March 12, 2026

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मुजफ्फरनगर 12 फ़रवरी 26*हरे-भरे आम के पेड़ों पर चल रही आरी, चरथावल की लक्कड मंडी में धड़ल्ले से पहुंच रही आम की लकड़ी*

मुजफ्फरनगर 12 फ़रवरी 26*हरे-भरे आम के पेड़ों पर चल रही आरी, चरथावल की लक्कड मंडी में धड़ल्ले से पहुंच रही आम की लकड़ी*

मुजफ्फरनगर 12 फ़रवरी 26*हरे-भरे आम के पेड़ों पर चल रही आरी, चरथावल की लक्कड मंडी में धड़ल्ले से पहुंच रही आम की लकड़ी*

जनपद मुजफ्फरनगर के चरथावल–थानाभवन मार्ग स्थित लकड़ मंडी में इन दिनों हरे-भरे आम के पेड़ों की लकड़ी बड़े पैमाने पर पहुंचने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र में लगातार आम के पेड़ों के कटान की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि लगभग एक सप्ताह पूर्व भी भारी मात्रा में आम की लकड़ी लक्कड मंडी में लाई गई थी। उस समय भी इस मामले को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन इसके बावजूद हरे-भरे पेड़ों का कटान रुकता दिखाई नहीं दे रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार एक बार फिर से कई ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से आम की लकड़ी मंडी में पहुंचाई गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरे-भरे आम के पेड़ों पर आरी चल रही है और बिना किसी रोक-टोक के उनकी लकड़ी मंडी तक पहुंचाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, जिससे जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पेड़ों के कटान की अनुमति नहीं है तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में आम की लकड़ी मंडी तक कैसे पहुंच रही है।

ग्रामीणों के अनुसार आम के पेड़ न केवल किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन होते हैं, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इन पेड़ों से क्षेत्र में हरियाली बनी रहती है और गर्मी के मौसम में यह वातावरण को ठंडा रखने में मदद करते हैं। ऐसे में यदि लगातार हरे-भरे फलदार पेड़ों का कटान होता रहा तो आने वाले समय में इसका गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव देखने को मिल सकता है।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि लकड़ी के इस कारोबार में कुछ लोग अवैध रूप से संलिप्त हैं, जो रात के समय या सुनसान स्थानों पर पेड़ों का कटान कर उनकी लकड़ी मंडी में बेच देते हैं। इस कारण सरकार की पर्यावरण संरक्षण संबंधी नीतियों और नियमों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है।
ग्रामीणों और क्षेत्र के जागरूक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और यदि हरे-भरे पेड़ों का अवैध कटान पाया जाता है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही लकड़ मंडी में आने वाली लकड़ी की भी जांच की जाए कि वह किस स्थान से और किस अनुमति के आधार पर लाई जा रही है।

Taza Khabar