK47 था. जिसे अबू सलेम लेकर पहुंचा था. संजय दत्त ने पहले कुछ हथगोले और बंदूकें उठाई, फिर उन्होंने सब रख दिया और सिर्फ AK47 अपने पास रख ली. अगर उन्होंने यह बात समय रहते पुलिस को बताई होती तो मुंबई सीरियल धमाका कभी नहीं होता.
संजय दत्त को आर्म्स एक्ट में सजा मिली
वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम मीडिया से बातचीत में बताया कि संजय ने एक भी गोली नहीं चलाई थी, लेकिन पुलिस को घटना की सूचना नहीं देने के कारण मुंबई में इतने सारे निर्दोष लोग मारे गए. उज्जवल निकम ने कहा कि जब संजय दत्त को आर्म्स एक्ट में सजा मिली तो उन्होंने आपा खो दिया था, उनके हाव भाव बदल गए थे. ऐसा लग रहा था कि वह सदमे में हैं. वह ड़रे-ड़रे लग रहे थे.
संजय ने जवाब में सिर हिलाते हुए जी सर, जी सर कहा
वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने कहा कि जब वह गवाह के कठघरे में थे तो मैं उनके पास ही खड़ा था. मैंने उनसे बात की थी. उसके बाद संजय दत्त चुप हो गए थे. वकील उज्जवल निकम ने कहा, मैंने संजय दत्त से कहा था कि संजय ऐसा मत करो. मीडिया तुम्हें देख रहा है. तुम एक अभिनेता हो. अगर तुम सजा से डरे हुए लगोगे, तो लोग तुम्हें दोषी मान लेंगे. तुम्हारे पास अपील करने का मौका है. संजय ने जवाब में सिर हिलाते हुए जी सर, जी सर कहा.
कसाब ने जेल में बिरयानी की मांग की थी
आपको बता दें कि उज्जवल निकम 26/11 मामले में वकील थे. इस मामले में कोर्ट ने पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब को फांसी की सजा सुनाई थी. कसाब को लेकर उज्जवल निकम ने कहा कि कसाब ने जेल में बिरयानी की मांग की थी, लेकिन इस टिप्पणी को राजनीतिक नेताओं ने उठा लिया और उसका राजनीतिकरण कर दिया.
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