लखनऊ3जुलाई26*व्यापारियों का उत्पीड़न बंद हो, निस्तारण हेतु समय दिया जाए :रोहित अग्रवाल*
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*लखनऊ।* राष्ट्रीय लोकदल व्यापार प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल ने लखनऊ में फायर विभाग एवं एलडीए द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन प्रत्येक व्यापारी की जिम्मेदारी है और व्यापारिक समाज इसका पूर्ण समर्थन करता है।
किंतु नियमों के अनुपालन के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को स्थापित करने में वर्षों की मेहनत, जीवन भर की पूंजी और अनेक परिवारों की आजीविका जुड़ी होती है। ऐसे में बिना पर्याप्त समय दिए अचानक कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं है। प्रशासन को दंडात्मक नहीं, बल्कि सहयोगात्मक और समाधानपरक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
रोहित अग्रवाल ने कहा कि यदि वर्षों पूर्व हुए निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता रह गई है, तो उसका संपूर्ण दोष केवल व्यापारी पर नहीं थोपा जा सकता। निर्माण के समय संबंधित विभागों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। वर्षों तक अनुमति देने वाले विभाग यदि आज अचानक पूरे शहर के निर्माण को अवैध बताने लगें, तो इससे व्यापारियों में असुरक्षा और अविश्वास की भावना पैदा होती है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, फायर विभाग एवं एलडीए से मांग की कि जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा या अन्य तकनीकी कमियां हैं, उन्हें दूर करने तथा आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए कम से कम तीन माह का समय दिया जाए।
इस अवधि में व्यापारी आवश्यक सुधार करने के लिए पूर्ण सहयोग करेंगे।
रोहित अग्रवाल ने कहा कि व्यापार प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए व्यापारियों को प्रताड़ित करने के बजाय उन्हें नियमों के अनुरूप कार्य करने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच संवाद स्थापित कर ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे जनसुरक्षा भी सुनिश्चित हो और व्यापार तथा रोजगार भी सुरक्षित रहें।

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