सुलतानपुर/अमेठी/प्रतापगढ़/लखनऊ24मई25*मास्टरमाइंड जितेन्द्र तिवारी को लखनऊ पुलिस ने किया गिरफ्तार,जेल भेजने की हुई कार्यवाही।
बेरोजगारों के करोड़ो रुपये हड़प कर लम्बे समय से सेटिंग-गेटिंग के बल पर बचता आ रहा मुख्य कर्ता-धर्ता जितेंद्र तिवारी चढ़ा पुलिस के हत्थे। लम्बे समय से जितेंद्र तिवारी को खोजने में जुटी थी कई जिलों की पुलिस। यूपी के लखनऊ,अमेठी,प्रतापगढ़ समेत जिलों में जितेंद्र तिवारी व उसके गैंग के लोगो पर दर्ज है मुकदमा। जितेंद्र तिवारी गैंग कई वर्षों से बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर कूटरचित कागजात देकर करता रहा रुपये वसूलने का कारोबार। अपनी रकम वापस मांगने पर पीड़ितों के बीच विवाद पैदा कर एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा कराने या फिर पीड़ितों पर दबाव बनाने के लिए अपने करीबियों से फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर स्वयं कार्यवाहियो से बचता रहा जितेंद्र और उड़ाता रहा मौज*
*प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र स्थित दादूपुर-अहिबरन राजा का पुरवा गांव का रहने वाला है आरोपी जितेंद्र तिवारी पुत्र स्व. देव नारायण तिवारी।मास्टरमाइंड जितेंद्र ने प्रयागराज,प्रतापगढ़ व बस्ती समेत अन्य जिलों के रहने वाले आरोपी वरुण मिश्र,उसकी पत्नी निशा मिश्रा,संतोष पाण्डेय, सरवन तिवारी,विकास तिवारी,बब्बन तिवारी,पंकज तिवारी,रोहित यादव,मोहित पाल व अन्य फ्राडो की तैयार की थी फौज। पचासों लाख रुपये धोखाधड़ी कर हड़पने के मामले में लखनऊ जिले की अलीगंज पुलिस ने चार साल पुराने मामले में भेजा है जेल। काफी समय से पहचान व पता बदल-बदलकर व अपने प्रभावशाली करीबियों की पैरवी के बल पर चकमा दे-देकर बचता रहा मास्टरमाइंड जितेंद्र तिवारी। जितेंद्र तिवारी को जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक अग्रिम बेल लेने व अरेस्ट स्टे की चाहत में लग चुका है झटका। जितेंद्र तिवारी के लखनऊ जेल में जाते ही अन्य जिलों की पुलिस भी अपने थाने से जुड़े मामलों में जरिये वारंट-बी तलबी व रिमांड कराने को लेकर हुए सक्रिय। अमेठी समेत अन्य जिलों की पुलिस लम्बे समय से फल-फूल रहे जितेंद्र तिवारी गैंग पर शिकंजा कसने के लिए गैंगस्टर लगाने व अवैध तरीके से जुटाई गई अरबो की नामी-बेनामी संपत्ति को चिन्हित कर जब्तीकरण व पीड़ितों को उनके रुपये वापस दिलाने को लेकर उठा सकती है बड़ा कदम। अब तक जितेंद्र तिवारी के अलावा इसके गैंग में शामिल संतोष पाण्डेय, विकास तिवारी जा चुके है जेल,शेष की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है पुलिस*
*मास्टरमाइंड जितेंद्र के करीबी वरुण मिश्र व निशा मिश्रा समेत अन्य की गिरफ्तारी है शेष। मास्टरमाइंड जितेंद्र तिवारी के जेल जाने के बाद बचाव के तमाम तरीकों को अपनाकर भी कामयाब न हुए वांछित आरोपी पुलिस के पास या कोर्ट में आत्मसमर्पण का अपना सकते है रास्ता,पुलिस की सक्रियता से इस बात की सम्भावनाएं तेज। पूरे प्रदेश के कई जिलों के लोगो को यह गिरोह अपना नाम-ठिकाना बदल-बदलकर लगाता रहा चूना,मामले से जुड़े आरोपियो की लम्बी है क्रिमिनल हिस्ट्री। अमेठी जिले के रामगंज थाने में करीब 10 महीने पहले कोर्ट के आदेश पर इस गैंग के आरोपियो के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा। इसके पूर्व प्रकरण की तफ्तीश कर रहे तत्कालीन एसओ अजयेंद्र कुमार पटेल के जरिये आरोपियो से साठगांठ कर उन्हें संरक्षण देने का मामला आया था सामने। नतीजतन कोर्ट आदेश के बाद भी लगभग 34 दिन विलम्ब से आरोपियो पर दर्ज की गई थी एफआईआर एवं सारे साक्ष्य होने के बावजूद उन्होंने आरोपियो पर प्रभावी कार्रवाई करने व गिरफ्तारी से रखा था परहेज। एसपी अमेठी के निर्देशन में नये थाना प्रभारी व उनकी टीम की सक्रियता से कई महीनों से थमी हुई कार्रवाई में आई तेजी,आरोपियो की धड़पकड़ हुई शुरू*
*तत्कालीन थाना प्रभारी अजयेंद्र पटेल की लापरवाही व निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अभियोगी की तरफ से सम्बंधित मजिस्ट्रेट कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक केस की मॉनिटरिंग को लेकर लम्बित है अर्जी,लगातार कोर्ट कर रही तफ्तीश की मॉनिटरिंग। सूत्रों के मुताबिक पहली बार कानून की जद में आये है आरोपी,जल्द ही हो सकता है इनके अन्य कारनामो का भी खुलासा। लखनऊ से जुड़े मामले में आरोपी संतोष पाण्डेय की नियमित जमानत सीबीआई कोर्ट से बीते पांच अक्टूबर को हो चुकी है खारिज। काफी समय से हाईकोर्ट में लम्बित है फ्राड गैंग सदस्य संतोष पाण्डेय की जमानत अर्जी,अभी तक नहीं मिल सकी है राहत,सुलतानपुर सेशन कोर्ट में भी संतोष की लम्बित है रामगंज थाने से जुड़ी नियमित जमानत अर्जी। लखनऊ जेल में करीब आठ महीने से कट रही आरोपी संतोष पाण्डेय की जिंदगी। अमेठी जिले के रामगंज थाने एवं लखनऊ जिले के अलीगंज एवं प्रयागराज के फाफामऊ थाने में दर्ज फर्जीवाड़े के केस समेत अन्य जिलों में हुई वारदात से जुड़े है ये आरोपी,जल्द बड़ी कार्रवाई आ सकती है सामने*

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