August 30, 2025

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वाराणसी17मई25*छत के पंखों में एंटी सुसाइड सीलिंग रॉड लगाने से हज़ारों जाने बचाई जा सकती हैं: कर्नल विनोद

वाराणसी17मई25*छत के पंखों में एंटी सुसाइड सीलिंग रॉड लगाने से हज़ारों जाने बचाई जा सकती हैं: कर्नल विनोद

वाराणसी17मई25*छत के पंखों में एंटी सुसाइड सीलिंग रॉड लगाने से हज़ारों जाने बचाई जा सकती हैं: कर्नल विनोद

वाराणसी। एनर्जी एफिशिएंट एनर्जी संगठन का कार्यक्रम निजि होटल मे किया गया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोद पीएमजी ने संबोधित करते हुए कहा कि ” देश में बहुत से बच्चों की परीक्षा में अच्छे नंबर न लाने की वजह से हत्तोत्साहित होते हैं और कभी-कभी आत्महत्या कर लेते हैं, हाल ही में कोटा के कोचिंग केन्द्रों में इस तरह की घटनाएँ हुई हैं और काफी हद तक एंटी सुसाइड सीलिंग फैन का इस्तेमाल करके रोका जा सकता है
ज्यादातर लोग सुसाइड के लिए सीलिंग फैन से लटक कर कर सकते हैं। जब कोई व्यक्ति आत्महत्या करने के लिए सीलिंग फैन से लटकने की कोशिश करता है और अगर उसके फैन में एंटी रोड का इस्तमाल किया गया है तो ऐसा करने से वह असफल हो जाएगा क्योंकि पंखा और व्यक्ति सुरक्षित रूप से जमीन पर गिर जाएंगे। एंटी सुसाइड सीलिंग फैन रॉड का इस्तेमाल किसी भी सीलिंग फैन में किया जा सकता है। यह सीलिंग फैन का एक हिस्सा है।
कोटा में 2024 में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या के 17 मामले सामने आए, जबकि 2023 में ऐसे 26 मामले सामने आएं। भारत में आत्महत्या एक प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दा है। 2022 में 171,000 आत्महत्याएँ दर्ज की गईं, जो 2021 की तुलना में 4.2% की वृद्धि और 2018 की तुलना में 27% की उछाल दर्ज करती हैं। प्रति 100,000 जनसंख्या पर आत्महत्या की दर 2022 में बढ़कर 12.4 हो गई जो इस डेटा के लिए उच्चतम वर्ष है। कर्नल विनोद ने कहा कि फ्रांसीसी लेखक एमिल दुर्खीम ने आत्महत्या के चार अलग-अलग प्रकारों की पहचान की है। अहंकारी आत्महत्या, परोपकारी आत्महत्या, अनोमिक आत्महत्या और भाग्यवादी आत्महत्या और एनोमिक आत्महत्या को तब होने वाली घटना के रूप में परिभाषित किया जब सामाजिक मानक विफल हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उद्देश्यहीनता और दिशाहीनता होती है। युवा लोग जो सामाजिक मुद्दों का सामना कर रहे हैं, उनको चाहिए कि आत्महत्या के विचारों को आवाज़ न दें। कर्नल विनोद ने कहा कि आज अनेक युवा मनोवैज्ञानिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं में स्कूल, विश्वविद्यालय की परीक्षा में असफल होना या रोजगार न मिल पाना शामिल है। कई बार व्यवसायी अनेक कारणों से ऋण या कर्ज के वित्तीय संकट का सामना करते हैं, वे आत्महत्या करने का प्रयास भी करते हैं और आमतौर पर छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर लेते हैं, जो एक आसान विकल्प लगता है।
कर्नल विनोद ने कहा कि भारतीय डाक इन ऊर्जा कुशल पंखों के प्रचार और बिक्री के लिए अपने डाकघरों और काउंटरों का नेटवर्क उपलब्ध करा सकता है और डाक विभाग डिलीवरी के लिए एक अच्छा लॉजिस्टिक्स पार्टनर भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि वाराणसी क्षेत्र में कुल 1729 डाकघर हैं, जहां मीडिया पोस्ट के माध्यम से इन पंखों का प्रचार-प्रसार किया जा सकता है तथा खुदरा डाक के तहत इन पंखों की बिक्री सुनिश्चित की जा सकती है। इस कार्यक्रम की ये अच्छी बात रही कि सीलिंग फैन निर्माताओं ने मानव जीवन को बचाने के लिए इस विचार की सराहना की और आश्वासन दिया कि सीलिंग पंखों में इसे शामिल करने के लिए और अधिक शोध किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री सुबोध कुमार, और विभिन्न केंद्र/राज्य सरकार सूक्ष्म और मध्यम उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ ही विभिन्न फैन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि और निजी क्षेत्र के अधिकारी शामिल थे। कार्यक्रम में बनारस बुनकर एसोसिएशन और ईंट निर्माण इकाई एसोसिएशन के उच्च स्तरीय पदधारक भी कार्यक्रम में शामिल थे, एनर्जी एफिशिएंट फैन को प्रमोशन करने वाली संस्था एईईई के वरिष्ठ निदेशक श्री प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।