रोहतास 10 जनवरी 26*सासाराम में घिनौना काम करती थी 3 औरतें ! पलक झपकते माल साफ करने वाली महिलाएं 24 घंटे में गिरफ्तार ! इज्जतदार बनकर चुना लगाती थी !*
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सामाजिक प्रतिष्ठा और सभ्य आचरण की आड़ लेकर अपराध को अंजाम देने का एक चौंकाने वाला मामला सासाराम अनुमंडल के शिवसागर थाना क्षेत्र से सामने आया है। स्वर्ण व्यवसायी की दुकान से जेवरात चोरी के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश किया है।
शिवसागर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई महिलाओं में सुमन देवी, पति सुदामा पाण्डेय, ग्राम पाण्डेय डिही, थाना चेनारी, जिला रोहतास । सीमा देवी, पति लवकुश पाण्डेय, ग्राम औरईया, थाना शिवसागर, जिला रोहतास,
तथा निलावती कुँवर, पति स्वर्गीय चन्द्रभूषण पाण्डेय, ग्राम करौना, थाना बेलाव, जिला कैमूर शामिल हैं।
बताया गया कि ये महिलाएं खुद को संभ्रांत और इज्जतदार परिवारों से जुड़ा बताकर ज्वेलरी दुकानों में जाती थीं। जेवरात देखने के दौरान अवसर पाकर दुकानदार का ध्यान भटकातीं और पलक झपकते ही सामान गायब कर देती थीं।
घटना के संबंध में स्वर्ण व्यवसायी आदित्य कुमार सोनी ने दिनांक 08.01.2026 को शिवसागर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 01:30 बजे तीन अज्ञात महिलाएं उनकी दुकान पर आईं और चकमा देकर जेवरात चोरी कर लीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष शिवसागर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की गहन जांच की गई, जिससे तीनों महिलाओं की पहचान स्पष्ट हो सकी। इसके बाद उनके ठिकानों पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान चोरी गया माल भी बरामद किया गया, जिसमें चांदी की एक जोड़ी पायल और चांदी की एक मछली शामिल है। पूछताछ में महिलाओं ने अपने जुर्म को स्वीकार करते हुए सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कही।
इस मामले में शिवसागर थाना कांड संख्या 12/26, दिनांक 08.01.26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(5) एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर संदेश छोड़ती है कि बाहरी दिखावे और कथित सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर भरोसा करना कई बार भारी पड़ सकता है।
इस खबर को अन्य मीडिया संस्थानों द्वारा दबा दिया जाना भी वर्तमान भारत की स्तरहीन सेलेक्टिव पत्रकारिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
साथ ही, पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने आम नागरिकों में कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा भी मजबूत किया है।

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