July 5, 2026

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लखनऊ5जुलाई26*फर्टिलाइजर कंपनियों की मनमानी से प्रदेश के खुदरा खाद व्यापारी संकट में, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

लखनऊ5जुलाई26*फर्टिलाइजर कंपनियों की मनमानी से प्रदेश के खुदरा खाद व्यापारी संकट में, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

लखनऊ5जुलाई26*फर्टिलाइजर कंपनियों की मनमानी से प्रदेश के खुदरा खाद व्यापारी संकट में, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

लखनऊ*सरकार द्वारा निर्धारित डीलर मार्जिन आज तक नहीं मिला, नियमों का उल्लंघन कर रही हैं फर्टिलाइजर कंपनियां

खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल से मांगा सहयोग

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के नेतृत्व में कृषि मंत्री एवं प्रमुख सचिव कृषि से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

प्रदेश में फर्टिलाइजर कंपनियों द्वारा सरकार के नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से व्यापार किए जाने के कारण खुदरा कृषि (खाद) व्यापारी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कंपनियों की कार्यप्रणाली से रिटेल खाद व्यापारियों को घाटे में किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इसी विषय को लेकर खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता से अयोध्या रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में मुलाकात कर बैठक की तथा प्रदेश के खुदरा कृषि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान हेतु सहयोग का आग्रह करते हुए ज्ञापन सौंपा।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आर.के. कन्नौजिया एवं प्रदेश महासचिव अमित गुप्ता ने बताया कि फर्टिलाइजर कंपनियां सरकार से भारी सब्सिडी प्राप्त करने के बावजूद सरकार के निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। सरकार के नियमों के अनुसार कंपनियों को ₹250 प्रति बोरी यूरिया के हिसाब से रिटेल कृषि व्यापारियों के प्रतिष्ठान तक खाद पहुंचानी होती है, लेकिन अधिकांश कंपनियां दुकानों तक आपूर्ति करने के बजाय व्यापारियों को रेलहेड एवं गोदामों से स्वयं खाद उठाने के लिए बाध्य करती हैं।

उन्होंने बताया कि इससे व्यापारियों को लोडिंग-अनलोडिंग, परिवहन, जीएसटी, दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों का वेतन तथा बैंक ब्याज सहित अनेक अतिरिक्त खर्च वहन करने पड़ते हैं, जिससे प्रति बोरी लगभग ₹15 से ₹20 की अतिरिक्त लागत आती है। दूसरी ओर सरकार द्वारा किसानों के लिए यूरिया का अधिकतम बिक्री मूल्य ₹266.50 प्रति बोरी निर्धारित है, जिससे अधिक मूल्य पर बिक्री करने पर दंड एवं जेल तक का प्रावधान है। ऐसे में खुदरा व्यापारियों के लिए बिना घाटे के व्यापार करना लगभग असंभव हो गया है।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि सरकार ने उर्वरक डीलरों के लिए ₹354 प्रति टन का डीलर मार्जिन निर्धारित कर रखा है, लेकिन आज तक प्रदेश के किसी भी डीलर को यह निर्धारित मार्जिन वास्तविक रूप से प्राप्त नहीं हो पाया है। इससे खुदरा व्यापारियों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और सरकार की मंशा के अनुरूप डीलरों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि संगठन खुदरा कृषि व्यापारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगा। उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के नेतृत्व में खुदरा कृषि व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के कृषि मंत्री एवं प्रमुख सचिव कृषि से मुलाकात कर फर्टिलाइजर कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने, सरकार के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने तथा निर्धारित डीलर मार्जिन दिलाने की मांग करेगा।

खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आर.के. कन्नौजिया एवं प्रदेश महासचिव अमित गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फर्टिलाइजर कंपनियों ने अपनी मनमानी बंद नहीं की और सरकार के नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो निजी क्षेत्र के खाद व्यापारी खाद की खरीद बंद करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में किसानों को होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी की पूरी जिम्मेदारी फर्टिलाइजर कंपनियों की होगी।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आर.के. कन्नौजिया, प्रदेश महासचिव अमित गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष देश दीपक बाजपेई तथा प्रदेश संगठन मंत्री अवनीश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

— संजय गुप्ता
प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल

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