February 17, 2026

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सुल्तानपुर 16 फ़रवरी 26*शिवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने शिव परिवार को बताया आदर्श*

सुल्तानपुर 16 फ़रवरी 26*शिवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने शिव परिवार को बताया आदर्श*

सुल्तानपुर 16 फ़रवरी 26*शिवरात्रि पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने शिव परिवार को बताया आदर्श*

 

*बल्दीराय/सुल्तानपुर*महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ कथा व्यास आचार्य श्री नरोत्तम शास्त्री द्वारा किया गया। कथा के प्रथम दिवस उन्होंने भगवान शिव के चरित्र, तप, त्याग और पारिवारिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि शिवजी का जीवन संपूर्ण विश्व के कल्याण और मानव जीवन के लिए सर्वोच्च शिक्षा प्रदान करता है।

कथा व्यास ने माता पार्वती के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि विवाह से पूर्व माता पार्वती द्वारा की गई कठोर तपस्या के फलस्वरूप उन्हें भगवान शिव पति रूप में प्राप्त हुए। विवाह के उपरांत भी माता पार्वती ने सत्संग और धर्ममय जीवन को अपनाया, जिसका फल यह हुआ कि उन्हें गणेश और कार्तिकेय जैसे तेजस्वी एवं लोककल्याणकारी पुत्र प्राप्त हुए।
आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने बताया कि भगवान गणेश समस्त देवताओं में अध्यक्ष पद पर विराजमान हैं, उनकी पत्नी ऋद्धि-सिद्धि हैं तथा उनके पुत्र लाभ और क्षेम हैं। यह संकेत देता है कि भगवान शिव का परिवार संपूर्ण देव समाज में एक आदर्श परिवार के रूप में प्रतिष्ठित है, जिसका मूल उद्देश्य मानव जीवन को उत्तम संस्कार, संयम और सदाचार की प्रेरणा देना है।
कथा आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में प्रतापनारायण शुक्ला, त्रिलोकीनाथ शुक्ल, विशाल शुक्ला, अशोक शुक्ला, राजेश शुक्ला, अवधेश शुक्ला, मनीष शुक्ल, लालजी तिवारी, प्रियव्रत शुक्ला, रबीश शुक्ला, लालमणि शुक्ला सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इंदौर से पधारे कथा प्रेमी शोभा शर्मा, धन्नालाल शर्मा, राधेश्याम सेठ, मधु सेठ सहित सैकड़ों श्रोताओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
शिवरात्रि के इस पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।