हरदोई 09 दिसम्बर *मझिला पुलिस ने नाबालिक दलित लड़की पर दबाव बनाकर दिलाए गलत बयान
पंजीकृत मुकदमे में चार आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बहुत दूर
शाहाबाद/हरदोई। जनपद के मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम ऊंची खेड़ा निवासी दलित विधवा लल्ली देवी पत्नी स्वर्गीय गुड्डू की पुत्री श्यामा देवी उम्र लगभग 17 वर्ष दिनांक 25 नवंबर 2021 दोपहर करीब 11:00 बजे दवा लेने स्वास्थ्य केंद्र आलमनगर गई थी जहां से देर शाम तक घर न पहुंचने पर घर वालों ने जब तलाश शुरू की तो ग्राम संजना निवासी फूल चंद पुत्र लाहौरी ने बताया कि आपकी पुत्री आपके गांव के ही नरेंद्र पुत्र रामस्वरूप पप्पू पुत्र राम सागर सरोज पुत्र राम सागर राजीव पुत्र राम सागर यह लोग मोटरसाइकिल से आलमनगर से सल्लिया की तरफ जा रहे थे उसके बाद पीड़ित उपरोक्त गांव के लोगों के यहां जाकर उनसे कहा कि आपके लड़कों ने व आपके रिश्तेदार शोभित मेरी बेटी को कहीं ले जाते हुए देखा गया। जिस पर विपक्षी दबंगों ने जातिसूचक मां बहन की गालियां देते हुए जान से मार देने की धमकी देते हुए अपने दरवाजे से लाठी दिखाकर भगा दिया उसके बाद थाने पहुंचकर उपरोक्त लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया जिस पर थानाध्यक्ष मझिला ने पीड़िता का प्रार्थना पत्र फाड़ दिया और का दूसरा प्रार्थना पत्र लिखो दूसरा लिखने के बाद फिर उसको फाड़ दिया गया। एक बार नहीं 3 बार प्रार्थिनी का प्रार्थना पत्र थाने पर फाड़ दिया गया। उसके बाद थानाध्यक्ष ने कहा जो हम बोल रहे हैं। वही लिखिए वही गांव के प्रधान और पीड़ित पक्ष के कई लोगों से कहा कि हमें लगता है आप लोगों ने लड़की को कहीं मार कर फेंक दिया और फर्जी मुकदमा लिखाने चले आए हमें आपके ही खिलाफ 302 का मुकदमा लिखना पड़ेगा नहीं तो जैसा मैं बोल रहा हूं। उस तरीके से दो तो उस प्रार्थना पत्र पर थाना मझिला में 29 नवंबर 2021 समय शाम के 7:35 पर मुकदमा अपराध संख्या 363 वह 366 में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें पुलिस ने शोभित पुत्र सोनपाल निवासी काशी खेड़ा थाना पिहानी नरेंद्र पुत्र रामस्वरूप निवासी ऊंची खेड़ा थाना मझिला पप्पू पुत्र रामसागर, सरोज पुत्र राम सागर, राजीव कुमार पुत्र राम सागर निवासी ऊंची खेड़ा थाना मझिला के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। जिसमें पुलिस ने शोभित कुमार को गिरफ्तार कर 7 दिसंबर 2021 को जेल भेज दिया वहीं पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराकर कोर्ट में बयान कराए गए लेकिन पीड़िता की पुत्री थाने में जबरदस्ती बयान बदलने को कहा गया कहा कि बयान नहीं बदलेगी तो आपको भी जेल भेज देंगे जिस पर पीड़ित की पुत्री ने जैसा पुलिस ने कहां उस तरीके से कोर्ट में बयान हुए। जब उसकी पुत्री कोर्ट से परिजनों को सौंपी गई उसके बाद पीड़ित की पुत्री ने पत्रकारों के समक्ष अपनी पीड़ा बयां की और मझिला पुलिस की कारस्तानी भी सामने आई पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे में पंजीकृत शेष चार आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनके यहां पुलिस अभी तक एक बार भी क्यों नहीं गई और कब उनकी गिरफ्तारी होगी यह एक सवाल बना हुआ है यही नहीं यह सवाल मझिला पुलिस पर सवालिया निशान उठता नजर आ रहा है।

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