February 25, 2026

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हरदोई 25 फ़रवरी 26*खाकी के रसूख तले 'कलम' का गला घोंटने की कोशिश, पत्रकार ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार*

हरदोई 25 फ़रवरी 26*खाकी के रसूख तले ‘कलम’ का गला घोंटने की कोशिश, पत्रकार ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार*

हरदोई 25 फ़रवरी 26*खाकी के रसूख तले ‘कलम’ का गला घोंटने की कोशिश, पत्रकार ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार*

 

पिहानी (हरदोई)। जनपद के पिहानी थाना क्षेत्र में पुलिसिया कार्यप्रणाली पर एक गंभीर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। एक स्थानीय पत्रकार ने हल्का इंचार्ज पर विपक्षी पार्टी से साठ-गांठ कर फर्जी मुकदमों में फंसाने और मानसिक उत्पीड़न करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ित पत्रकार ने पुलिस *अधीक्षक (SP) को शिकायती पत्र भेजकर अपनी और अपने परिवार* की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
​विपक्षी से साठ-गांठ कर धमकाने का आरोप
​मामला ग्राम बंदरहा का है, जहाँ के निवासी और पेशे से पत्रकार अमीरू गाजी ने आरोप लगाया है कि उनके भाई उस्मान ने गांव के पीड़ितों के हक में आवाज उठाई थी। इसी बात से खुन्नस खाए हल्का इंचार्ज सूर्यमणि यादव ने न्याय करने के बजाय विपक्षी पार्टी से हाथ मिला लिया। आरोप है कि दरोगा अब पत्रकार के भाई को डरा-धमका रहे हैं और उन्हें फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
​भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति
​शिकायती पत्र में पत्रकार ने कड़े शब्दों में कहा है कि हल्का इंचार्ज सूर्यमणि यादव एक भ्रष्ट अधिकारी हैं, जो क्षेत्र में होने वाली किसी भी घटना की न्यायपूर्ण जांच नहीं करते। आरोप के अनुसार, वे हमेशा विपक्षी पार्टी के सहयोग में खड़े रहते हैं और पीड़ितों पर जबरन सुलह करने का अनैतिक दबाव बनाते हैं। इस ‘वर्दी की हनक’ के कारण क्षेत्र के आम नागरिक भी काफी डरे और मानसिक दबाव में हैं।
​”अगर कुछ हुआ तो जिम्मेदार होंगे दरोगा”
​पत्रकार अमीरू गाजी ने पत्र के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है कि उन्हें अंदेशा है कि विपक्षी सूर्यमणि यादव उनके या उनके परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित करा सकते हैं। पत्रकार ने स्पष्ट कहा है कि “यदि भविष्य में मेरे या मेरे परिवार के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी सूर्यमणि यादव की होगी।”
​इनका कहना है:
“मैं एक पत्रकार के तौर पर अपना कार्य सुचारू रूप से कर रहा हूँ, लेकिन पुलिस की यह धमकी मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। मैंने एसपी साहब को पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग की है।”
— *अमीरू गाजी (पत्रकार) शिकायतकर्ता*
​प्रशासनिक हलचल
इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना यह है कि क्या हरदोई पुलिस अपने ही विभाग के अधिकारी पर लगे इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराती है या मामला रफा-दफा कर दिया जाता

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