[4/24, 14:49] Ankur Gupta Bidhuna: छुट्टी ली तो खैर नहीं-
केजीएमयू में अब बीमारी के नाम पर तीन दिन से अधिक की छुट्टी नहीं मिल सकेगी। इलाज के लिए तीन दिन से अधिक छुट्टी माँगने वालों को मेडिकल बोर्ड का सामना करना पड़ेगा। इस सम्बंध में केजीएमयू के कुलपति की तरफ से आदेश जारी कर दिया है।केजीएमयू में 450 से अधिक डॉक्टर हैं। कोविड कम होने के साथ ही ओपीडी व भर्ती मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। काफी डॉक्टर बीमार होने की बात कहकर सिक लीव बीमारी की छुट्टी ले रहे हैं।कुलपति डॉ0 बिपिन पुरी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने 72 घंटे से ज्यादा बीमार होने की छुट्टी के नियमों में बदलाव किया है। 20 अप्रैल को कुलपति ने सभी डीन विभागाध्क्ष और डॉक्टरों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि तीन दिन से अधिक बीमारी की छुट्टी लेने पर मेडिकल बोर्ड का सामना करना पड़ेगा।बोर्ड में जिस विभाग के डॉक्टर तैनात हैं उसके चिकित्सक का मेडिकल सार्टिफिकेट स्वीकार्य नहीं होगा। यदि उस विभाग का जरूरी हो तो मेडिकल प्रमाण.पत्र को मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष सीएमएस से काउंटर साइन कराना होगा। वहीं प्रत्येक सोमवार को बीमारी की छुट्टी लेने वाले डॉक्टरों के प्रार्थना पत्रों की समीक्षा की जाएगी।
रिपोर्ट-अंकुर गुप्ता
[4/24, 14:53] Ankur Gupta Bidhuna: लखनऊ
मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाये
निर्धारित लक्ष्यों को पूरा न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही होगी
योजनाओं का लाभ निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से सभी पात्र लोगों को मिले
राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है
मत्स्य विभाग का कैडर रिव्यू किया जायेगा
ग्राम सभा के सामुदायिक तालाबों का 10 वर्षीय पट्टा कराने
के लिए शिविर भी आयोजित किये जायेंगे
-डा0 संजय कुमार निषाद
बैठक में मत्स्य विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक डा0 सरोज कुमार, उपनिदेशक डा0 हरेन्द्र, संयुक्त निदेशक राजेन्द्र सिहं, उपनिदेशक नियोजन श्रीमती मोनीषा सिंह उपनिदेशक अंजना वर्मा आदि उपस्थित रहे !
रिपोर्ट-अंकुर गुप्ता
[4/24, 15:01] Ankur Gupta Bidhuna: लखनऊ
प्रयागराज मे हुए एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या पर बोले अखिलेश यादव!
लखनऊ -समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में सामूहिक नरसंहार के गढ़ बन चुके प्रयागराज में एक के बाद एक समूचे परिवार की हत्या की वारदात से लोग आतंकित है और कानून व्यवस्था कलंकित है। विगत 22/23 अप्रैल 2022 की रात गंगापार के थरवई थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में 4 लोगों की गला रेतकर की गई नृशंस हत्या विचलित करती है।
उक्त घटना में मृतकों में पति पत्नी, उनकी बेटी, गर्भवती बहू तथा एक 2 साल की मासूम पोती है। आशंका है विकलांग बेटी और पांच माह की गर्भवती बहू के साथ दुष्कर्म भी हुआ क्योंकि उनके शरीर के निचले हिस्से में कपड़े नहीं थे। हत्यारों ने घर में आग लगाकर अपना कुकृत्य छुपाने की कोशिश भी की।
प्रयागराज में अभी इसी अप्रैल महीने दो बार सामूहिक हत्याकाण्ड हो चुके हैं। 16 अप्रैल 2022 को नवाबगंज के खागलपुर में 5 लोगों की नृशंस हत्या हुई। इससे पूर्व 25 अक्टूबर 2021 को गोहरी गांव में एक परिवार के 4 लोगों की हत्या हुई। प्रयागराज में सीरियल किलिंग की इन हत्याओं से कानून व्यवस्था में गिरावट का अंदाजा होता है।
भाजपा सरकार कानून व्यवस्था के क्षेत्र में बुरी तरह विफल रही है। मुख्यमंत्री जी के तमाम दावे रोज हो रही हत्याओं से हवाई साबित हुए है। महिलाओं के साथ दुष्कर्म की तमाम घटनाएं राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो के रिकार्ड में दर्ज है। अपराध नियंत्रण के लिए समाजवादी पार्टी ने जो प्रयास किए थे उन्हें निष्क्रिय करके भाजपा ने जता दिया है कि उसकी नीयत अपराधियों को संरक्षण देने की है। सत्ता संरक्षित अपराधी आज प्रदेश भर में सक्रिय है।
रिपोर्ट-अंकुर गुप्ता

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