February 25, 2026

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रायबरेली07सितम्बर23*पर्वतीय क्षेत्रों में भवन निर्माण में करें नियमों का पालन - शिवानी जैन एडवोकेट

रायबरेली07सितम्बर23*पर्वतीय क्षेत्रों में भवन निर्माण में करें नियमों का पालन – शिवानी जैन एडवोकेट

रायबरेली07सितम्बर23*पर्वतीय क्षेत्रों में भवन निर्माण में करें नियमों का पालन – शिवानी जैन एडवोकेट

ऑल ह्यूमन सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मोहन बहु मंजिला इमारतों को बनाई जाने पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। हिमाचल में भारी बारिश से हुए भूस्खलन के कारण भवनों के गिरने के हादसे सामने आ रहे हैं। इन हादसों के बाद उत्तराखंड सरकार पर दबाव बना हुआ है। प्रदेश के पहले चरण में 15 शहरों कामंसूरी,नैनीताल,उत्तरकाशी, अल्मोड़ा पिथौरागढ़ चंपावत आदि का अध्ययन किया जाएगा।
ग्लोबल ऑनर यूनिवर्सिटी डायरेक्टर ऑफ़ एकेडमिक डॉ कंचन जैन ने कहा कि पर्वतों में विकास की योजना बनाते हुए बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में ढलानों पर निर्माण से बचना चाहिए। भूस्खलन क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर भारी नुकसान हुआ है। भवन निर्माण के नियमों को पालन करने से आपदा को भी टाला जा सकता है।
प्राचीन मानवाधिकार काउंसिल सदस्य एवं मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन ने कहा कि पर्वतों में सड़क और सुरंगों का निर्माण, वनों की कटाई आदि से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई गांव तो आपदा की बाद हाशीए पर है। आसमान में बदल घिरते ही ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
सार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जी, शालू सिंह एडवोकेट, विमला देवी, श्रीराम अकाउंटस एंड लां इंस्टिट्यूट के निर्देशक डॉ नरेंद्र चौधरी, मां सरस्वती शिक्षा समिति के संरक्षक राकेश दक्ष एडवोकेट, आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, डॉ राजेंद्र कुमार जैन, राष्ट्रीय हिंदू महासभा भारत के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जैन, प्रशांत जैन, उपाध्यक्ष इं आकाश कुमार जी, रामबाबू वर्मा एडवोकेट, सागर उपाध्याय एडवोकेट, भगवा हिंदू युवा वाहिनी की नीति गुप्ता ने कहा कि पर्वतों का सीना छलनी किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण के समय नियमों का पालन करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव रंजीत सिन्हा ने बताया कि भूस्खलन का एक कारण पहाड़ों पर असंतुलित विकास कार्य है। जिसमें जल विद्युत योजनाएं और सड़कें भी शामिल है।
विशेषज्ञ एजेंसीयां पर्वतीय शहरों में खतरे की जिम्मेदार हर पहलू की जांच कर रही है जैसे की शहरों में कौन सा ऐसा स्थान है जहां निर्माण करना खतरनाक हो सकता है।
शिवानी जैन एडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ